अब ज़ाकिर नाईक को कनाडा ने भी वीज़ा देने से इंकार किया… … Zakir Naik Denied Visa UK and Canada

बेचारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उनकी रातों की नींद का क्या होगा। जब-जब किसी “मासूम”, “भटके हुए”, “निरपराध” भारतीय को कोई विदेशी सरकार परेशान करती है तो मनमोहन सिंह की रातों की नींद खराब हो ही जाती है। कुछ दिनों पहले ही यह खबर आई थी कि ब्रिटेन ने “जोकर” (सॉरी जाकिर) नाईक को उनके देश में प्रवेश देने से इंकार कर दिया था (यहाँ देखें… http://arabnews.com/world/article68460.ece) और अब ताज़ा खबर यह है कि “जोकर” (सॉरी… ज़ाकिर) नाईक को कनाडा ने भी अपने यहाँ घुसने से मना किया है (यहाँ देखें…http://peacetimes.net/2010/06/dr-zakir-naik-banned-in-canada-follows-the-footsteps-of-uk/)

मजे की बात तो यह है कि कनाडा की “मुस्लिम कनाडा कॉंग्रेस” के अध्यक्ष तारिक फ़तेह ने खुद ही फ़ेसबुक पर “Keep Zakir Naik Out of Canada” का जोरदार अभियान चलाया था और उन्हें भरपूर समर्थन भी मिला (यहाँ देखें…http://www.facebook.com/group.php?gid=128828540484928&v=app_2373072738)। इससे यह भी साबित होता है कि आम मुस्लिम तो शान्ति से रहना चाहता है, लेकिन कुछ जेहादी टाइप के लोग उन्हें सभी देशों में शक की निगाह से देखे जाने को अभिशप्त बना देते हैं। ज़ाकिर नाईक द्वारा कुरआन की ऊटपटांग व्याख्याओं का विरोध भारत में भी हो चुका है, लेकिन फ़िर रहस्यमयी चुप्पी साध ली गई।

बहरहाल, भारत में ज़ाकिर नाईक और “भटके हुए नौजवानों” के “खैरख्वाह चैम्पियन” यानी कि महेश भट्ट ने ब्रिटेन को धमकी(? हा हा हा हा हा हा) दी है कि इस कारण भारत के साथ उसके सम्बन्ध खराब हो सकते हैं। ज़ाकिर नाईक ने भी कहा है कि वे विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से मिलकर उन पर लगे बैन को हटवाने का अनुरोध करने की अपील करेंगे (लेकिन अब तो कनाडा ने भी…? बेचारे कृष्णा को बुढ़ापे में कहाँ-कहाँ दौड़ाओगे यार?)। एक मुस्लिम संगठन ने मुम्बई में ब्रिटिश उच्चायोग (British High Commissioner) के दफ़्तर के सामने प्रदर्शन करने की धमकी भी दी है… यानी चारों तरफ़ से “मासूम” ज़ाकिर को बचाने की मुहिम शुरु की जा चुकी है।

वैसे आप लोगों को यह अच्छी तरह से याद होगा कि किस तरह भारत के एक प्रदेश के तीन-तीन बार चुने हुए संवैधानिक पद पर आसीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) को अमेरिका ने जब वीज़ा देने से इंकार कर दिया था, उस समय कौओं की काँव-काँव सुनाई नहीं दी थी, क्योंकि उस समय मामला किसी “मासूम”, “निरपराध” और “भटका हुआ नौजवान” से जुड़ा हुआ नहीं था…

ज़ाकिर नाईक साहब के कुछ प्रसिद्ध वक्तव्यों की एक बानगी देख लीजिये –

1) “यदि कोई व्यक्ति मुस्लिम से गैर-मुस्लिम बन जाता है तो उसकी सज़ा मौत है, यहाँ तक कि इस्लाम में आने के बाद वापस जाने की सजा भी मौत है…”

2) मुस्लिम देशों में किसी अन्य धर्मांवलम्बी को किसी प्रकार के मानवाधिकार प्राप्त नहीं होने चाहिये, यहाँ तक कि किसी अन्य धर्म के पूजा स्थल भी नहीं बनाये जा सकते…

3) ज़ाकिर नाईक के अनुसार मुस्लिम लोग तो किसी भी देश में मस्जिदें बना सकते हैं लेकिन इस्लामिक देश में चर्च या मन्दिर नहीं चलेगा

4) यदि मुझसे पूछा जाये लादेन इस्लाम के विरोधियों से लड़ रहा है और वह इस्लाम का सच्चा योद्धा है।

5) यदि लादेन सबसे बड़े आतंकवादी देश अमेरिका को आतंक का सबक सिखा रहा है तो हर मुस्लिम को आतंकवादी बन जाना चाहिये।

6) यदि महिलाएं पश्चिमी परिधान पहनती हैं तो वह खुद को बलात्कार का शिकार बनने के लिये “पेश करती” हैं
(उक्त सभी महान विचार बाकायदा अखबारों और यू-ट्यूब पर मौजूद हैं…)

