>ये "कंकाल" कहाँ के है..?? (चित्र पहचानो पहेली – १)

>ब्लॉग जगत के महानुभावो आप सबको मेरा सादर प्रणाम,  कल ब्लॉग पर कुछ खोज रहा था तभी श्री अभिषेक जी  (कार्टूनिस्ट) के ब्लॉग पर ये कार्टून दिखा, (श्री अभिषेकजी एक बड़े कार्टूनिस्ट है जिनके कार्टून में “राजस्थान पत्रिका” में लम्बे समय से पढ़ रहा हूँ)  इस कार्टून के देखकर मैं बहुत कुछ सोचने पर मजबूर हो गया.
लेकिन सभी महानुभावो से मेरा अनुरोध है कि कृपया इसे “कार्टून” न समझकर एक चित्र ही समझे और चित्र पहचानकर  अपने सुझाव दें.


1)   पहली नजर में आपको लगेगा कि ये “कंकाल” गुजरात दंगो में मारे गए लोगों के है. लेकिन क्या ये जिन्दा जले हुए “कारसेवकों” के नहीं हो सकते जिनको न आज तक कोई पहचान मिली और न ही उचित मुआवजा..??  (मेरी नजर में ये “कंकाल” गुजरात दंगो के नहीं हो सकते, क्यूंकि उन पर तो इतनी राजनीतिक रोटियाँ सकी गयी, इतनी पिक्चर बनी, इतना हंगामा हुआ कि अब उनकी “पिक्चर” बाकी रह ही नहीं सकती)

2)   क्या ये “कंकाल” कश्मीर में जिन्दा जला दिए गए “कश्मीरी पंडितों” के नहीं है..?? जिनका आज तक कोई हामी नहीं है..?

3)   क्या ये “कंकाल” भोपाल गैस काण्ड में मारे गए हजारों बेगुनाहों के नहीं है… जिनको आज तक कोई न्याय नहीं मिला, जिनकी पिक्चर बाकी रह गयी…??

4)  क्या ये “कंकाल” बरेली दंगों में मारे गए हजारों बेगुनाह हिन्दुओं है..??  “जिनको इस “खाऊ मीडिया” ने कभी अपनी सुर्खी नहीं बनाया.. जिनके बारे में आज तक कहीं चर्चा भी नहीं होती..!

5)   ये फिर ये “कंकाल” पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना जिले के दंगो में मारे गए  अल्पसंख्यक  हिन्दुओं के है..?? जिनको ये तक पता नहीं चला कि उन्हें सोते हुए क्यूँ मारा गया और उनका कुसूर क्या था.. ??

– – सभी महानुभावों से निवेदन है चित्र पहचानिए और अपनी राय दीजिये  कि ये “कंकाल” कहाँ  के है..?

(सभी महानुभावों से निवेदन कि इससे अन्यथा न ले और एक “चित्र पहेली” समझे)

राजेंद्र-

हिंदुत्व और राष्ट्रवाद – 

30 Comments

  1. September 20, 2010 at 6:39 am

    >महक जी आपने बहुत ही सही प्रश्न पूछा है

  2. September 20, 2010 at 6:42 am

    >भगवा को आतंक का रंग घोषित करने वाले ये तथाकथित धर्मनिरपेक्ष लोग ऐसे प्रश्नों का क्या उत्तर देंगे ये किसी से छिपा नहीं है.

  3. September 20, 2010 at 7:16 am

    >पूर्वाग्रंथिओं पर करारा व्यंग्य!वैचारिक हिंसा पर सार्थक चोट!!साधुवाद!!

  4. September 20, 2010 at 12:43 pm

    >करारा व्यंग्य!

  5. September 20, 2010 at 12:45 pm

    >ब्लॉग को पढने और सराह कर उत्साहवर्धन के लिए शुक्रिया.

  6. September 20, 2010 at 2:31 pm

    >84 के दंगों के भी हो सकते है ?

  7. September 20, 2010 at 2:41 pm

    >आपने तो सोच में डाल दिया.इस सवाल का जवाब इतना आसन नहीं है .अगर आसन होता तो ये इस रूप में आता ही नहीं .लेकिन ये सवाल अच्छे उद्देश्य के साथ पूछा जा रहा हैये बहुत ही सही बात है .

  8. Mahak said,

    September 20, 2010 at 5:09 pm

    >@विचारशून्य जी ,@सुज्ञ जी ,@संजय जी,@दर्शन लाल जी ,@विरेन्द्र जी ,आप सभी मित्रों का इस पोस्ट को पसंद करने और इसके द्वारा उठाये गए प्रश्नों को सराहने के लिए बहुत-२ धन्यवाद , परन्तु मित्रों आपकी इस प्रशंसा का असली हक़दार मैं नहीं बल्कि हिंदुत्व और राष्ट्रवाद ब्लॉग स्वामी राजेन्द्र जी है , ये पोस्ट और ये प्रश्न उन्ही के द्वारा उठाये गए हैं आप लोगों की तरह ही मैं भी राजेन्द्र जी को इस पोस्ट के लिए धन्यवाद एवं बधाई देता हूँ

  9. Mahak said,

    September 20, 2010 at 5:16 pm

    >@राजेन्द्र जी ,देर से आने के लिए क्षमां चाहूँगा , मैं आपसे पूरी तरह सहमत हूँ की ये कंकाल सिर्फ गुजरात दंगों में मारे गए लोगों के नहीं हैं ,ये कंकाल हर उस निर्दोष व्यक्ति के हैं जिसकी आत्मा को मरणोपरांत भी शान्ति नहीं मिल सकी है और जो आज भी न्याय की उम्मीद करता है फिर चाहे वो जिंदा जलाए गए कारसेवक हों ,कश्मीर में जिंदा ज़लाये गए कश्मीरी पंडित हों ,भोपाल गैस कांड हो ,बरेली के दंगे हों या 84 के दंगों हों ,सभी को इन्साफ की दरकार है

  10. Mahak said,

    September 20, 2010 at 5:18 pm

    >एक बात और ,इस चित्र में मोदी जी को दिखाया जाना मुझे बार-२ अखर रहा है ,ये सही नहीं है ,शायद चित्रकार भी मीडिया के मोदी जी के विरुद्ध किये गए दुष्प्रचार से अत्यधिक प्रभावित लगता है

  11. September 20, 2010 at 5:59 pm

    >जला है जिस्म जहाँ ,दिल भी जल गया होगा ,कुरेदते हो किउँ राख , जुस्तजू क्या है ?दोस्त मेरे , तुम्हें हुआ क्या है ?

  12. September 20, 2010 at 6:24 pm

    >महक जी,मोदी की तस्वीर को हटा दिया जाये तो ये मुंबई हमलो में मारे गए "अमीर" (शायद सलमान को आमिर शब्द से नफरत है …) लोगो के कंकाल भी हो सकते है क्योकि कसब को फासी जल्दी से होगी नहीं (अजी जल्दी क्या शायद कभी नहीं …….अभी तो अफजल साहब भी बाकि है ..) तो पिक्चर अभी बाकि है मेरे दोस्त !!

  13. September 20, 2010 at 6:28 pm

    >सच में नहीं पहचान पाया…. किसके कंकाल हैं…..?

  14. September 21, 2010 at 2:31 am

    >मैं तो बराबर पहचान गया… ये कंकाल मुरादाबाद, मलियाना, मालेगाँव, मेरठ, भागलपुर, मुम्बई के दंगों में मारे गये हिन्दुओं के हैं…। कंकालों का ढेर छोटा बताया गया है, इसमें केरल के मोपला, और हैदराबाद के रज़ाकारों द्वारा "एकत्रित" किये गये हिन्दू कंकाल भी शामिल किये जायें…

  15. September 21, 2010 at 9:54 am

    >Picture is out of display due to some reasons .What should I say now ?‘दूरियां भ्रम हैं और नफ़रतें बेबुनियाद हैं।

  16. September 21, 2010 at 10:34 am

    >इन कंकालों से आवाज नहीं आती,अपनी मौत के सदमे से हैरत में हैंये तो बेकुसूर ही थे फिर क्यों इनकोइस तरह से गुमनाम मार दिया गया.हम कौन है ये तो पहचान ही खो गयी,यारो क्यों परेशान हो इस तरह से सापड़े रहने दो, लोगों की नींद हराम हो गयी.–

  17. September 21, 2010 at 11:26 am

    >बस दर्द है और कुछ नहीं हर भारतीय का दर्द, हर सभ्‍य नागरिक का दर्द ।।और कुछ न कहूँगा ।।जाने लोग हिन्‍दू धर्म के विषय में अपनी मानसिक कुंठाओं को कब मिटा पाएँगे ।राजेन्‍द्र जी आपने इस तरह के वाकये से अवगत करायाधन्‍यवाद

  18. September 21, 2010 at 11:54 am

    >बहुत ही खोज पूर्ण लेख है ये प्रश्न बामपंथियो, सेकुलरिस्टो और मिडिया क़ा प्रमुख विषय नहीं बनेगा क्यों की ये तस्बीरे निरीह हिन्दुओ की है.बहुत-बहुत धन्यवाद.

