>अब छिछोरेपन के साथ-साथ देशद्रोहियों को भी फ़ुटेज? सन्दर्भ बिग बॉस भाग-4…… Big Boss-4, Colors Channel, Anti-National Elements

>कुछ साल पहले ही कलर्स नामक चैनल ने “बालिका वधू” सीरियल लाकर बाकी चैनलों की हवा निकाल दी थी। बालिका वधू घर-घर में महिलाओं और युवाओं में खासा लोकप्रिय हुआ, सीरियल भले ही कैसा भी हो, लेकिन उसमें बाल-विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ़ एक स्पष्ट संदेश तो था ही। उस सीरियल ने TRP के कई नए रिकॉर्ड कायम किये और स्टार टीवी पर “एकता कपूर छाप” सीरियलों को दर्शकों का सूखा झेलने की नौबत आ गई। एक और चैनल है “सब टीवी” जो फ़िलहाल “तारक मेहता का उलटा चश्मा” सहित कई अन्य हास्य-व्यंग्य(?) कार्यक्रमों के जरिये कम से कम फ़िलहाल “बाजारूपन” से बचा हुआ है।

जिस समय बिग-बॉस भाग-4 की घोषणा हुई थी और कहा गया कि सलमान खान इसमें बिग बॉस बनेंगे, उसी समय आशंका होने लगी थी कि इस भाग में “गिरावट की एक नई पहल” देखने को मिलेगी… यह आशंका उस समय सच हो गई जब बिग बॉस भाग-4 के सभी 14 प्रतिभागियों के नामों की लिस्ट सामने आई। हालांकि बिग बॉस के पहले तीन भाग भी कोई नैतिकता की प्रतिमूर्ति नहीं थे, और तथाकथित रियलिटी शो के नाम पर जितनी गंदगी बिग बॉस ने फ़ैलाई है शायद किसी और कार्यक्रम ने नहीं फ़ैलाई होगी।

अंग्रेजों के कार्यक्रम की भौण्डी नकल के नाम पर “सेलेब्रिटी” कहकर जिन्हें इस कार्यक्रम में शामिल किया जाता है वे चेहरे जानबूझकर ऐसे चुने जाते हैं जो खासे विवादास्पद हों, सामाजिक जीवन में उन्होंने कोई अनैतिक काम या चोरी-चकारी की हो, राहुल महाजन जैसे नशेलची हों, या राजा चौधरी जैसे बीबी को पीटने वाले दारुबाज हों… ऐसे लोगों को जमकर महिमामण्डित किया जाता है, इनके किस्से चटखारे ले-लेकर अखबारों को छापने के लिये दिये जाते हैं (अखबार यह सब छापते भी हैं), और तीन महीने तक इन तथाकथित सेलेब्रिटीज़ को, इनके कारनामों को, इनकी गिरी हुई हरकतों को देश के कोने-कोने में घर-घर तक पहुँचाया जाता है।

बालिका वधू के रुप में कलर्स चैनल ने नई ऊँचाईयों को छुआ और अपनी विशिष्ट पहचान बनाई, लेकिन बिग बॉस भाग-4 की सूची देखकर लगता है कि यह चैनल बहुत जल्दी अपनी “असली चैनलिया औकात” पर उतर आया है, पहले आप इन 14 लोगों के नामों और उनके “पवित्र कामों” पर नज़र डालें –

1) पहला नाम है अज़मल कसाब के वकील SAG काज़मी का, शायद कसाब का केस लड़ने के उचित पैसे इन्हें नहीं मिले इसलिये अब ये बिग बॉस में दर्शन देंगे। बिग बॉस के घर में रहने से इन्हें नये-नये क्लाइंट मिलेंगे…

2) दूसरा नाम है समीर सोनी का – एक “बी” ग्रेड के मॉडल-अभिनेता, लेकिन कम से कम इनकी छवि तो थोड़ी साफ़-सुथरी है।

3) तीसरा नाम धमाकेदार है – भूतपूर्व डाकू रानी “सीमा परिहार”, जिन पर 70 से अधिक हत्याओं के मुकदमे विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं और इन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से बिग बॉस में शामिल होने के लिये विशेष अनुमति याचिका दायर की है।

4) चौथी हैं श्वेता तिवारी – पिछले बिग बॉस में इसी का पति राजा चौधरी विजेता रहा था, अब दोनों अलग होने के बाद शायद श्वेता बिग बॉस में सबको बतायेगी कि राजा उसे कैसे और कब पीटता था…

5) पाँचवां नाम है अश्मित पटेल का – “अमीषा पटेल के भाई” होने से बढ़कर इसकी खुद की कोई पहचान नहीं है, दो-चार घटिया फ़िल्मों में काम करने के बाद अब ये साहब रिया सेन के साथ अपने अंतरंग MMS बनाते और उसे नेट पर डालते हैं।

6) छठा नाम सम्मानित है, ये हैं भोजपुरी फ़िल्मों के स्टार मनोज तिवारी। भोजपुरी फ़िल्मों में इनके प्रतिद्वंद्वी रवि किशन की हिन्दी में सफ़लता को देखकर शायद इनमें भी उत्साह जागा है और बिग बॉस भाग-4 में ये अपना “जलवा”(?) दिखायेंगे।

7) सातवें नम्बर पर एक और टीवी अभिनेत्री है, नाम है सारा खान जिसे दर्शकों ने “सपना बाबुल का” और “बिदाई” धारावाहिकों में देखा है… कोई खास उपलब्धि नहीं, कोई खास विवाद भी नहीं… (इसलिये जल्दी ही बिग बॉस से बाहर भी हो जायेगी)।

8) आठवें नम्बर पर एक पाकिस्तानी है, नाम है “वीना मलिक”, जी हाँ सही समझे आप… मोहम्मद आसिफ़ जैसे “चरित्रवान” क्रिकेट खिलाड़ी की पूर्व प्रेमिका, जो जल्दी से अपनी “टेम्परेरी लोकप्रियता” को भुनाने के लिये बिग बॉस में चली आई है… पाकिस्तान में सी ग्रेड की मॉडल और विभिन्न अफ़ेयर्स की मारी हुई एक प्रतिभागी… बिग बॉस जैसे कार्यक्रम के लिये “एकदम फ़िट”।

9) नौंवे प्रतिभागी हैं महेश भट्ट के “सुपुत्र”(?) राहुल भट्ट (यानी बिग बॉस में एक और राहुल), इसके बारे में लगभग सभी लोग जानते हैं, लश्कर के डेविड कोलमेन हेडली के साथ इसके रिश्ते खुल्लमखुल्ला सामने आने के बावजूद संदेहास्पद तरीके से पुलिसिया पूछताछ से बरी किया हुआ “सेकुलर” है ये। जब तक अपने बाप की उमर तक पहुँचेगा, तब तक स्कैण्डल और छिछोरेपन में उससे दो कदम आगे निकल चुका होगा यह तय मानिये…। राहुल भट्ट ने कहा भी है कि वह डेविड हेडली को धन्यवाद देना चाहता है, जिसकी वजह से उसे बिग बॉस में जगह मिली…

10) दसवीं है साक्षी प्रधान नाम की एक और “सी” ग्रेड मॉडल जो छिछोरेपन में बिग बॉस के बाप, यानी MTV के स्प्लिट्ज़विला में नमूदार होती है और इन्हें भी अपने अश्लील MMS नेट पर डालने का शौक है।

11) ग्यारहवे हैं रिशांत गोस्वामी, जो 2004 के “ग्लैडरैग्स” मॉडल के विजेता हैं। फ़िलहाल विवादों से परे…

12) बारहवी हैं आँचल कुमार – “सेलेब्रिटी” के तौर पर इनकी पहचान(?) सिर्फ़ इतनी है कि ये युवराज सिंह की पूर्व प्रेमिका कही जाती हैं…

13) तेरहवाँ नाम “आश्चर्यजनक किन्तु सत्य” है – देवेन्दर सिंह उर्फ़ बंटी चोर का, दिल्ली में 500 से अधिक चोरियों में शामिल और 13 साल की जेल यात्रा करके लौटे हैं और अब बिग बॉस में पूरे देश के हीरो बनेंगे, क्योंकि चोर-उचक्कों का ही जमाना है अभी तो…(बिग बॉस-4 ने बंटी चोर को हीरो बनाने की शुरुआत भी कर दी है, क्योंकि उसे बिग बॉस की शुरुआत में ही बाहर कर दिया गया फ़िर चैनलों-अखबारों में “एक राष्ट्रीय बहस”(?) चलाई गई कि बंटी चोर को बाहर क्यों किया गया?)

14) चौदहवाँ नाम और भी उबकाई लाने वाला है, पाकिस्तान की टीवी टॉक शो होस्ट, बेगम नवाज़िश अली का… उबकाई लाने वाला इसलिये, क्योंकि इसे यही नहीं पता कि यह मर्द है या औरत या “बीच” का। यह अजीबोगरीब जीव, कभी “अली सलीम” के नाम से जनता के सामने “आता” है तो कभी बेगम नवाज़िश के नाम से “आती” है।

तो देखा आपने, कलर्स चैनल ने किस तरह से चोर-उचक्कों-डकैतों-देशद्रोहियों-उनके वकीलों और छिछोरों की फ़ौज खड़ी की है देश के “मनोरंजन”(?) के लिये। ऐसा नहीं है कि इन चैनलों से दर्शक किसी भारी-भरकम नैतिकता की उम्मीद करते हैं, सभी को यह बात पता है कि चैनल अपने कार्यक्रम “पैसा कमाने” के लिये बनाते-दिखाते हैं, परन्तु कलर्स चैनल की ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि उसे बालिका वधू जैसा कमाई और उच्च TRP जैसा साफ़-सुथरा कार्यक्रम छोड़कर इस कीचड़ में उतरने की जरुरत आन पड़ी? क्या बालिका वधू या उस जैसे अन्य कार्यक्रमों से कमाई नहीं होती? या लोकप्रियता नहीं मिलती? बल्कि कलर्स की पहचान ही बालिका वधू  से बनी, तो फ़िर राहुल भट्ट, काज़मी, सीमा परिहार, बंटी चोर और बेगम जैसे विवादास्पद लोगों को देश के सामने पेश करके किस प्रकार की “कमाई” की जायेगी?

आजकल भारत के टीवी सीरियलों में पाकिस्तान के कलाकारों (कलाकारों??) को लेने की प्रवृति बढ़ चली है, बच्चों के एक गाने के कार्यक्रम में भी बाकायदा भारत-पाकिस्तान की टीमें बनाई गई हैं, जहाँ शुरुआत में भारत-पाकिस्तान की कथित एकता(?) के तराने जमकर गाये गये थे। यह बात और है कि “बड़ा भाई” बनने का शौक सिर्फ़ भारत को ही चर्राता है, पाकिस्तान तो भारत के कलाकारों को दरवाजे पर भी खड़े नहीं होने देता। परन्तु बिग बॉस-4 की बात अधिक गम्भीर है, यहाँ कसाब की पैरवी करने वाले काज़मी वकील मौजूद हैं, डेविड हेडली का दोस्त और सुपर-सेकुलर महेश भट्ट का बिगड़ैल नवाबज़ादा मौजूद है, बंटी चोर है, सीमा डकैत है, अश्लील MMS बनाने-दिखाने वाले एक दो “सी” ग्रेड के लोग मौजूद हैं… अब ये लोग अगले तीन माह तक विभिन्न अखबारों में अपने पक्ष में “माहौल” बनायेंगे, कुछ रोना-धोना मचाकर और कभी एक-दूसरे के कपड़े फ़ाड़कर शिल्पा शेट्टीनुमा सहानुभूति(?) भी अर्जित करेंगे… और यह सब होगा कभी “मनोरंजन” के नाम पर तो कभी “अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता” के नाम पर। अर्थात जिन लोगों को जेल में होना चाहिये, वे कैमरों के सामने, आपके घरों में मौजूद होंगे…। एक सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या भारत के सारे चोर-उचक्के-हिजड़े मर गये थे, जो अब पाकिस्तान से बुलाकर हमें दिखाये जा रहे हैं?

