>मल्लिका-ए- तरन्नुम नूरजहाँ के जन्मदिन पर विशेष

>एक जुगलबंदी और एक दुर्लभ गीत


आज मल्लिका ए तरन्नुम नूरजहां का जन्म दिन है। अपने जीवन के २१वें साल में नूरजहाँ ने भारत और हिन्दी फिल्में छोड़ दी और बँटवारे की वजह से पाकिस्तान चली गई। पाकिस्तान में भी उन्होने कई फिल्मों में काम किया, बहुत गाया पर मेरे मन में एक टीस है कि काश नूरजहां भारत में होती तो हमारे पास दो दो अनमोल रत्न होते। लता जी और नूरजहाँ।
लता मंगेशकर भी नूरजहाँ को अपना गुरु मानती हैं। आईये नूरजहाँ के स्वर में दो बढ़िया गीत सुनते हैं। पहला एक शास्त्रीय आलाप है। नूरजहाँ ने इस में सलामत अली खाँ साहब के साथ जुगलबंदी की है। यह कौनसा राग है हमें नहीं पता, शायद पारुलजी या मानोशीजी कुछ मदद कर सकें।

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और इस दूसरे गीत को नूरजहाँ ने अपनी बुलंद आवाज में गाया है। यह फिल्म बड़ी माँ से है। यह गीत ज़िया सरहदी ने लिखा और संगीतबद्ध किया दत्ता कोरेगाँवकर (के. दत्ता) ने।

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आ इंतज़ार है तेरा, दिल बेक़रार है मेरा
आजा न सता और, आजा न रुला
और आजा कि तू ही है मेरी उम्मीद का तारा
उम्मीद का तारा संगम
मेरी ख़ुशियों का निगाहों का सहारा
आ इंतज़ार है तेरा, दिल बेक़रार है

मेरा आकर मेरी जागी हुई रातों को सुला दे
खो जाऊँ, खो जाऊँ मुझे ऐसा कोई गीत सुना दे
आ इंतज़ार है तेरा, दिल बेक़रार है मेरा

अब और सितम, अब और सितम हम से उठाए नहीं जाते
और राज़ मोहब्बत के, और राज़ मोहब्बत के छुपाए नहीं जाते
छुपाये नहीं जाते
आ इंतज़ार है तेरा, दिल बेक़रार है मेरा

अभी पता नहीं कितने ऐसे संगीतकार हैं जिन्होने इतने बढ़िया गीत रचे और हमें उनके नाम तक नहीं पता। भविष्य में ऐसे ही और संगीतकारों के गीत महफिल में सुनाये जायेंगे।

12 Comments

  1. September 21, 2008 at 4:42 am

    >bahut hii khaas post, thanks!

  2. September 21, 2008 at 9:24 am

    >बहुत ही अच्छा लगा इस को सुन कर ..शुक्रिया

  3. September 21, 2008 at 10:31 am

    >धन्यवाद इस सुन्दर जानकारी के लिये, ओर सुन्दर गीतो के लिये

  4. September 21, 2008 at 11:21 am

    >બન્ને સરસ છે . આભાર .

  5. September 21, 2008 at 12:42 pm

    >शुक्रिया सागर भाई !! नायाब तोहफ़ा है नूरजहाँ जी के जन्म दिन पर !

  6. September 21, 2008 at 2:11 pm

    >मलिका ए तरन्‍नुम नूरजहां की आवाज़ गांव की मिठाई है और लता जी की आवाज़ शहर की मिठाई । बहुत दिनों बाद हमने गांव की मिठाई का स्‍वाद लिया । शुक्रिया ।

  7. September 21, 2008 at 3:25 pm

    >नूरजहाँजी के बारे में विविध भारती पर एक बार सुना था… धन्यवाद इस प्रस्तुति के लिए.

  8. मीत said,

    September 21, 2008 at 5:11 pm

    >सागर भाई .. मन खुश हो गया …..

  9. anitakumar said,

    September 21, 2008 at 5:59 pm

    >सागर जी नूरजहां जी के बारे में इस जानकारी के लिए धन्यवाद, वो रजिया सुल्ताना पिक्चर का भी गाना सुनवाइए ना, उस पिक्चर के तो सभी गाने एक से बढ़ कर एक हैं।

  10. September 21, 2008 at 9:47 pm

    >सुन्दर जानकारी. बहुत अच्छा लगा पढ़कर.

  11. September 23, 2008 at 11:05 pm

    >Sagarbhaivery nice presentation. Thanx a lot.-Harshad JanglaAtlanta, USA

  12. March 9, 2009 at 7:39 am

    >अरे भाई हौसला अफजाई तो आप हमारी कर रहे हैं.बहुत ख़ुशी हुई इतनी उम्दा पसंद वाले लोगों को एक साथ पाकर.keep it up.


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