भला बताईये… ऐसे “विद्वान” को अपने देश में घुसपैठ करने से रोक कर ब्रिटेन और कनाडा अपना कितना “बौद्धिक नुकसान” कर रहे हैं।

अब यदि इस मामले में भारत सरकार हस्तक्षेप करती है तो पहले से ही “नंगी” हो चुकी उनकी धर्मनिरपेक्षता और भी “बदकार” सिद्ध हो जायेगी, क्योंकि नरेन्द्र मोदी के मामले में भारत सरकार का मुँह बन्द हो गया था जबकि संवैधानिक रुप से देखा जाये तो मोदी का अपमान देश का अपमान था। साथ ही ज़ाकिर वीज़ा मुद्दे पर दोगले वामपंथियों का रुख भी देखने लायक होगा, जो पहले ही तसलीमा नसरीन वीज़ा मामले में “सेकुलरिज़्म” की रोटी सेंक चुके हैं। मुस्लिमों को खुश करने सम्बन्धी अमेरिका का दोगलापन भी ज़ाहिर हो ही चुका है, क्योंकि उसने नरेन्द्र मोदी को भले ही वीज़ा न दिया हो, लेकिन सिखों के नरसंहार वाले HKL भगत, टाइटलर, सज्जन कुमार से लेकर गैस काण्ड के मौत के सौदागर “अर्जुन सिंह” और “राजीव गांधी” न जाने कितनी बार अमेरिका की यात्रा कर चुके हैं…।

ऐसा महान देश आपने कहीं नहीं देखा होगा, जहाँ विदेश नीति भी “शर्मनिरपेक्षता” के आधार पर तय होती हो… क्योंकि जिस देश को कभी भी “तनकर खड़ा होना” सिखाया ही नहीं गया, जिसे जानबूझकर “एक पार्टी” द्वारा अशिक्षित और गरीब रखा गया, जिसे कुछ पार्टियों ने जानबूझकर स्कूली पुस्तकों में उसकी संस्कृति से काटकर रखा, वह ऐसे ही कीड़े की तरह रेंगता रहता है… और चीन की तरह ताकतवर बनने के सपने (सिर्फ़ सपने) देखता रहता है।

बहरहाल, ज़ाकिर नाईक वीज़ा मामले में आगामी घटनाक्रम पर नज़र रखने की आवश्यकता है, क्योंकि यह भी कांग्रेसियों और वामपंथियों की “शर्मनिरपेक्षता” की राह में एक नज़ीर साबित होगा…। ब्रिटेन और कनाडा ने राह तो दिखाई है लेकिन शायद बराक “हुसैन” ओबामा (जो कम से कम 9 मौकों पर सार्वजनिक रुप से खुद को मुस्लिम कह चुके हैं) इतनी हिम्मत जुटाने में कामयाब न हो सकें…। और भारत की सरकार तो खैर………

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चलते-चलते : विषय से थोड़ा हटकर एकदम ताज़ा खबर मिली है कि गुजरात सरकार को संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार (UNPSA) हेतु चुना गया है। गुजरात सरकार द्वारा आम जनता की शिकायतों को सुनने के लिये “स्वागत” (SWAGAT – State Wide Attention on Grievances with Application of Technology योजना शुरु की गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री खुद 26 जिलों की 225 तहसीलों से सीधे संवाद करते हैं तथा शिकायतों का तत्काल निवारण करते हैं। इस पुरस्कार को दो बार प्राप्त करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य है। (यहाँ देखें… http://www.narendramodi.in/#slideshare)

(गैस काण्ड में जनता को लूटने वाले हत्यारों के सरताजों तथा 30 साल से लगातार एक ही राज्य को बरबाद करने वालों, कांग्रेस के हाथों बिके हुए मीडियाई भाण्डों… कुछ तो शर्म करो…)

35 Comments

  1. June 24, 2010 at 10:05 am

    थोड़ा और धीरज धरने की आवश्यकता है….फिर खुद ही दिख जाएगा कि माइनो की कांग्रेस से लेकर मियां मुलायम, घोटालेबाज लालू इत्यादि कौन सा राग अलापते हैं? मीडियाई भांड भी अपनी डफली बजाने ही वाले होंगे…

  2. June 24, 2010 at 10:10 am

    जाकिर नाइक के पास खुद के विचार नहीं है यह तो अलवाकी की कार्बन कापी बन कर बैठा है जिस पर अमेरिका ने पहले ही इनाम घोषित कर रखा है। इसके नफरत भरे बयान इसे पश्चिमी देशों से दूर ही रखेंगे क्योंकि उन्होंने ऐसे भड़काने वाले लोगों को लात लगाना सीख लिया है।यह नई नौजवान पीढ़ी को धन-धर्म से फुसला रहा है। यह भारत जैसे बेगैरत देश और अरब देशों जैसे इस्लामिक अतिवादी मुल्कों में ही रह सकता है। इसको तो इंडोनेशिया भी न घुसने दे।जहां तक भारत सरकार के हस्तक्षेप की बात है तो निश्चिंत रहें महेश भट्ट जैसे देशद्रोही (जिसका बेटे ने हैडली को भारत में टिकने में मदद की) कुछ भी कर लें पश्चिमी देशों में तो इतनी इच्छाशक्ति है कि आतंकियों को लतिया कर दूर धकेल दिया जाये।आपने गलती से ही सही इसे सही नाम दिया जोकर नाइक, क्योंकि आतंकवाद समर्थक बातों से तो यह अहमक ही लगता है। बेशक इसके चेले अब अंतर्जाल पर बहुत एक्टिव हैं।

  3. June 24, 2010 at 10:17 am

    # मीडियाई भाण्डों… कुछ तो शर्म करो…# जाकिर नाईक को जरुरत से ज्यादा सम्मान देना अपने घर को खुद ही तोड़ने के बराबर है.# आज गुजरात देश दुनिया के लिए एक आदर्श राज्य है. इसके मुखिया मोदी को बारबार अपमानित करना और नाईक जैसे अलगाववादी सोच रखने वाले कठमुल्ले को सम्मान देना, ये कैसी सोच है 😦 क्या इसी नीति से तरक्की हासिल करेंगे हमारे सेकुलर राजनेता.ओबामा और मनमोहन(सॉरी सोनिया) के लिए चिंतन की घडी है.

  4. man said,

    June 24, 2010 at 10:40 am

    वन्देमातरम सर ,सकुलर लंगूरों के लिए बुरी खबर की जाकिर नायक जेसे बोधिक धार्मिक पागल को बिरटेन कनाडा ने वीजा देने से इंकार किया |कोई सभ्य समाज नहीं चाहता हे की एक पागलो का पढ़ा लिखा पागल सरदार वंहा आके गंदगी फेलाए |महेश भट्ट जेसे चिरोरे और जेनेटिक निर्पेक्स आदमी का जमीर जाग उठा ,कंही मूवी नहीं बना दे ३६ रील की """बेन ओन नायक ""?साले अब तो ये छिछोरे लोग भी बिरटेन जेसे देश को समंध ख़राब करने की धमकी दे रहे हे ,जेसे कोई पहाड़ टूट पड़ा हो ,अपने बेटे का हेडली के साथ सम्बन्ध को तो इसने मिली भगती के साथ गहरे दफना दिए ?अमेरिका होता तो पिछवाड़े के बल सोने में वर्षो लग जाते ,चाइना होता तो कब्र पर कुछ लिखा पत्थर लगा होता | अब इन लेफ्टी लंगूरों का रूख देखने लायक होगा ,खूब भड़ास निकालेंगे इंग्लेंड पर ,लेकिन इन vo इन bandro को कोई bhav नहीं deta हे

  5. Anonymous said,

    June 24, 2010 at 10:58 am

    एक बात और की जापान मुस्लिमो को कभी नागरिकता नहीं देता हे ,"""पाथेय कण """ ank जून २०१०

  6. Anonymous said,

    June 24, 2010 at 10:58 am

    एक बात और की जापान मुस्लिमो को कभी नागरिकता नहीं देता हे ,"""पाथेय कण """ अंक जून २०१०

  7. man said,

    June 24, 2010 at 11:06 am

    इस परकरण में मिडीआई मंगतो का रोल भी दिलचस्प होगा ,इधर उधर शहनाई ढोल बजाकर कर मांगने खाने वाले ये जजबाती मंगते इस तताकथित दुखद पर्कर्ण को किस तरह लेंगे ,दिलचस्प होगा ?

  8. June 24, 2010 at 11:08 am

    इस देश के संसाधनो पर पहला हक मुसलमानो का बताने वाले हमारे पढ़े लिखे बऊआ मनमोहन सिँह को कही इस प्यारे मुसलमान जोकर नाईक के लगातार हो रहे अपमान की खबर को सुनकर हदयाघात न हो जाये इसलिये मैडम को बऊआ जी को डाक्टरी देख रेख मे रखना चाहिये

  9. man said,

    June 24, 2010 at 11:23 am

    कांग्रेस के लिए ये वोट पुलिंग इशु होगा ,शायद सेकेर्ट्री लेवल का विरोध दर्ज करवा दे ,क्योकि भारत के एक बड़े और तथाकतित महान धरम गुरु का अपमान हुवा हे ,जो हमें स्वीकार्य नहीं ,जेसे की शारुख का हुवा था (पता नहीं अमेरिका में इस के जेसे कितने तान के मरीज घुमते रहते हे )..अभी बाती के पलीता लगा हे ,धमाका होगा या पताका फूस होगा पता नहीं लेकिन जाकिर नायक को उसकी ओखात बता दी ,बिरटेन ने |

  10. Anonymous said,

    June 24, 2010 at 11:25 am

    hehe.. shaandaar lekh… ab zakir naik ke lie dunia one way hai..

