>कांग्रेस का दोहरा चरित्र !

>आज कांग्रेस की दोहरी नीति की कुछ व्याख्या करने का मन बना रहा हूँ | यह व्याख्या कांग्रेस के महासचिव और देश की राजनीती को अपराधियों से मुक्त बनाए की बात करने वाली राहुल गाँधी के दोहरे चरित्र को लेकर है | एक तरफ राहुल कहते फिर रहें हैं की कांग्रेस में अपराधियों को जगह नहीं मिलने वाली है वहीं दूसरी तरफ आने वाले उत्तरप्रदेश और सामने खड़े बिहार विधानसभा चुनाव के लिया लगातार पार्टी में दागदार लोगों का स्वागत हो रहा है | अब बात की शुरुआत उत्तरप्रदेश से करतें है जहाँ राहुल गाँधी खूब यात्रा कर रहे हैं | कभी किसी विदेशी मेहमान को लेकर चर्चा बतोरतें हैं तो कभी किसी और को लेकर | लेकिन वास्तविकता है की वो सारे कुछ अमेठी और रायबरेली तक ही कर पाते हैं | इससे आगे लगता है उनका ध्यान जा ही नहीं पा रहा है | देश को समझने के लिए तो खूब बातें करतें है लेकिन आज ता कितना समझ पायें है यह एक यक्ष प्रश्न है | राहुल जब उत्तरप्रदेश का दौरा कर रहे थे तो कहते थे अपराधी किस्म के लोगों को कांग्रेस में जगह मुश्किल है , मुश्किल क्या नहीं ही मिलने वाली है | लेकिन सच ही कहा गया है सत्ता में बने रहने के लिए और सत्ता को प्राप्त करने के लिए हर चीज़ सही है | हर कथनी को समय के साथ भुलाना पड़ता है | अब बिहार की ही बात करें तो कांग्रेस में दागदार लोगों की जमात लगातार बढती जा रही है | यही नहीं चुनाव को धयान में रखते हुआ आलाकमान भी इन लोगों को पड़ देकर पार्टी में बनाया रखना चाह रहे हैं | अभी इसका ताज़ा उद्धारण साधू यादव को पद से सुशोभित करना है | ठीक इसी तरह कुख्यात पप्पू यादव की पत्नी को भी पद दिया गया है | यह पत्नी क्या पप्पू को ही खुश करने की बात है | यह तो नामी गिनामी बात है , और भी कई लोग ओहें जिनके उपर संगीन आरोप हैं पर उनकी शरंस्थाली अब कांग्रेस बन चूकी है | अब उतरप्रदेश की और आते हैं | एक तरफ कांग्रेस मायावती को कहते फिरती है की वो अपराधियों को पार्टी में शरण देती है जितने के लिए लेकिन कांग्रेस तो उत्तरप्रदेश की सत्ता की इतनी लालायित है की संगीनों का तहेदिल से पार्टी में स्वागत कर रही है | यह है राहुल गाँधी का दोहरा चरित्र | अब आपको लगता होगा मैं तो खोकली बात कर रहा हूँ लेकिन नहीं मैं आपको साक्ष्य भी दे रहा हूँ | सबसे पहले अजय राइ जिनपर कई आपराधिक आरोप है को कांग्रेस ने प्रदेश विधानमंडल से संबद्ध कर लिया है | और इसकी खुशियाँ मानते फिर रही अहि | अगर बात इतने तक ही रहती तो कोई बात नहीं | तुलसी सिंह जिनपर 2004 में महाराष्ट्र सरकार जिसमे कांग्रेस भी भागीदार ने मकोका लगाया था | तुलसी सिंह पर दर्जनों आरोप हैं जो संगीन किस्म का हैं | लेकिन आज वो कांग्रेस में हैं | इसी तरह एक और नाम राधाकृष्ण किंकर का है | किंकर पर 2 दर्जन से ज्यादा अपराधिक मामले हैं | लेकिन कांग्रेस ने इनको प्रदेश मुख्यालय में बड़े ताम झाम के साथ पार्टी में शामिल किया | लिस्ट यहीं ख़त्म हो जाती कुछ रहत था लेकिन और भी बहुत से लोग हैं जिनको पार्टी अपने में शामिल करती जा रही है | कुछ और नाम जिन पर संगीन आरोप हैं और वे कांग्रेस में शामिल किया गए हैं में केडी शुक्ल उर्फ़ भगोले महाराज , गुलाब चन्द्र, अर्जुन और रामलखन पासी भी इस जमात में शामिल है | तो पार्टी का यह कौन सा चरित्र है | एक तरफ राहुल गाँधी युवाओ को स्वच्छ राजनीत की बात करतें है वहीं दूसरे तरफ संगीनों और अपराधियों की पार्टी में बड़े स्तर पर नियुक्ति हो रही है तो ये क्या है | मैं यहाँ किसी दूसरे दल की बात नहीं कर रहा हूँ न ही करना चाहता हूँ | कांग्रेस यह लबादा किस कारण से धारण कर रही है और किस मुह से आपराधियों के राजनीती के खात्मे की बात करती है | जबाव तो खुद पार्टी भी नहीं दे पा रही है | यहाँ तो स्पष्ट है की पार्टी की स्थिति उत्तरप्रदेश में किस हालात में है | आप ही बतायिया क्या यह पार्टी का दोहरा चरित्र नहीं है |

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