दीपावली की शुभकामनाएं :एक चिंतन


दीपावली की धूमधाम भरी तैयारीयों में इस बार श्रीमती गुप्ता ने डेरों पकवान बनाए सोचा मोहल्ले में गज़ब इम्प्रेशन डाल देंगी अबके बरस बात ही बात में गुप्ता जी को ऐसा पटाया की यंत्र वत श्री गुप्ता ने हर वो सुविधा मुहैय्या कराई जो एक वैभव शाली दंपत्ति को को आत्म प्रदर्शन के लिए ज़रूरी था । इस “माडल” जैसी दिखने के लिए श्रीमती गुप्ता ने साड़ी ख़रीदी गुप्ता जी को कोई तकलीफ न हुई । घर को सजाया सवारा गया , बच्चों के लिए नए कपडे यानी दीपावली की रात पूरी सोसायटी में गुप्ता परिवार की रात होनी तय थी । चमकेंगी तो गुप्ता मैडम,घर सजेगा तो हमारी गुप्ता जी का सलोने लगेंगे तो गुप्ता जी के बच्चे , यानी ये दीवाली केवल गुप्ता जी की होगी ये तय था । समय घड़ी के काँटों पे सवार दिवाली की रात तक पहुंचा , सभी ने तय शुदा मुहूर्त पे पूजा पाठ की । उधर सारे घरों में गुप्ता जी के बच्चे प्रसाद [ आत्मप्रदर्शन] पैकेट बांटने निकल पड़े । जहाँ भी वे गए सब जगह वाह वाह के सुर सुन कर बच्चे अभिभूत थे किंतु भोले बच्चे इन परिवारों के अंतर्मन में धधकती ज्वाला को न देख सके ।
ईर्ष्या वश सुनीति ने सोचा बहुत उड़ रही है प्रोतिमा गुप्ता ……. क्यों न मैं उसके भेजे प्रसाद-बॉक्स दूसरे बॉक्स में पैक कर उसे वापस भेज दूँ ………. यही सोचा बाकी महिलाओं ने और नई पैकिंग में पकवान वापस रवाना कर दिए श्रीमती गुप्ता के घर ये कोई संगठित कोशिश यानी किसी व्हिप के तहत न होकर एक आंतरिक प्रतिक्रया थी । जो सार्व-भौमिक सी होती है। आज़कल आम है …………. कोई माने या न माने सच यही है जितनी नैगेटीविटी /कुंठा इस युग में है उतनी किसी युग में न तो थी और न ही होगी । इस युग का यही सत्य है।
{इस युग में क्रान्ति के नाम पर प्रतिक्रया वाद को क्रान्ति माना जा रहा है जो हर और हिंसा को जन्म दे रहा है }
दूसरे दिन श्रीमती गुप्ता ने जब डब्बे खोले तो उनके आँसू निकल पड़े जी में आया कि सभी से जाकर झगड़ आऐं किंतु पति से कहने लगीं :-“अजी सुनो चलो ग्वारीघाट गरीबों के साथ दिवाली मना आऐं

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6 Comments

  1. समयचक्र - महेद्र मिश्रा said,

    October 28, 2008 at 7:57 am

    दीवाली पर्व पर हार्दिक शुभकामना और बधाई आपका भविष्य उज्जवल हों की कामना के साथ..

  2. Udan Tashtari said,

    October 28, 2008 at 9:19 am

    आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

    समीर लाल
    http://udantashtari.blogspot.com/

  3. manvinder bhimber said,

    October 28, 2008 at 10:11 am

    आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

  4. mahashakti said,

    October 29, 2008 at 1:22 am

    अच्छा प्रसंग है, आपको, आपके परिवार एवं मित्र जनों के लिये दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं।

  5. गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" said,

    October 29, 2008 at 3:58 am

    SABHI KO दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.
    इस प्रसंग की प्रस्तुति
    का आधार ही नकारात्मकता के लोक व्यापी होने की सूचना से अवगत कराना है
    पुन:गोवर्धन पूजन के लिए सभी को शुभ कामनाएं

  6. Anonymous said,

    October 29, 2008 at 9:51 am

    bhai ye bhee khoob kahee\
    rajeev mehara
    bhopal


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