  11. Anonymous said,

    June 24, 2010 at 11:52 am

    केपी रघुवंशी को महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख के पद से हटा दिया गया है, उनकी जगह नए प्रमुख होंगे राकेश मारिया. http://news.rediff.com/report/2010/mar/25/maharashtra-ats-chief-raghuvanshi-fired.htm

  12. man said,

    June 24, 2010 at 12:16 pm

    लाल बंदरो का भाई ,कांग्रेसियों का नाना ,सेकुलरो का मामा, मिडिया का माई बाप ,और महेश भाट का साला मर गया हे , क्योंकि जाकिर नायक को वीजा नहीं मिला हे, मातम शुरू ,दहाड़े मार मार के रोयेंगे बेचारे ,मुझे भी गम हे |

  13. June 24, 2010 at 1:04 pm

    पिछड़े मुसलमानों के वोट के लिए बिहार की नीतीश सरकार ने नरेंद्र मोदी को राज्य में प्रवेश पर प्रतिबंध की शर्त लगा रखी है. विदेश की बात छोड़ दीजिए. इस देश में शर्मनिरपेक्षता ने नाम पर सब कुछ जायज है.

  14. June 24, 2010 at 1:06 pm

    जबरदस्त तरीके से पोल खोली आपने सेकुलर गद्दारों की।बधाई

  15. June 24, 2010 at 2:02 pm

    ये खबर अभी तक काग्रेस, लाल पिछवाडे वालों, बुर्का दत्त, तिस्तासितलवाड, अरुन्धती, जैसी रूदालियों तक नहीं पहुंची लगता है, मीडिया भांड भी चुप है, इनका रुदन कब शुरु होगा? मनवाधिकार वादी पता नही कहां बिल मे घुसे हैं? लगता है, सब की बोलती बन्द हो गई। लालू जी आप भी…….।

  16. June 24, 2010 at 2:05 pm

    ओह आज मेरी सच्चाई सामने आ गयी . मै कुत्ता कमीना और घटिया इंसान हूँ ये तो केवल मुझे पता था .आज सबको कैसे पता चल गया? अब कही मेरा भारत मे भी प्रवेश वर्जित न हो जाये.अरे मै तो बेकार ही डर रहा हूँ अभी तो भारत मे हमारी ही सरकार हैँ. मै हिंदुओ को खूब लतियाऊँ गरियाऊ. तब भी मेरा कोई कुछ नही कर सकता . अरे भाई जब सैयां है कोतवाल तो डर काहे काऔर यहाँ तो सैया है सरकार तो फिर डर किस चिड़िया का नाम है

  17. June 24, 2010 at 2:16 pm

    मैं एक माल में जोकर बन कर बच्चों का मन बहलाता हुं।आपने जाकिर नाइक को जोकर कह कर मुज जेसे जोकर का बेहद अपमान किया है। इस गिरे हुवे वयक्ति को जोकर केसे कहा जा सक्ता है?हम तो लोगों को खुस रख्ते हैं, हसांते है, किसी को दुख नहीं पहुचांते? इस वयक्त जेसे गन्दे घोनौने, हत्यात्मक विचार नहीं रख्ते।क्रिपया आगे से एसे धर्ती के बोझों को दुबारे जोकर कहने से पहले सोचे..वाकि आपका लेख बहुत पसंद आया। सिर्फ इंग्लेन्ड कनाडा नहीं बल्कि सारी दुनियां के देसों को इस पर प्रतिबंद लगाना चहिये। भारत को भी इस पर प्रतिबंद लगाना चहिये, इसको रकम कहां से मिल रही है इस्की जांच भी होनी चहिये।मेरे बहुत से मुसल्मान दोस्त हैं और वो भी इस्की घोनौनी कार्य से सर्मिंदा हैं।

  18. Mahak said,

    June 24, 2010 at 2:47 pm

    जाकिर नाइक के जो वक्तव्य आपने बताये हैं उन्हें पढ़कर तो उसे भारत में रहने देना भी खतरे से खाली नहीं है .अगर उसकी ऐसी सोच है तो कनाडा ने बिलकुल सही किया है उसे VISA ना देकर .और जहाँ तक मोदी जी को अमेरिका द्वारा VISA ना देने की बात है तो इससे एक बार फिर अमेरिका की दोगली नीति का ही भंडाफोड़ होता है , अमरीका खुद तो आतंकवादियों के खिलाफ बहुत सख्त करवाई में यकीन रखता है लेकिन जब मोदी जी जैसा ही कोई व्यक्ति भी इसी सिद्धांत को follow करता है तो उसे मानवाधिकारों के विरुद्ध बताता है- double standards , ये भारत सरकार का फ़र्ज़ बनता है की आज देश के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के VISA सम्बन्धी अमेरिका से कड़ाई से बात करे क्योंकि ये भारत का अपमान है लेकिन ये ऐसा क्यों करेगी , मोदी जी को अपना no .1 दुश्मन और अपने युवराज की राह में सबसे बड़ा रोड़ा जो मानती है ये सरकार .VISA मामले पर एक बार मोदी जी ने कहा था की –" मुझे इसकी परवाह नहीं की अमेरिका मुझे VISA देता है या नहीं , मैं तो अपने देश को इतना सम्रद्ध और शक्तिशाली बनाना चाहता हूँ की पूरी दुनिया की लाइन हमारे देश का VISA लेने के लिए लगे ."महक

