>अब कहाँ सुनने को मिलता है ऐसा भरा-पूरा मालकौंस ?-२

>पिछले दिनों संजय पटेल जी ने संगीत मार्तण्ड ओमकारनाथ ठाकुर जी के स्वर में राग मालकौंस में रची बंदिश पग घुंघरू बांध मीरा नाची रे.. सुनवाई और शीर्षक में एक हल्की सी शिकायत कर दी कि अब कहाँ सुनने को मिलता है ऐसा भरा-पूरा मालकौंस ? उनकी शिकायत जायज भी तो है।
इस कड़ी में मैं भी यही शिकायत्त करना चाहूंगा साथ ही आपको राग मालकौंस की एक और बंदिश सुनवाना चाहूंगा। यह बंदिश लता मंगेशकर जी ने खुद द्वारा निर्मित मराठी फिल्म कंचन गंगा में गाई है। संगीतकार हैं पं वसंत देसाई।
आईये सुनते हैं…
http://www.divshare.com/flash/playlist?myId=7892525-81b

यूट्यूब लिंक

Download Link

http://www.esnips.com//escentral/images/widgets/flash/note_player.swf
Shyam sundar roop …

क्या बंदिश सुनने के बाद भी संजय भाई जी का प्रश्‍न अनुत्तरित ही रहा कि अब कहाँ सुनने को मिलता है ऐसा भरा-पूरा मालकौंस?

_____________________________________________________________________________________

Advertisements

4 Comments

  1. July 13, 2009 at 7:08 am

    >बहुत ही सुंदर भजन आप ने सुबह सुबह सुनवाया, धन्यवाद

  2. July 13, 2009 at 7:30 am

    >sundar

  3. July 14, 2009 at 6:28 am

    >अब ये दुर्लभ गीत ही तो रह गये है. हमें हर सू क्या क्या सुनने को मिल रहा है.प्रस्तुत गीत कालातीत है.

  4. July 19, 2009 at 5:45 pm

    >सागर भाई चित्रपट क्षेत्र के गुणी संगीतकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की जो सेवा की है वह अविस्मरणीय हैं.लताजी ने भी क्या कमाल के करिश्मे किये हैं यह बंदिश भी उसकी पुष्टि करती है.वाक़ई ये प्रस्तुति काल से परे है.


Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: