>लताजी का यह गाना शायद आपने नहीं सुना होगा!

>

महफिल में मैने शुरू से कोशिश की है कि अनाम कलाकारों के बढ़िया गानों को सुनवा सकूं। आज इस कड़ी में लताजी के एक गाये को प्रस्तुत कर रहा हूँ।

यह गाना एक बहुत कम चर्चित फिल्म Filmstrip चार पैसे (1959) का है। इस फिल्म के मुख्य कलाकार किशोर कुमार, रूपमाला और निम्मी थे। फिल्म के निर्देशक एन के ज़िरी और संगीत निर्देशक थे वी डी बर्मन जिनका एस डी दा से कोई रिश्ता नहीं था। वीडी बर्मन के बारे में बहुत खोजने पर और कोई जानकारी नहीं मिली।

इस गीत को लिखा है सरताज ने जिनके बारे में भी कहीं कोई अन्य जानकारी उप्लब्ध नहीं है। अगर किसी श्रोता /पाठक को इन कलाकारों के बारे में कोई जानकारी हो तो हमें जरूर बतायॆं।

फिलहाल आप सुनिये इस मधुर गीत Note को जिसके बोल हैं “माझी मेरी नैया को जी चाहे जहाँ ले चल” यह गीत निम्मी पर फिल्माया गया है।

http://lifelogger.com/common/flash/flvplayer/flvplayer_basic.swf?file=http://mahaphil.lifelogger.com/media/audio0/638145_mucgocniji_conv.flv&autoStart=false

माझी नेरी नैया को जी चाहे जहाँ ले चल
ले चल… ले चल.. माझी
मेरी नैया को जी चाहे जहाँ ले चल..
ले चल…
चांद तारों के नगर में ले चल अपने साथ
मेरी किस्मत मेरा जीवन अब है तेरे हाथ
ले चल … ले चल.. माझी
जिंदगी के दो किनारे साहिल या मंझधार
इक तरफ है सारी दुनियाँ एक तरफ प्यार
ले चल.. ले च… माझी
मेरी नैया को जी चाहे जहाँ ले चल माझी

अपनी ब्लॉग पोस्ट में स्माईली कैसे लगायें

12 Comments

  1. shobha said,

    January 26, 2008 at 1:11 pm

    >बहुत प्यारा गीत है सागर भाई । मैने पहले इस गीत को नहीं सुना था । लता जी का हर गीत ही सुनने लायक होता है । एक सुन्दर गीत सुनवाने के लिये धन्यवाद ।

  2. रंजू said,

    January 26, 2008 at 1:29 pm

    >बहुत सुद्नर गीत है यह .इसको सुनाने के लियेधन्यवाद जी !

  3. Parul said,

    January 26, 2008 at 1:30 pm

    >wah..bahut meetha geet…koi yaad aagaya..shukriya naahar ji itna sundar geet sunvaaney ke liye

  4. mamta said,

    January 26, 2008 at 2:47 pm

    >पहले तो कभी नही सुना था पर सुनकर अच्छा लगा। इस गाने मे कुछ आएगा-आएगा आने वाला की झलक सी लगती है।

  5. January 26, 2008 at 4:21 pm

    >बहुत सुन्दर गीत, सुनवाने के लिये धन्यवाद!

  6. January 26, 2008 at 7:37 pm

    >लता जी का इतना सुन्दर गीत सुनवाने का शुक्रिया नाहर भाइ’सा —

  7. January 27, 2008 at 6:48 am

    >सचमुच नही सुना था कभी नाहर भाई, आभार आपका, सुंदर गीत है

  8. Manish said,

    January 27, 2008 at 4:58 pm

    >सुंदर प्यारा सा नग्मा..सुनवाने का शुक्रिया !

  9. January 28, 2008 at 2:49 pm

    >चार पैसे सन् १९५५ की फ़िल्म है.गाना सुनाने का आभार.

  10. January 31, 2008 at 10:19 am

    >सागर भाई,कुछ गाने ऐसे होते हैं जिनका हम कभी जिक्र तक नहीं सुनते हैं, मगर जब भी कभी वो हमारे कानों से टकराते हैं तो दिल में घर सा बना लेते हैं. चार पैसे फ़िल्म का ये गीत इसी तरह का एक गीत है. उस पर लता जी की आवाज़, मजा आ गया. शायद आपने इसे रेकॉर्ड कर लोड किया होगा तो रेकॉर्डिंग के वक्त पेज बदलने की आवाज़ बीच बीच में आ गयी है, या हो सकता है पहले से मौजूद रेकॉर्डिंग में ही उस तरह की आवाज़ रह गयी हो.खैर आपने इसे ख़ुद से रेकॉर्ड किया होगा तो इससे अनजान नहीं होंगे.धन्यवाद.

  11. Lata2love said,

    February 14, 2008 at 2:17 am

    >I love this song very much, how can i download this song. The songs form Sunhara kadam also nice that i havethx for nice songsaruna

  12. yunus said,

    February 16, 2008 at 11:40 am

    >मुझे ये गीत बहुत पसंद रहा है । अब यहां बार बार लौटना होगा इस‍के लिए ।


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