  19. June 24, 2010 at 3:00 pm

    जोकर नाइक देश का ही नहीं बल्कि इस्लाम का भी गुनहगार है, उसने पूरी तरह से कुरान के मायने ही बदल दिया है. बस अफ़सोस ये है की हमारे सरदार जी के उपर इटालियन खूबसूरती का जादू चढ़ा हुआ है, और वो इस उम्र में की ………… आगे क्या बोलू ……..काम से ब्रिटेन और कनाडा को अक्ल तो आई. और हाँ एक बात- पंजाब , हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों ने पुरे देश की इज्जत बचा रखी है. पंजाब और हरियाणा में जबरदस्त अनाज का उत्पादन तो गुजरात में उद्योग दिनों- दिन आगे बढ़ रहा है. रही बात बिहार की तो वंहा पर नितीश जी नहीं बल्कि लालू जी की ही डिमांड ज्यादा है, क्योंकि बिहार की गरीब जनता को आज़ादी कभी पसंद नहीं है.

  20. aarya said,

    June 24, 2010 at 3:24 pm

    सादर वन्दे !सब १९४७ की गलती का परिणाम है जिसे देश आज तक भुगत रहा है और ना जाने कबतक भुगतेगा | इस देश को कूड़ा कचरा बना रखा है कहीं से आओ घुस जाओ गन्दगी फैलाओ | जिसे पूरी दुनिया धिक्कारती है उसे भारत में सर पर बैठाया जाता है | और स्लोगन दिया जाता है मेरा भारत महान !रत्नेश त्रिपाठी

  21. धीरु said,

    June 24, 2010 at 4:47 pm

    कनाडा से राजनायिक सम्ब्न्ध खत्म कर लेने चाहिये मनमोहन एन्ड पार्टी को

  22. June 24, 2010 at 5:24 pm

    सुरेश जी आपने अच्छी खबर दी है. ऐसे गंदे लोग भारत में ही सम्मान पाते हैं. जाकिर नायक वही व्यक्ति हैं जो मुस्लिम महिलाओं के आधुनिक परिधान को इस्लाम विरोधी बताता है पर खुद ही टाई-कोट धारण किये रहता है. पता नहीं ऐसे दोमुहें लोग कैसे सम्मान पाते हैं …. अपना देश महान जो ठहरा.

  23. June 24, 2010 at 5:29 pm

    भाई लोगो जाकिर नायिक जो बोलता है कुरान के अनुसार ही बोलता है. वो इस्लाम का गुनाह्कार नहीं बहुत बड़ा पैरोकार है. यदि कुछ मुस्लिम उसका विरोध करते हैं तो या तो वो पढ़े-लिखे, कुरान से अनभिज्ञ होते हैं या जान-बूझकर दूसरों कि नज़र में कुरान के सम्मान बढ़ाने के लिये ऐसा बर्ताव करते हैं. और एक तबका मुस्लिमों का उसका इसलिए विरोध करता है क्योंकि कभी-२ वो कुरान को हिन्दू धार्मिक ग्रन्थों से उदाहरण देकर भी जोड़ता है तथा १ या २ बातों में और मौलवियों से उसका विवाद है पर वो विवादास्पद बातें भी कोई मानव -कल्याण हेतु नहीं हैं.कुल मिलाकर वो एक शातिर बोद्धिक जेहादी लोमड़ी है और उसके कई चेले इन्टरनेट पर भी सक्रिय हैं. उदाहरण के तौर पर अनवर जमाल, सलीम कैरानवी इत्यादि. ये सभी बोद्धिक जेहादी हिंदुओं के अपने मूल धर्म तत्वज्ञान से अनभिज्ञता का हमेशा लाभ उठाते हुए कुछ भी अनाप-शनाप बकते हैं और आरोप लगाते हैं जिसमें कभी-कभी कुछ भोले हिन्दू फंस भी जाते हैं. इन्होने इस कार्य के लिये मनगढन्त अनेक वाकछल भरी मिथ्या किताबें प्रसारित की हैं. और ये भी एक इन जैसे लोगो का फैलाया हुआ मायाजाल है कि दुनियाभर में चाहे इस्लाम के नाम पर हजारों हत्याएं चलती रहें फिर भी इस्लाम शान्ति का धर्म है, किसी भी आतंकवादी घटना को धर्म से नहीं जोड़ना चाहिये इत्यादि बातों का निरन्तर उदघोष भी चलता रहता है मजे की बात यह है कि इस्लाम के ये पैरोकार अपने को शान्ति दूत बताते हुए नहीं थकते और दूसरी तरफ ये आतंकवादियों के समर्थन में हमेशा खड़े रहते हैं. फिर भी बेचारे भोले(मुर्ख) हिन्दू भी इन्हीं का राग अलापते रहते हैं.ब्रिटेन और कनाडा आदि देश सांप का फन उठने से पहले ही कुचल देते हैं जबकि भारत की छाती पर ये कुण्डली मारकर फन उठाये बैठे उसके ही मुंह में ही लगातार विष-वमन कर रहे हैं और यहाँ की सेकुलर जनता तथा सरकार इनके लिये दूध की नदियाँ बहा रही हैं.

