>प्रिय अमुचा एक महाराष्ट्र देश हा : महाराष्‍ट्र का राज्य गीत

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भारत के राष्‍ट्रगान एवं राष्‍ट्र गीत की तरह के भारत के कई राज्यों ने कुछ गीतों को राज्य गीत का सा दर्जा दे रखा है। फिलहाल आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र इन दो राज्यों के राज्य गीत मेरे ध्यान में है और संयोग से मेरे संग्रह में भी है। आज आपको इसकी पहली कड़ी में महाराष्ट्र का गीत सुनवा रहा हूँ यह गीत श्रीपादकृष्ण कोल्हटकर (shripad krshna kolhatkar) ने लिखा है और संगीतकार शायद पं हृदयनाथ मंगेशकर हैं। इसे गाया है लता जी, ऊषा जी और हृदयनाथ मंगेशकर ने।

आईये सुनते हैं।

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बहु असोत सुंदर संपन्न की महा
प्रिय अमुचा एक महाराष्ट्र देश हा

गगनभेदि गिरिविण अणु नच जिथे उणे
आकांक्षांपुढति जिथे गगन ठेंगणे
अटकेवरि जेथील तुरंगि जल पिणे
तेथ अडे काय जलाशय नदाविणे
पौरुषासि अटक गमे जेथ दु:सहा

प्रासाद कशास जेथ हृदयमंदिरे ( प्रस्तुत गीत में लाल रंगों से लिखी लाईने नहीं है)
सद्भावांचीच भव्य दिव्य आगरे
रत्नां वा मौक्तिकांहि मूल्य मुळी नुरे

रमणईची कूस जिथे नृमणिखनि ठरे
शुद्ध तिचे शीलहि उजळवि गृहा
नग्न खड्ग करि, उघडे बघुनि मावळे
चतुरंग चमूचेही शौर्य मावळे
दौडत चहुकडुनि जवे स्वार जेथले
भासति शतगुणित जरी असति एकले
यन्नामा परिसुनि रिपु शमितबल अहा

विक्रम वैराग्य एक जागि नांदती
जरिपटका भगवा झेंडाहि डोलती
धर्म-राजकारण समवेत चालती
शक्तियुक्ति एकवटुनि कार्य साधिती

पसरे यत्कीर्ति अशी विस्मया वहा
गीत मराठ्यांचे श्रवणी मुखी असो
स्फूर्ति दीप्ति धृतिहि जेथ अंतरी ठसो
वचनि लेखनीहि मराठी गिरा दिसो
सतत महाराष्ट्रधर्म मर्म मनि वसो
देह पडो तत्कारणि ही असे स्पृहा

अगली कड़ी में सुनिये आंध्र प्रदेश का राज्य गीत

6 Comments

  1. September 1, 2009 at 6:48 am

    >अति सुन्दर… गर्व की अनुभूति होती है, महाराष्ट्र के गौरव की गाथा है इसमें… आभार आपका सागर भाई…

  2. September 1, 2009 at 10:39 am

    >सागर जी आप का बहुत बहुत धन्यवाद इस सुंदर गीत से रुबरु करवाया ओर इस के बारे बताया. सुंन कर भी अच्छा लगा.

  3. September 3, 2009 at 1:47 am

    >बहुत ही सुन्दर ..लाजबाब !!!!

  4. September 3, 2009 at 8:28 am

    >Very nice blog! Only 2 days ago, came to know about it. I missed a lot, however can read several days at a stretch. :)My blogs topic are different, but I had added in my blog roll. Keep it up!

  5. September 5, 2009 at 3:24 pm

    >Wonderful Patriotic song Saagar bhai Saa'b


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