>बड़े नोट बंद करने पर ब्लॉग संसद – Voting Result

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पिछली पोस्ट पर शंकर फुलारा जी ने ब्लॉग संसद में आप सबके समक्ष एक प्रस्ताव रखा था और जो की अक्षरक्ष इस प्रकार था –

इस आर्थिक भ्रष्टाचार से, और अर्थव्यवस्था में नकली नोटों की भरमार से निजात पाने को, बड़े नोट बंद कर दिए जायं | इनमें १००,,,,, ५००,,,, १००० के नोट बंद कर देने चाहिए ।

इस पर भी बड़े ही जोर-शोर से बहस चली ,कई तर्क-वितर्क हुए और वोटिंग कुछ इस प्रकार से रही –

1. जय कुमार झा जी  ——————————————————————— सहमत 

2. डॉ.महेश सिन्हा जी  ——————————————————————  असहमत  

3. जयदीप शेखर जी  ———————————————————————  सहमत 

4. शाहनवाज़ जी ————————————————————————  असहमत 

5. दिव्या जी ——————————————————————————  सहमत

6. सुज्ञ जी ——————————————————————————– असहमत

7. दिगम्बर नासवा जी ——————————————————————–  सहमत 

8. दर्शन लाल बावेजा जी —————————————————————–  असहमत

9. Voice of youths जी ——————————————————————-   असहमत

कुल मिलाकर इस प्रस्ताव पर 9 votes पड़े जिसमें से इसके पक्ष में 4 और विपक्ष में 5 votes पड़े , पर क्योंकि किसी भी प्रस्ताव को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत का होना आवश्यक है इसलिए इस प्रस्ताव को अभी अनिर्णीत प्रस्ताव की श्रेणी में रखा जाता है और भविष्य में इसे फिर से पेश किया जाएगा

आप सभी का तथा उस प्रस्ताव और पोस्ट पर अपने विचार और उसके समर्थन अथवा विरोध में अपने तर्क रखने वाले प्रत्येक टिप्पणीकर्ता का बहुत -२ धन्यवाद एवं आभार

महक

Note:-

1 . जो भी member प्रस्ताव को पेश करता है उसे खुद के प्रस्ताव पर vote डालने का अधिकार नहीं है , इसलिए इस सूची में शंकर जी का नाम नहीं है

2. वोटिंग का अधिकार सिर्फ इस ब्लॉग के members और followers को ही दिया गया है अन्य पाठकों को नहीं , अगर आप लोग भी चाहते हैं की आपकी राय को वोटिंग के रूप में भी शामिल किया जाए तो कम से कम इस ब्लॉग के follower तो अवश्य ही बनें और साथ ही अगर अपना प्रस्ताव भी पेश करना चाहते हैं तो इस ब्लॉग के member भी  बनें

3 .जब किसी member के द्वारा एक प्रस्ताव पेश किया गया हो और उस पर बहस और वोटिंग चल रही हो तो अन्य members उसे कम से कम 3 दिन अवश्य दें ,चौथे दिन मैं प्रस्ताव पर सदस्यों द्वारा किये गए मतदान की जानकारी और नतीजा दूंगा और पांचवें दिन ही अन्य member अपना प्रस्ताव पेश करें

5 Comments

  1. September 5, 2010 at 3:26 am

    >मेरा मत भी विपक्ष मे ही समझे, कर्रप्शन नोटो से नही सोच से पैदा होता है ।

  2. September 5, 2010 at 3:30 am

    >सही और उचित निर्णय…

  3. Mahak said,

    September 5, 2010 at 3:37 am

    >अरे !! मैंने अब गौर किया ,मैं अपना नाम तो डालना भूल ही गया जब की मेरी राय प्रस्ताव की सहमति में थीखैर क्या फर्क पड़ता है ,उससे ये प्रस्ताव दो-तिहाई बहुमत का तो होने से रहा

  4. September 5, 2010 at 6:45 am

    >मेरा वोट भी सहमति में लिया जाये… इस सम्बन्ध में 3 अप्रैल 2009 को प्रकाशित मेरे लेख पर भी एक निगाह डालें… http://blog.sureshchiplunkar.com/2009/04/black-money-big-currency-corruption-in.html

  5. September 5, 2010 at 6:48 am

    >गोदियाल जी वक्तव्य से सहमत हूं, लेकिन इस उपाय से उसमें काफ़ी कमी की जा सकती है, कुछ अन्य उपाय मेरी पोस्ट में भी हैं…


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