  24. June 25, 2010 at 4:46 am

    सही कहा है सुरेशजी आपने,देश का बँटवारा करने और इस देश मे आतंक फ़ैलाने के "ज़ाकिर नाइक" के मंसूबे "तुरिन सरकार" को अच्छे से मालूम है फिर कोई प्रतिक्रिया नही हो रही हैं, क्यूँकी मुल्लों के वोट और ईसाइयत की ज़ड़े भारत मे मजबूत करने के इरादे से ही ये कॉंग्रेस के कुत्ते अपनी मालकिन के प्रति वफ़ादारी दिखाने का ढोंग कर रहे है…आपका ध्यान एक और मुद्दे पर दिलाना चाहता हूँ की आज भारतीय मुद्रा "रुपए" का सिंबल तय किया जाना है, और दुख की बात ये है की जीतने भी डिज़ाइन सरकार ने अप्रूव किए है उनमे सबमे क्रॉस "ईसाइयत" मार्क लगा हुआ है..मेरी आपने से वीनती है की इश्स बात की तह तक जाकर पूरी प्रामाणिकता के साथ कुछ लिखे.. क्यूंकी आपकी कलम मे जो धार है वैसा पैनापन हमारे पास नही है…———– साधुवाद—–जय हिंद—-'हिन्दुतव और राष्ट्रवाद

  25. ANAND said,

    June 25, 2010 at 2:20 pm

    >>>बहरहाल, ज़ाकिर नाईक वीज़ा मामले में आगामी घटनाक्रम पर नज़र रखने की आवश्यकता है>>>>>सिर्फ नज़र रखने से क्या होगा ? जरुरत है एक मंच बनाने की जो जोकर नाईक का और उसके सभी समर्थकों का पुरजोर विरोध कर सके…

  26. June 26, 2010 at 4:05 am

    आपके विचारों को जानकर और इस लेख को पढ़कर अच्छा लगा.

  27. Anonymous said,

    June 26, 2010 at 11:20 am

    @Tarkeshwar Giriजाकिर इस्लाम का गुनाहगार नही प्रचारक है {महमूद एंड कम्पनी ,मरोल पाइप लाइन ,मुंबई द्वारा हिंदी में प्रकाशित कुरान मजीद से ऊदत } इस्लाम के अनुसार इस्लाम के प्रति इमान न रखने वाले ,व बुतपरस्त( देवी -देवताओ व गुरुओ को मानने वाले काफिर है ) 1…………….मुसलमानों को अल्लाह का आदेश है की काफिरों के सर काट कर उड़ा दो ,और उनके पोर -पोर मारकर तोड़ दो (कुरान मजीद ,पेज २८१ ,पारा ९ ,सूरा ८ की १२ वी आयत )! 2…………………जब इज्जत यानि , युद्द विराम के महीने निकल जाये ,जो की चार होते है [जिकागा ,जिल्हिज्या ,मोहरम ,और रजक] शेष रामजान समेत आठ महीने काफिरों से लड़ने के उन्हें समाप्त करने के है !(पेज २९५ ,पारा १० ,सूरा ९ की ५ वी आयत ) 3……………….जब तुम काफिरों से भिड जाओ तो उनकी गर्दन काट दो ,और जब तुम उन्हें खूब कतल कर चुको तो जो उनमे से बच जाये उन्हें मजबूती से केद कर लो (पेज ८१७ ,पारा २६ ,सूरा ४७ की चोथी आयत ) 4…………निश्चित रूप से काफिर मुसलमानों के खुले दुश्मन है (इस्लाम में भाई चारा केवल इस्लाम को माननेवालों के लिए है ) (पेज १४७ पारा ५ सूरा ४ की १०१वि आयत ) …………………….क्या यही है अमन का सन्देश देने वाले देने वाले इस्लाम की तस्वीर इसी से प्रेरित होकर ७१२ में मोह्हम्मद बिन कासिम ,१३९८ में तेमूर लंग ने १७३९ में नादिर शाह ने १-१ दिन मै लाखो हिन्दुओ का कत्ल किया ,महमूद गजनवी ने १०००-१०२७ में हिन्दुस्तान मै किये अपने १७ आक्रमणों मै लाखो हिन्दुओ को मोट के घाट उतारा मंदिरों को तोड़ा,व साढ़े ४ लाख सुंदर हिन्दू लड़कियों ओरतो को अफगानिस्तान में गजनी के बाजार मै बेच दिया !गोरी ,गुलाम ,खिलजी ,तुगलक ,लोधी व मुग़ल वंश इसी प्रकार हिन्दुओ को काटते रहे और हिन्दू नारियो की छीना- झपटी करते रहे {द हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया एस टोल्ड बाय इट्स ओवन हिस्तोरिअन्स,लेखक अच् ,अच् एलियार्ड ,जान डावसन }यही स्थिति वर्तमान मै भी है सोमालिया ,सूडान,सर्बिया ,कजाकिस्तान ,अफगानिस्तान ,अल्जीरिया ,सर्बिया ,चेचनिया ,फिलिपींस ,लीबिया ,व अन्य अरब देश आतंकवाद के वर्तमान अड्डे है जिनका सरदार पाकिस्तान है क्या यह विचारणीय प्रश्न नहीं की किस प्रेरणा से इतिहास से वर्तमान तक इक मजहब आतंक का पर्याय बना है ???????????????

