>एकतंत्र के रास्ते लोकतंत्र-5 / सरकारी खर्च

>

5.1              एक नया सरकारी वेतनमान तैयार किया जायेगा, जिसमें न्यूनतम व अधिकतम वेतन-भत्तों-सुविधाओं के बीच पाँच गुना से ज्यादा का अन्तर नहीं रहने दिया जायेगा. (एक मजदूर को अगर प्रतिमाह तीन हजार रुपये वेतन, पाँच सौ रुपये भत्ता तथा रहने के लिये दो कमरों का मकान मिलता है, तो राष्ट्रपति महोदय को प्रतिमाह पन्द्रह हजार रुपये वेतन, ढाई हजार रुपये भत्ता तथा रहने के लिये अधिकतम दस कमरों का मकान मिलेगा. …फिर राष्ट्रपति भवन का क्या होगा? इसे राष्ट्रीय अतिथिशाला बनाया जा सकता है.)
5.2              नये वेतनमान में भत्तों की राशि को वेतन के 33 प्रतिशत से और सुविधाओं की राशि को वेतन के ही 66 प्रतिशत से अधिक नहीं होने दिया जायेगा.
5.3              पन्द्रह वर्षों से कम समय तक जनप्रतिनिधि रहे पूर्व विधायकों-सांसदों की पेन्शन आदि सभी सरकारी सुविधाएँ समाप्त कर दी जायेंगी.
5.4              अँगरक्षा की माँग करने वाले राजनेताओं और उनके परिवारजनों को किसी एक दुर्ग के अन्दर सामूहिक अँगरक्षा प्रदान की जायेगी. (हालाँकि यह व्यवस्था बिलकुल मुफ्त नहीं होगी- यानि उन्हें कुछ काम भी करने के लिये दिया जायेगा और बेशक, उस दुर्ग के बाहर उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी जायेगी.)
5.5              सभी स्तरों पर हल्की सरकारी गाड़ियों की संख्या में पचास प्रतिशत कटौती की जायेगी.
5.6              सेनाओं को उनके दैनिक युद्धाभ्यासों के दौरान पेट्रो-पदार्थों की खपत में तैंतीस से छियासठ प्रतिशत तक कटौती करने के लिये कहा जायेगा. (युद्धाभ्यास की भरपाई के लिये आठ वर्षों में एक बार राष्ट्रीय युद्धाभ्यास की योजना क्रमांक 40.7 में प्रस्तुत की जा रही है, जिसमें नागरिक भी शामिल होंगे.)
5.7              आम जनता को सीधे तौर पर रोजगार न दिलाने वाली महँगी परियोजनाओं को- देश के खुशहाल बनने तक- स्थगित किया जायेगा.
5.8              बेकार साबित हो चुके मंत्रालय, विभाग, योजना, परियोजनाओं को बन्द किया जायेगा और अनावश्यक अनुदान, राज-सहायता, समारोह, विज्ञापन, पुरस्कार राशि, विदेश दौरों इत्यादि पर भी रोक लगायी जायेगी.

5.9   गणतंत्र दिवस के परेड- जैसे खर्चीले समारोह पाँच वर्षों में एक बार आयोजित किये जायेंगे.
—————————————–
सम्पूर्ण घोषणापत्र के लिए : http://khushhalbharat.blogspot.com/ 

1 Comment

  1. August 24, 2010 at 3:44 pm

    >जयदीप शेखर जी आपने बहुत मेहनत की है इस प्रारूप को तैयार करने में और देश और समाज हित के लिए आप हमेशा सोचते हैं यह भी इस पोस्ट से जाहिर हो रहा है ,आप जैसे सोच की इस देश को जरूरत है क्योकि अब वक्त आ रहा है की अच्छी सोच को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए हमलोगों को मिलकर पूरे देश में आन्दोलन चलाना होगा …आपको आपके इस उम्दा प्रयास के लिए धन्यवाद …


Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: