>एकतंत्र के रास्ते लोकतंत्र-1क / एकच्छ्त्र शासक का सभा भवन

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  1. एकच्छ्त्र शासक का सभा भवन एक आयताकार हॉल होगा, जिसके तीन तरफ गैलरियाँ बनी होंगी और एक तरफ मंच होगा.
  2. मंच पर भारत माता की प्रतिमा तथा एक तिरंगा सजा होगा.
  3. मंच के बाद वाले पायदान पर 6 आसन होंगे- एक राष्ट्रपति तथा पाँच उपराष्ट्रपतियों के लिये (क्रमांक 14.5 देखें), हालाँकि सभा में इनका उपस्थित रहना- न रहना इनकी इच्छा पर निर्भर करेगा.
  4. इसके बाद वाले पायदान पर सभाध्यक्ष बैठेंगे, जिनकी मेज के दोनों तरफ दो सहायक या सचिव भी बैठेंगे.
  5. इसके बाद एकच्छ्त्र शासक का स्थान होगा और उसके ठीक सामने एक बड़ी मेज के दोनों तरफ ‘चाणक्य सभा’ (क्रमांक 1.1) के 14 सदस्य बैठेंगे.
  6. एकच्छ्त्र शासक के सामने वाली गैलरी में विद्यार्थी बैठेंगे. (देश के अलग-अलग विद्यालयों से विद्यार्थियों का समूह तीन दिनों तक राजधानी में रहते हुए सभा में शामिल होगा. यही समूह सभा की शुरुआत में (10:00 बजे) राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम’ गायेगा तथा सभा के अन्त में राष्ट्रधुन ‘जन-गण-मन’ बैण्ड पर बजायेगा.)
  7. एकच्छ्त्र शासक के दाहिनी ओर वाली गैलरी आम नागरिकों के लिये होगी- इसके लिये नागरिकों को बाकायदे अग्रिम आवेदन देकर आसन बुक कराना पड़ सकता है.
  8. बाँयीं ओर वाली गैलरी में राष्ट्रीय सरकार के सभी विभागों के प्रतिनिधिगण बैठेंगे.
  9. बाँयीं और दाहिनी गैलरियों के नीचे कतार में विभिन्न मंत्रालयों के सचिव बैठेंगे, जो चाणक्य सभा के सदस्यों को (आवश्यकतानुसार) जरुरी जानकारी मुहैया करायेंगे.
  10. बाँयीं तथा दाहिनी ओर की गैलरियों के नीचे (एक प्रकार से भूमिगत) इन सचिवों के कार्यालय होंगे.
  11. इस सभा के वर्ष में कुल 6 अधिवेशन होंगे- शिशिर, बसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरत् और हेमन्त; प्रत्येक अधिवेशन 21 दिनों का होगा.
  12. सभा की कार्रवाई सुबह 07:30 से 13:30 तक चलेगी, जिसमें 07:30 से 09:30 तक की कार्रवाई में आम नागरिक तथा विद्यार्थी शामिल नहीं होंगे- यह एक प्रकार से दीवाने-खास की बैठक होगी. (इस बैठक में इस घोषणापत्र के क्रियान्वयन की समीक्षा होगी.)
  13. 10:00 बजे से आम नागरिकों तथा विद्यार्थियों के साथ पुनः बैठक प्रारम्भ होगी, जो दीवाने-आम– जैसी बैठक होगी.
  14. 10:00 से 13:00 बजे तक आम नागरिक अपनी बात सभा में रखेंगे, जिनपर समुचित चर्चा होगी और जरुरी निर्णय लिये जायेंगे. (जब तक ‘दीवाने-खास’ की बैठक चलेगी, तब तक सभाध्यक्ष के प्रतिनिधि बाहर बैठकर नागरिकों से उनके ‘मुद्दे’ की जानकारी लेते हुए उन्हें आसन संख्या देंगे. किसी मुद्दे पर निर्णय न होने पर सभाध्यक्ष चर्चा के लिए अगली तारीख देंगे.)
  15. 13:00 से 13:30 बजे तक का समय विद्यार्थियों का होगा- इस दौरान विद्यार्थी अपनी बात/सवाल सभा में रखेंगे.
  16. नागरिकों/विद्यार्थियों द्वारा उठाये गये सवालों/शिकायतों का जवाब सम्बन्धित विभागों के प्रतिनिधियों और मंत्रालयों के सचिवों को देना पड़ सकता है. 
  17. सभाभवन के बाहर काँसे का एक चौकोर प्लेटफार्म होगा, इसके ऊपर चाँदी का वृत्ताकार प्लेटफार्म होगा और उसके बीच में ठोस सोने का एक अशोक स्तम्भ होगा, जो आकार-प्रकार में मेहरौली के स्तम्भ जैसा होगा.

18.  देश का कोई भी नागरिक इस स्वर्ण अशोक स्तम्भ से पीठ टिकाकर दूसरी तरफ हाथों को        आपस में सटाने की कोशिश कर अपने भाग्यवान होने की परीक्षा कर सकेगा. 

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सम्पूर्ण घोषणापत्र के लिए : http://khushhalbharat.blogspot.com/  

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