  28. ASHWANI JAIN said,

    June 26, 2010 at 11:58 am

    Hisar: A Muslim girls Hindu husband,Alok Kushwaha,was found dead in a local hotel on Friday after a few months of their controversial marriage.The police are investigating the honour killing angle as the father of the boy has suspected the involvement of the girls father Abdul Gaffar.As per initial probe,Alok was attacked by a hammerlike instrument and was strangled to death by a cable wire around his neck.On the complaint of youths father Chandeshwer,cops have registered a case of murder and conspiracy,but the names of suspects have not been mentioned in the category of accused.A resident of Bihar,Alok (28),and Jaipur resident Rubina had eloped and married on November 15 last year.Sources said Rubinas parents lodged a complaint in Jaipur against Alok.The couple was staying in Hisar but away from Aloks father,an employee in a factory.Alok was working as a computer operator in a school.Sources said police were inquiring role of a youth,Anurag Sharma,who had been calling Alok for the last 15 days offering him a job in his computer centre.Source: today's TOI

  29. Anonymous said,

    June 26, 2010 at 6:07 pm

    मेरे इतने बड़े भारत को ये मुल्ले सब कटवा छटवा कर ले गये और साले अभी भी कश्मीर पर आख जमाये हैये साली नंपुसक सरकार कुछ करती क्यो नही.क्यो नही सेना भेजकर कश्मीर से पाकिस्तानी मानसिकता वाले ,तिरंगा जलाने वाले मुल्लो के पिछवाड़े गोलियो से छलनी करवाती है?ये सरकार तो इंदिरा गांधी का नाम भी बदनाम कर रही है.खालिस्तान बनाने का मंसूबा रखने वालो का क्या हाल किया था इंदिरा गांधी ने. आज भी इंदिरा गांधी जैसी फौलादी प्रधानमंत्री चाहियेये खिलौने जैसा प्रधानमंत्री नही चाहिये

  30. Anonymous said,

    June 27, 2010 at 3:25 am

    @यदि महिलाएं पश्चिमी परिधान पहनती हैं तो वह खुद को बलात्कार का शिकार बनने के लिये "पेश करती" हैं। सूअर खाने वाला जाकिर नाइक भी तो पश्चिमी परिधान पहनता है, अर्थात वो भी स्वयं को बलात्कार का शिकार बन्ने के लिए पेश करता है——————— अर्थात सूअर खाने वाला जाकिर नाइक तो "गे" है——

