>अगर आप भी ब्लोगिंग में संगठन बनाने की बात से असहमत हैं तो अपने -अपने ब्लॉग पर एक विरोध का पोस्ट जरुर लिखें !

>अभी -अभी ” गप-शप का कोना ” पर प्रभात जी की पोस्ट देखी तो वाकई चिंता हुई . खबर चिंताजनक है कि ब्लॉगजगत को भी मठाधीशों की जरुरत संगठनात्मक रूप में होने लगी है !गौर करने लायक बात यह है कि यहाँ मठाधीश तो पहले से मौजूद रहे हैं लेकिन अब संगठन बना कर अपनी बातें दूसरों पर थोपा जायेगा . अब तक अभिव्यक्ति के इस स्वतंत्र समझे जाने वाले मंच को भी लोग अपनी लॉबिंग का केंद्र बनाने लगे हैं ऐसा अब तो जरुर महसूस होने लगा है . यहाँ भी उन्हीं लोगों की चलेगी जो अपनी गोटियाँ फिट कर पाएंगे और नये आने वालों को साहित्य की दुनिया की तरह हीं पुराने खिलाडियों की चमचागिरी करनी पड़ सकती है .आगे चल कर ऐसा भी हो सकता है कई एक संगठन बन जाए तब कुछ लिखने से पूर्व उनकी ओर लोगों को ताकना पड़ेगा कि किसकी क्या प्रतिक्रिया होगी . पोस्ट से ज्यादा चिंता उस पर आने वाली प्रतिक्रिया की होगी . प्रभात जी की पोस्ट पर एक सज्जन ने लिखा है क्या हम यहाँ राजपूत ब्लॉगर महासभा, ब्राहमण ब्लॉगर समिति, चिकित्सासेवी ब्लॉगर समूह देखना पसँद करेंगे ? कभी नहीं, क्योंकि हम अभिव्यक्ति और मत-विमर्श से इतर राजनीति या गुटनीति करने नहीं आये हैं ।”    जो मार्के की बात है . पूरे बहस में ब्लोगिंग के व्यक्तिगत और सामूहिक होने को लेकर कई प्रश्न उठते हैं . व्यक्तिगत ब्लॉग से हमने भी शुरुआत की थी जिसे बाद में सामूहिक कर दिया गया लेकिन कसी संगठन या खास विचार के नाम पर नहीं बल्कि यहाँ पर लगभग हर तरह के लोग मौजूद हैं और यदि विचारों पर अंकुश लगा कर एक ओर प्रवाहमान किया जाए तो हमारी समझ में इस विधा का दुरूपयोग हीं होगा .और किसी तरह के संगठन  बनने की स्थिति में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि वह किसी न किसी खास विचारधारा की ओर अपना झुकाव रखेगा  और  ना चाहते हुए भी जुड़ने वाले लोगों पर एक प्रकार का दबाव बनेगा . अब तक के तरह -तरह संगठनों को देख कर और उनमें काम करके इतना तो कह हीं सकता हूँ आरम्भ बहुत बढ़िया होता है बाद में सारी चीजें वैसी हीं हो जाती है . बेहतर है ब्लोगिंग को बांधने के बजाय स्वच्छंद रहने दिया  जाए साहब , नहीं  तो फ़िर  मीडिया हीं अच्छी है . यहाँ लोग इसीलिए आते हैं कि उन्हें उनकी बात रखने में कोई रोक नहीं सकता . अगर आप भी ब्लोगिंग में संगठन बनाने की बात से असहमत हैं तो अपने -अपने ब्लॉग पर एक विरोध का पोस्ट जरुर लिखें !

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