>जीने का फंडा और अध्यात्म

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जिंदगी है तो समस्याएं बनी रहेगी । समस्याएं हमेशा के लिए समाप्त हो जाएं, इसमें पूरी ताकत झोंकने से अच्छा है कि समाधान की कला सीखने में ऊर्जा लगाई जाए। समाधान का ही एक नाम है उपाय। आपको सांसारिक समस्याएं निपटानी हो या आध्यात्मिक, उपाय की आवश्यकता जरूर पड़ेगी। सबके अपने-अपने इलाज हैं , तरकीब और तरीके हैं। स्कंद पुराण के अवंति खंड में चलते हैं। यहां श्रीसत्यनारायणव्रतकथा का वर्णन है। इसमें आरंभ में ही विष्णुजी और नारद का एक वार्तालाप आया है।
केनोपायेन चैतेषां दु:खनाशो भवेद् ध्रुवम् यानी किस उपाय से इनके दुखों का नाश हो सकता है। इसी उपाय को आजकल की भाषा में फंडा बोलते हैं। आज हर स्तर पर उपाय की आवश्यकता है। अर्जुन का उपाय श्रीकृष्ण थे, सुग्रीव का उपाय श्रीहनुमान रहे। बहुत छोटे-छोटे आध्यात्मिक उपाय बड़े-बड़े परिणाम दे देते हैं।
जब हम अशांत होते हैं तो शांति अपने आसपास या दूसरों से प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। दूसरों पर मत टिकें, खुद पर रुकें। दूसरों में प्रवेश से अच्छा होगा, खुद के भीतर गहरे उतर जाएं। बहुत सूक्ष्म में जाने पर पाते हैं कि हमारी अशांति का कारण हम ही हैं।
इसलिए अशांति के दौर में अपना ही अवलोकन करें। अपने ही पर्यवेक्षक बन जाएं। अपने प्रति एक अनुसंधान की दृष्टि और वृत्ति रखें। यह छोटा सा उपाय स्वयं के प्रति तटस्थ दर्शन और दुनिया के प्रति तटस्थ भाव होगा। यहीं से आप कर्ता की जगह दृष्टा बन जाएंगे और यह उपाय शतप्रतिशत शांति दे जाएगा।
shivendu rai (rai sahab)
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