>महफिल की पहली वर्षगांठ और दो मधुर गीत

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जिसे सुन आप निश्चय ही प्रसन्न हो जायेंगे… और हाँ महफिल पर आज तक बजाये गये सारे गीतों के लिंक एक साथ।

देखते देखते महफिल को एक साल पूरा हो गया, पुराने गीतों को एक जगह एकत्रित करने का मन हुआ। कुछ मेरे संकलन में से , कुछ चोरी चकारी कर एकत्रित किये गये गीतों को फिलहाल कुछ खास श्रोतावर्ग नहीं मिला। शायद भारतिय शास्त्रीय संगीत पर आधारित इतने मधुर गीतों का जमाना अब नहीं रहा, पर मैं अपनी ही धुन में इस पर गीत चढ़ाये जा रहा हूँ। पिछले एक साल में ५० पोस्ट भी मैं इस पर नहीं पर चढ़ा पाया। खैर ..
आज पहली वर्षगांठ पर मैं अपनी सबसे पसंदीदा गीतों में से दो गाने यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ।
ये दोनों ही फिल्म आलाप के गीत हैं, आलाप फिल्म उन फिल्मों में से एक है जिनमें अमिताभ और सभी कलाकारों ने अपना सर्वश्रेष्‍ठ अभिनय किया। इस फिल्म में अमिताभ के अलावा दूसरी जो सबसे बड़ी खास बातें थी वह थी जयदेव जी का सीधे दिल में उतर जाने वाला संगीत, डॉ राही मासूम रज़ा और हरिवंशराय बच्चनजी का गीत और ऋषिकेश मुखर्जी का लाजवाब निर्देशन।
बहरहाल आज इस पहले जन्मदिन पर मुझे उचित यही लगा कि संगीत की देवी माँ सरस्वती, शारदा, विद्यादायिनी.. को नमन किया जाये लीजिये सुनिये यह मधुर प्रार्थना…इस धुन को जयदेवजी ने अलाउद्दीन खाँ साहब की धुन से प्रेरित होकर राग भैरवी में बनाया है, और इसे गाया है लताजी और दिलराज कौर ने।

http://sagarnahar.googlepages.com/player.swf
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आलाप फिल्म के इस दूसरे गीत को जब भी मैं सुनता हूँ पता नहीं क्यों आँखें नम हो जाती है। इस सुंदर गीत को गाया है दक्षिण के महान गायक डॉ के जे येसुदास ने। येसुदास हिन्दी बिल्कुल नहीं जानते पर इस गीत में उनका हिन्दी का उच्चारण कितना बढ़िया है।
यह हिन्दी फिल्मों का दुर्भाग्य ही है कि येशुदास जैसे कलाकारों से हिन्दी में ज्यादा गाने नहीं गवा सके।
अगर मुझे हिन्दी फिल्मों के शीर्ष १०० गीतों की सूचि बनाने को कहा जाये तो निश्चय ही इस गीत का क्रमांक बहुत ऊपर होगा।

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इन दोनों गीतों को सुनने के बाद बताईये कि ये दोनों गीत आपको कैसे लगे?
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अब प्रस्तुत है पिछले साल में प्रकाशित सारी पोस्ट के लिंक एक ही जगह

