>जग कहता मैं हूं अंधी-मैं कहती अंधा जग सारा: मन्नाडे द्वारा संगीतबद्ध एक और गीत

>आपको याद होगा मैने पिछले साल आपको मन्नाडे द्वारा संगीतबद्ध एक मधुर गीत “भूल सके ना हम तुझे”
सुनवाया था। उस गीत से पता चलता है कि मन्नाडे कितने गुणी, कितने विद्वान कलाकार हैं। गायक होने के साथ वे कितने बढ़िया संगीतकार मन्नादा हैं हमें पता ना था।
ओर्कुट में मेरी एक मित्र हैं रिचा विनोद! वे हिन्दी गीतों की बहुत बड़ी संग्राहक होने के साथ बहुत बड़ी प्रशंसिका हैं। बहुत सारे पुराने गाने उनके विशाल संग्रह में है। मैने मेल से यह गीत रिचाजी को भेजा था, तो मेल के प्रत्युतर में रिचाजी ने मुझे मन्नादा के संगीतबद्ध दो गीत और भेज दिये। बंदा तो खुश खुश!!
वे दो गीत निम्न है
जग कहता है मैं हूं अंधी- गीतकार प्यारे लाल संतोषी- फिल्म नैना 1953 और नहीं मालूम कि पिया जब से मिले तुम गीतकार कवि प्रदीप_ फिल्म चमकी। दूसरे गीत की ऑडियो क्वालिटी इतनी खास नहीं है और गाना का संगीत -गीत भी औसत सा ही है, परन्तु जग कहता मैं अंधी गीत बहुत ही मधुर है और ऑडियो भी ठीक है सो मुझे लगा यह गीत आपको भी सुनवाना चाहिये।
इस सुन्दर गीत को भेजने के लिये रिचा जी का बहुत बहुत धन्यवाद।

http://sagarnahar.googlepages.com/player.swf
Download Link: Jag Kehta Hai Mai Andhi_Lata_MannaDey_PLSantoshi_Naina1953.mp3

http://fb.esnips.com//escentral/images/widgets/flash/note_player.swf
Jag Kehta Hai Mai …

जग कहता है मैं हूं अंधी
मैं कहती अंधा जग सारा
मैने ज्योत जगा ली उनकीऽऽ
खोकर आंखों का उजियारा

दूनिया ना देखूं में
देखूं तो है दिनराती
मैं देखूं…

ओ मेरे तनमन, ओ मेरे जीवन
ओ मेरे साथी
देखूं तो दिन राती, मैं देखूं…

आंखों वाले अंधे हैं वोऽऽ
जो खुद को पहचान ना पाये-२
मैं तुमको पहचान गई रे-२
जगा प्रीत की बाती
मैं देखूं तो है दिन राती, मैं देखूं…

अपने अपने रंग में दुनियाऽऽ
अपना अपना राग सुनाये-२
अपनी लगन का ले एक तारा
तेरे गीत नित गाती
मैं देखूं तो है दिन राती, मैं देखूं…

7 Comments

  1. April 27, 2009 at 6:25 am

    >The link to download isn’t working!

  2. April 27, 2009 at 6:38 am

    >कासिम भाई,कषमा चाहता हूं, लिंक पूरा नहीं लग पाया था, अब सुधार दिया है। आप डाउनलोड कर सकते हैं।

  3. April 27, 2009 at 7:22 am

    >Nahar Sahab, ab bhi download naheen ho raha! Error show kar rahaa hai “File Not Found”

  4. April 27, 2009 at 7:37 am

    >मैने डाउनलोड कर देखा, एकदम सही हो रहा है। फिर भी कोई बात नहीं…..आप अपना मेल आई डी बतायें, मैं मेल में भेज देता हूँ।

  5. April 27, 2009 at 2:37 pm

    >कितनी महीन और सुरीली आवाज़ है दीदी की – ये गीत पहले कभी सुना नहीँ था – इस्लिये आनँद दुगना हो गया – आभार सागर भाई’स्सा ..- लावण्या

  6. April 27, 2009 at 6:34 pm

    >Aakhirkaar download ho hi gayaa! Shukriyaa Nahar Sahab iss khoobsoorat geet ke liye.

  7. Aditya said,

    May 25, 2009 at 3:56 am

    >kya aap mujhe ‘nahin maloon ki piya’ mail kar sakte hain? mera id hai pantaditya@gmail.com


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