>इस षडयंत्र में कौन शामिल?

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असफलताओं से लड़ता
मुश्किलों से गुजरता
सीने में दबाये हौसला
चल रहा हूं अंतहीन रास्तों पर
डगमगाते पैरों से अपने
सूनी उन मंजिलों में
सपने है खुबशुरत मगर
टूट जाने का भी है डर
जिन रास्तों को चुनता हूं
कांटे वहाँ बिछ जाते हैं
चुभते हैं मेरे पैरों में
पर कराहता है मेरा दिल
पता नहीं इस षडयंत्र में
कौन शख्स है शामिल
खुद खुदा है या फिर शैतान
आज समझ के तू पहचान
अगर दोषी शैतान होगा
तो मुजरिम उसे ठहराउंगा
मगर खुदा का नाम आया तो
दोषी मैं खुद बन जाउंगा

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