एक दुर्लभ गाना पहाड़ी सान्याल/ कानन देवी की आवाज में
ज्युथिका रॉय का गाया एक गाना – चुपके चुपके बोल
सरस्वतीदेवी का दुर्लभ गाना
क्या आपने मुबारक बेगम का यह गाना सुना है ?
ये किसके इशारे जहाँ चल रहा है?
कुछ और ज़माना कहता है, कुछ और है जिद मेरे दिल की
एम कांई दिलीप कुमार बनातु नथी- युसुफ़ साहब की आवाज में एक गाना सुनिये
क्या आपने इरा नागरथ के गाने सुने हैं?
सपना बन साजन आये और बीता हुआ एक सावन… वाह जमाल सेन
गाना जो आप बार बार सुनना चाहेंगे
गायकी में शोहरत की बुलंदियों से किराना की दुकानदारी तक: जी एम दुर्रानी
पाकिस्तान के महान गायक सलीम रज़ा का एक मधुर गाना
चार महान गायकों के पहले गाने
मशहूर गायक जिन्हें अंतिम दिनों में भीख तक मांगनी पड़ी
प्रिय पापा अब तो आपके बिना……. (गुजराती गीत)
आ मुहब्बत की बस्ती बसायेंगे हम
श्याम म्हाने चाकर राखोजी- तीन स्वरों में मीरां का एक भजन
दुनिया ये दुनिया, तूफान मेल — हिन्दी और बांग्ला में सुनिये
दीकरो मारो लाडकवायो: एक सुंदर गुजराती लोरी (गुज्रराती)
लताजी का यह गाना शायद आपने नहीं सुना होगा!
भूल सके ना हम तुम्हें: मन्ना डे द्वारा संगीतबद्ध गीत
दिले नाशाद को जीने की हसरत हो गई तुमसे… एक खूबसूरत मुजरा (गज़ल)
तेरी आँखों को जब देखा, कँवल कहने को जी चाहा – मेहदी हसन की एक उम्दा गज़ल-
ओ वर्षा के पहले बादल: जगमोहन
दो मधुर होली गीत …
शबाब (१९५४) फ़िल्म के तीन मधुर गीत !!!
संगीतकार रोशन साहब का एक ही धुन का दो फिल्मों में सुंदर प्रयोग !!!
प्यारी तुम कितनी सुंदर हो: जगमोहन
ये ना थी हमारी किस्मत के विसाले यार होता : नूरजहाँ और सलीम रज़ा
रोने से और इश्क़ में बेबाक हो गये
ऋतु आये ऋतु जाये सखी री… चार रागों में ढ़ला एक शास्त्रीय गीत
देवता तुम हो मेरा सहारा: रफी साहब के साथ भी
दे उतनी सज़ा- जितनी है खता.. सलीम रज़ा
इस दिल से तेरी याद भुलाई नहीं जाती… रफी साहब
लाई किस्मत आँसुओं का जाम क्यूं..?
प्रीत में है जीवन: सहगल साहब का एक और यादगार गीत !!!
मिला दिल, मिल के टूटा जा रहा है
हमारी ख़ाक में मिलती तमन्ना देखते जाओ: राग हंसकिंकिनी पर आधारित एक गीत
अनिल दा की पुण्य तिथी पर उन्ही की आवाज में गाया हुआ एक गीत
ऐ मेरे हमसफर: अभिनेत्री नूतन का गाया एक दुर्लभ गीत
स्वतंत्रता दिवस पर किशोर कुमार का गाया हुआ एक बेशकीमती और दुर्लभ गीत !!
बादल देखी डरी हो स्याम…. ज्यूथिका रॉय
ना ना बरसो बादल , आज बरसे नैन से जल: लताजी
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25 Comments

  1. yunus said,

    August 21, 2008 at 4:38 am

    >सागर भाई ‘गीतों की महफिल’ की वर्षगांठ मुबारक हो । आपकी शिकायत जायज़ है । पर आप मेहनत करते रहिए । आपके इस चिट्ठे का आकलन देर से ही सही पर होगा ज़रूर । दरअसल पुराने गानों के क़द्रदान अभी भी बहुत हैं । लेकिन दिक्‍कत ये है कि इनमें से कई इंटरनेट पर नहीं हैं । और अगर हैं तो वो हिंदी में सर्च नहीं करते । अब आज की पोस्‍ट के बारे में । आपने सही मौक़े पर सही गाने लगाए हैं । दोनों ही गीत मुझे बेहद प्रिय हैं । साथ में जो लिंकित सूची दी है । उसके तो कहने ही क्‍या । ये हमारे लिए एक डायरेक्‍ट्री की अहमियत रखती है । अब डाउनलोड लिंक देना शुरू करने की परंपरा भी बनाए रखिएगा । फिर शुभकामनाएं ।। 🙂

  2. August 21, 2008 at 4:52 am

    >साल मुबारक ..गीतों की यह महफ़िल यूँ ही सजती रहे यह लिस्ट बहुत काम आएगी गाने सुनने के लिए ..आपकी मेहनत प्रशंसा के योग्य है ..

  3. seema gupta said,

    August 21, 2008 at 5:05 am

    >”congrates for completion of one year, great efforts”Regards

  4. August 21, 2008 at 5:25 am

    >”गीतों की महफिल” की वर्षगांठ मुबारक हो.आपके निस्वार्थ प्रयास को हमारा नमन .

  5. mamta said,

    August 21, 2008 at 6:08 am

    >गीतों की महफ़िल की पहली वर्षगाँठ बहुत-बहुत मुबारक हो ।दोनों गीत एक से बढ़कर एक।

  6. annapurna said,

    August 21, 2008 at 6:35 am

    >गीतों की महफ़िल के एक साल पूरा होने की बधाई !मुझे दोनों गीत पसन्द है जिनमें से यसुदास के गीत के बोलों को मैनें अपने चिट्ठे पुरवाई पर रखा था क्योंकि तकनीकी कमज़ोरी से मैं आडियो लिंक नहीं कर पाई थी।

  7. August 21, 2008 at 6:52 am

    >माता सरस्वती शारदा यह गाना मुझे भी बहुत प्रिय हैं ,आपको बहुत बहुत बधाई और आभार

  8. August 21, 2008 at 7:02 am

    >बडे भईया… महफिल का जन्मदिन मुबारक हो, और हाँ आपको पता है ना कि मै भले टिप्पणी नही करती पर गाने सारे सुनती हूँ, और अपना एक फेवरेट काम भी करती हूँ… :Pआज इत्ते सुन्दर गाने हैं और ऐसे गाने है कि अपना वो फेवरेट वाला काम नही कर सकती… इसलिये अगले पोस्ट का इंतजार रहेगा।यूँ महफिल सजाते रहिये… और मै तो हमेशा साथ रहूँगी।

  9. August 21, 2008 at 8:40 am

    >भाई वाह ढेरो शुभकामनाये ओर गीत के लिए शुक्रिया….