  19. September 21, 2010 at 12:27 pm

    >"आप की अमूल्य राय देने के लिए आप सभी महानुभावों का बहुत-बहुत धन्यवाद." @महकजी, आपने कहा ये "कंकाल" हर उस आदमी के जिनको मरणोपरांत शान्ति नहीं मिली, इस बारे में सिर्फ इतना की कहना चाहता हूँ. की बंदा था मैं ईश्वर का, आदिम मुझे बनाया, इंसानियत ने मेरी मुजरिम मुझे बनाया । माँगी सदा दुआ है, दुश्मन को भी खुशी दे, हैवानियत दिखा के ज़ालिम मुझे बनाया । @ महफूज़ भाई आप पहचान नहीं पा रहे हो या पहचान कर भी अनजान बने हुए हो आप. . . . .. @ पूज्य सुरेशजी, @ रेखा श्रीवास्तवजी @ आनंद पाण्डेय जी @ दीर्घतमाजी आप सभी महानुभावो का बहुत-बहुत धन्यवाद, राजेंद्र जांगिड – हिंदुत्व और राष्ट्रवाद

  20. September 23, 2010 at 5:48 am

    >इस देश में इन सवालों की कोई महता नहीं महक जी !

  21. September 23, 2010 at 5:50 am

    >@हिंदुत्व और राष्ट्रवाद;बढ़िया लिखा है आपने !

  22. September 24, 2010 at 4:56 am

    >@ गोंदियालजी – उत्साहवर्धन के लिए आप का हार्दिक आभार और धन्यवाद -राजेंद्र जांगिड हिंदुत्व और राष्ट्रवाद

  23. September 25, 2010 at 10:01 am

    >chalo acha hai ye kakkal hindo ke hai warna aafat aa jati

  24. September 27, 2010 at 10:01 am

    >अभी तक आयोग नहीं बैठा, इन कंकालों के लिए, हैरत की बात है |

  25. Ejaz Ul Haq said,

    September 29, 2010 at 3:39 am

    >ईश्वर एक है, धरती एक है यहाँ पढ़ें

  26. Ejaz Ul Haq said,

    October 1, 2010 at 8:52 am

    >राम नाम सत्य हैश्री रामचन्द्र जी की शान इससे बुलंद हैकि कलयुगी जीव उन्हें न्याय दे सकें, और श्री राम चन्द्र जी के राम की महिमा इससे भी ज्यादा बुलंद कि उसे शब्दों में पूरे तौर पर बयान किया जा सके संक्षेप में यही कहा जा सकता है कि राम नाम सत्य है और सत्य में ही मुक्ति है।अब राम भक्तों को राम के सत्य स्वरुप को भी जानने का प्रयास करना चाहिए, इससे भारत बनेगा विश्व नायक, हमें अपनी कमज़ोरियों को अपनी शक्ति में बदलने का हुनर अब सीख लेना चाहिए।

  27. October 4, 2010 at 7:20 am

    >कंकाल को तो वे अच्छे से पहचान सकते हैं, जो इनका सौदा करते हों।…………….…..ब्लॉग चर्चा में आप सादर आमंत्रित हैं।

  28. October 4, 2010 at 2:38 pm

    >मैं पहचान गया इतना छोटा ढेर है तो अवश्य ही केवल अयोध्या में शांतिपूर्ण कारसेवा करने की कोशिश करने का प्रयास कर रहे उन लोगों के ही होंगे जो पुलिस की गोली से मारे गए हैं क्यूँकी अगर कहीं और के होते तो ढेर को कई गुना बड़ा होना चाहिए था |

  29. October 5, 2010 at 8:26 am

    >जाकिर भाई.. सौदा कौन करतें है ये आपको मैं बता सकता हूँ.. १४ सितम्बर को राजस्थान की नजाला बोर्डर ४ पाकिस्तानी घुसपैठिये मारे गए. पाकिस्तान के दक्षिणी कमान के अधिकारी मेजर वहाब ने उन लाशों को लेने से मना कर दिया और कहाँ की ये हमारे आदमी नहीं है. लेकिन १७ सितम्बर को पाकिस्तानी अखबार डान में छपी खबर के अनुसार वो पाकिस्तान के पश्चिमी प्रान्त लोंगवाला के आदमी थे जो पाकिस्तानी सेना की मदद से भारत में घुसपैठ कर रहे थे,.हालांकि भारतीय सेना उनको सम्मान के "दो गज जमीन" में दफ़न कर दिया…—अब बताइए लाशों और कंकालों का सौदा कौन करते है…

  30. October 9, 2010 at 6:08 am

    >अच्छी जानकारी दी.या देवी सर्व भूतेषु सर्व रूपेण संस्थिता |नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ||-नव-रात्रि पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं-arganikbhagyoday.blogspot.comarganikbhagyoday-jindagijindabad.blogspot.com


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