परसाई के शहर में व्यंग्य की परिभाषा खोजतीं खाली खोपडी


चित्र साभार


सुना है इन दिनों शहर व्यंग्य की सही और सटीक परिभाषा में उलझा हुआ है।
बवाल जी ने फोन पे पूछा – भैया ये सटायर की कोई नई परभाषा हो गई है क्या ?
अपन तो हिन्दी और साहित्य की ए बी सी डी नहीं जानते न ही ब्लागिंग की समझ है अपन में , न ही अपनी किसी ब्लागिंग के पुरोधा से ही गिलास-मंग्घे स्तर तक पहंच हैं जो कि उनकी बात का ज़बाव दे सकें सो अपन ने कहा भाई आप तो अपने बीच के लाल बुझक्कड़ हैं उनसे पूछा जाए ।
तभी हमने सड़क पर एक बैसाख नन्दन का दूसरे बैसाख नन्दन का वार्तालाप सुना {आपको समझ में नहीं आएगी उनकी आपसी चर्चा क्योंकि अपने भाई बन्दों की भाषा हम ही समझ सकतें हैं ।} आप सुनना चाहतें हैं……….?
सो बताए देता हूँ हूँ भाई लोग क्या बतिया रहे थे :
पहला :-भाई ,तुम्हारे मालिक ने ब्राड-बैन्ड ले लिया ..?
दूजा :- हाँ, कहता है कि इससे उसके बच्चे तरक्की करेंगें ?
पहला :-कैसे ,
दूजा :- जैसे हम लोग निरंतर तरक्की कर रहे हैं
पहला :-अच्छा,अपनी जैसी तरक्की
दूजा :- हाँ भाई वैसी ही ,उससे भी आगे
पहला :-यानी कि इस बार अपने को
दूजा :-अरे भाई आगे मत पूछना सब गड़बड़ हो जाएगा
पहला :-सो क्या तरक्की हुई तुम्हारे मालिक की
दूजा :- हाँ,हुई न अब वो मुझसे नहीं इंटरनेट के ज़रिए दूर तक के अपने भाई बन्दों से बात करता है। सुना हैकि वो परसाई जी से भी महान हो ने जा रहा है आजकल विश्व को व्यंग्य क्या है हास्य कहाँ है,ब्लॉग किसे कहतें हैं बता रहा है।
पहला :-कुछ समझ रहा हूँ किंतु इस में तरक्की की क्या बात हुई ?
दूजा :- तुम भी, रहे निरे इंसान के इंसान ………!!

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5 Comments

  1. महामंत्री - तस्लीम said,

    March 28, 2009 at 6:30 am

    बहुत खूब।

    ———-
    तस्‍लीम
    साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन

  2. संजय तिवारी ’संजू’ said,

    March 28, 2009 at 6:32 am

    बहुत sundar शुभकामनाएं

  3. mahashakti said,

    March 28, 2009 at 11:05 am

    झक्कास, वाह मान गये आपकी लेखनी को, बहुत अच्‍छी तरह प्रस्‍तुत किया है। इस ब्राडबैंड ने तो हर घर में परसाई पैदा कर दिये है।

  4. "मुकुल:प्रस्तोता:बावरे फकीरा " said,

    March 28, 2009 at 11:26 am

    bhai pramendr
    aap ko blogar’s meet
    yaad hai n …?
    mamalaa vahee hai
    parsai ka “p” bhee
    n samajhane valon ke haath satayar ka chakoo lag gaya hai

  5. Tara Chandra Gupta "MEDIA GURU" said,

    March 30, 2009 at 7:10 pm

    kya teer mara hai sir.


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