  31. Anonymous said,

    June 27, 2010 at 3:28 am

    @Tarkeshwar Giriजाकिर इस्लाम का गुनाहगार नही इस्लाम का प्रचारक है {महमूद एंड कम्पनी ,मरोल पाइप लाइन ,मुंबई द्वारा हिंदी में प्रकाशित कुरान मजीद से ऊदत } इस्लाम के अनुसार इस्लाम के प्रति इमान न रखने वाले ,व बुतपरस्त( देवी -देवताओ व गुरुओ को मानने वाले काफिर है ) 1…………….मुसलमानों को अल्लाह का आदेश है की काफिरों के सर काट कर उड़ा दो ,और उनके पोर -पोर मारकर तोड़ दो (कुरान मजीद ,पेज २८१ ,पारा ९ ,सूरा ८ की १२ वी आयत )! 2…………………जब इज्जत यानि , युद्द विराम के महीने निकल जाये ,जो की चार होते है [जिकागा ,जिल्हिज्या ,मोहरम ,और रजक] शेष रामजान समेत आठ महीने काफिरों से लड़ने के उन्हें समाप्त करने के है !(पेज २९५ ,पारा १० ,सूरा ९ की ५ वी आयत ) 3……………….जब तुम काफिरों से भिड जाओ तो उनकी गर्दन काट दो ,और जब तुम उन्हें खूब कतल कर चुको तो जो उनमे से बच जाये उन्हें मजबूती से केद कर लो (पेज ८१७ ,पारा २६ ,सूरा ४७ की चोथी आयत ) 4…………निश्चित रूप से काफिर मुसलमानों के खुले दुश्मन है (इस्लाम में भाई चारा केवल इस्लाम को माननेवालों के लिए है ) (पेज १४७ पारा ५ सूरा ४ की १०१वि आयत ) …………………….क्या यही है अमन का सन्देश देने वाले देने वाले इस्लाम की तस्वीर इसी से प्रेरित होकर ७१२ में मोह्हम्मद बिन कासिम ,१३९८ में तेमूर लंग ने १७३९ में नादिर शाह ने १-१ दिन मै लाखो हिन्दुओ का कत्ल किया ,महमूद गजनवी ने १०००-१०२७ में हिन्दुस्तान मै किये अपने १७ आक्रमणों मै लाखो हिन्दुओ को मोट के घाट उतारा मंदिरों को तोड़ा,व साढ़े ४ लाख सुंदर हिन्दू लड़कियों ओरतो को अफगानिस्तान में गजनी के बाजार मै बेच दिया !गोरी ,गुलाम ,खिलजी ,तुगलक ,लोधी व मुग़ल वंश इसी प्रकार हिन्दुओ को काटते रहे और हिन्दू नारियो की छीना- झपटी करते रहे {द हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया एस टोल्ड बाय इट्स ओवन हिस्तोरिअन्स,लेखक अच् ,अच् एलियार्ड ,जान डावसन }यही स्थिति वर्तमान मै भी है सोमालिया ,सूडान,सर्बिया ,कजाकिस्तान ,अफगानिस्तान ,अल्जीरिया ,सर्बिया ,चेचनिया ,फिलिपींस ,लीबिया ,व अन्य अरब देश आतंकवाद के वर्तमान अड्डे है जिनका सरदार पाकिस्तान है क्या यह विचारणीय प्रश्न नहीं की किस प्रेरणा से इतिहास से वर्तमान तक इक मजहब आतंक का पर्याय बना है ???????????????

  32. June 28, 2010 at 7:13 pm

    Mumbai Ki Samajhdaar Muslim Sansthaan 'Raza Academi' Ne Bhi Zakir (Khal)Nayak Ke Visa Na Dene Ka Swagat Kiya Hai.

  33. ePandit said,

    June 30, 2010 at 4:33 am

    जाकिर नाइक जैसे लोग देश और इंसानियत के नाम पर कलंक हैं, इस बंदे को तो या तो इसके मनपसन्द सिस्टम वाले देश पाकिस्तान भेज देना चाहिये और वहाँ जाने को तैयार न हो तो समुद्र में किसी निर्जन टापू पर छोड़ देना चाहिये जहाँ वो किसी को बहका न सके।बाकी महेश भट्ट जैसे बेगैरत का तो क्या कहना जिसने कि दूसरी शादी के चक्कर में धर्म बदला और अपनी ही बेटी (पूजा भट्ट) पर बुरी नजर डाली।

  34. Anonymous said,

    July 30, 2010 at 4:37 pm

    जाकिर नायक जो कुछ भी कहता है कुरान के अनुसार कहता है सारे झगड़ों की जड़ में कुरान और हदीस ही है । यदि मुसलमान सुधरना भी चाहे तो कुरान व हदीस के वर्तमान स्वरूप के होते वे सुधर नहीं सकते ।उसके ऊपर सोने मे सुहागा यह है कि मुहम्मद कह गए हैं कि कुरान में कोई संशोधन नहीं हा सकता कयामत तक । अधिक जानकारी के लिए देखें साइट http://www.hindusthangaurav.com

  35. Atif khan said,

    October 23, 2010 at 8:50 pm

    >sahi mein to zakir naik hi jihaad kar raha hai…agar tumhare paas proofs hain to lekar aao ..non muslims to usske samne aakar sawal poochte hain to unnki bolti hi bund ho jati hai..humein faqr hai zakir naik par ki duniya mein koi to aisa scholar hua ki jo doosron ke jawab unnhi ki religious books mein se de de…ye baat alag hai ki tumhare paas jab usski baatt ka koi jawab nahin hota to usski burayi karne lagte ho..raha sawal america aur canada ka to ussne ye proof kar diya hai ki wtc attack was an inside job to bhai ab wo log usse kyon visa dene lage …duniya ke samne pollll jo khul gayi goron ki 😀


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