  10. August 21, 2008 at 1:53 pm

    >’गीतों की महफिल’ की वर्षगांठ मुबारक हो, ढेरो शुभकामनाये !!

  11. Manish Kumar said,

    August 21, 2008 at 3:13 pm

    >Ek saal poora karne ke liye bahut bahut badhai. Yesudas ka behad pyara geet sunaya aapne . shukriya aapka.

  12. August 21, 2008 at 4:48 pm

    >सरस्वती वँदना बेजोड है और दूसरा गीत भी अलभ्य ! अन्य गीतोँ की सूची भी लजवाब आपको बधाई !गीतोँ की महफिल आबाद रहे यही कामना है ! इसी तरह सँगीत साधना करते रहीये ..- लावण्या

  13. Parul said,

    August 21, 2008 at 5:27 pm

    >badhaayi…aapkey yahan se adhbhut geet sun ney miltey hain…shubhkaamnayen

  14. Sujayita said,

    August 21, 2008 at 8:38 pm

    >Many congratulations on the first anniversary of the blog. Thanks for the lovely music. 🙂

  15. August 21, 2008 at 8:44 pm

    >प्रिय सागर भाईजी,गीतों की महफ़िल के १ साल पूरा होने पर आपको हार्दिक बधाई । लोग भले ही टिप्पणियाँ कम करें लेकिन पुराने गीतों को खोजते हुये यहाँ जरूर आयेगें और आपके प्रयासों को तहेदिल से सराहेगें ।

  16. RA said,

    August 22, 2008 at 12:45 pm

    >’जयदेव जी का सीधे दिल में उतर जाने वाला संगीत’:आपका कहना बिल्कुल सही है|धन्यवाद,ऐसे सुमधुर, सुशीतलकारी संगीत को अपने ब्लॉग की वर्षगाँठ पर सुनवानें का |आपका ब्लॉग जितने सरस गीत पोस्ट करता है उतना ही इसका design और layout भी सुंदर है |

  17. August 22, 2008 at 2:24 pm

    >सागर भाई आपको बधाईयाँ, एक ही विषय पर इतना बेहतरीन लिखना आपके ही बस की बात है, दोनो ही गीत शानदार हैं, और येसुदास के तो क्या कहने, हिन्दी फ़िल्म इंडस्ट्री ने उनकी सही कदर नहीं की…

  18. August 22, 2008 at 8:11 pm

    >सागर साहब, धन्यवाद इतने सुन्दर गीत सुनाने के लिये, खास कर यह दो गीत तो बहुत ही प्यारे ल्गे, ओर आप के बांल्ग के जन दिन की भी बहुत बहुत बधाई.

  19. August 23, 2008 at 8:28 am

    >सालगिरह मुबारक।

  20. August 24, 2008 at 1:04 pm

    >सालगिरह की शुभकामनायें। सारे गीतों की सूची बहुत ही काम की है, धन्यवाद!!

  21. surabesura said,

    August 25, 2008 at 11:03 am

    >सागर भाई , महफ़िल बनी रहे , सजी रहे ,गूँजती रहे।

  22. August 25, 2008 at 11:07 am

    >बहुत सारी बधाइयाँ , सारे के सारे लिंक एक ही जगह पर हैं , डाउनलोड करते-२ समय का पता ही नही चला । आपका बहुत-२ धन्यवाद !!

  23. August 25, 2008 at 10:13 pm

    >bahut bahut badhayee aap sabhi ko barshgaanth ke liye aur aapki kamyabi ke liye.giton ko download karne wala option bahut pasand aayaa.gr8 gr8 work.

  24. Anonymous said,

    August 26, 2008 at 11:07 am

    >श्री सागरभाई,गीतोँ की महफ़िल की साल गिरह मुबारक । पर् एक बात कहना काहता हूँ, कि गाने बहूत सुन्दर होते है, पर जब आसानी से नहीं मिलने वाले होते है तब उन गानों का आकर्षण ज्यादा रहता है चाहे वे थोड़े से कम अच्छे भी हो । जब आपने मन्ना डे साहब के सँगीत निर्देसन मेँ लता जी का गाना प्रस्तूत किया था तो मैंनेँ कई दिनो के बाद भी अपने निज़ी सिस्टम पर रेकोर्ड किया है ।वैसे यह ब्लोग आज कल रेडियोनामा से भी ज्यादा चहीता हुआ दिख़ाई दे रहा है । लोगोको पढ़ने की बजाय सुनने का मज़ा ज्यादा आता लगता है ।पियुष महेता सुरत्

  25. Kedar said,

    August 30, 2008 at 8:41 am

    >सागरजी, महफिल की वर्षगाठ की ह्रदय से शुभकामना. आप ऐसे ही बेहतरीन गाने का रसास्वाद हमको कराये ऐसी शुभेच्छा.


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