बहरहाल, राखी सावन्त, राहुल महाजन, राजा चौधरी, पायल रोहतगी से होते-होते बिग बॉस ने गिरावट का लम्बा सफ़र(?) तय किया है और अब वह राहुल भट्ट, काज़मी, सीमा परिहार और बंटी चोर तक आ पहुँचा है, ऐसा ही जारी रहा तो शायद बिग बॉस के भाग-5 में हमें कसाब, अफ़ज़ल गुरु (अदालत की विशेष अनुमति से?), लादेन, जवाहिरी, हाफ़िज़ सईद, दाऊद इब्राहीम जैसे लोग भी देखने को मिल सकते हैं… कौन रोकेगा इन्हें? जो भी इनका विरोध करेगा, वह “साम्प्रदायिक”(?) कहलायेगा…। इस देश में “अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता”(?) के नाम पर प्राइम टाइम में किसी चैनल पर “ब्लू फ़िल्म” भी दिखाई जा सकती है… पैसा कमाने के लिये किसी भी हद तक गिरने को तैयार हैं चैनल-अखबार वाले… यह बात वीना मलिक और राहुल भट्ट को “सेलेब्रिटी” कहकर पुकारे जाने से तथा देश में कई गम्भीर समस्याओं के होते हुए भी, बंटी चोर को बिग बॉस से बाहर करने को “राष्ट्रीय मुद्दा”(?) बनाने से साबित होती है…।

देश के अधिकतर लोग अभी भी मानते हों और किताबों में भले ही पढ़ाया जाता हो, कि “भलमनसाहत”, “नैतिकता” और “ईमानदारी” से आपकी पहचान बनती है और आप जीवन में आगे बढ़ते हैं, लेकिन मीडिया चैनल और अखबार, गिरे से गिरे हुए लोगों को हेडलाइन्स और TRP का हिस्सा बनाकर साबित करना चाहता है कि आप भी ऐसे ही बनिए, वरना न तो आप “सेलेब्रिटी” बन सकेंगे और न ही आपके कामों को कोई “नोटिस” करेगा…। यदि कलर्स चैनल में थोड़ी भी शर्म बची हो तो उसे जल्दी से जल्दी, वकील काज़मी, वीना मलिक, बेगम नवाज़िश और राहुल भट्ट को बिग बॉस से बाहर कर देना चाहिये… पाकिस्तानियों और देशद्रोहियों के लिये भारत में कोई जगह नहीं होनी चाहिये… सीमा परिहार, बंटी चोर और अश्मित पटेल इन चारों से फ़िर भी थोड़े बेहतर हैं…

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48 Comments

  1. October 7, 2010 at 8:08 am

    >अगर अच्छा दाम मिले तो ये लोग अपनी मां बहन को भी बेच देंगे…….इनको कोई फर्क नहीं पङता देश मैं बम फूटें..या देश के टुकङे टुकङे हो जायें….सच मैं इन सब मैं सबसे सही बंटी चोर ही है….कम से कम देशद्रोही तो नहीं है

  2. October 7, 2010 at 8:13 am

    >यह कार्यक्रम है ही इन लोगों के लिए. बस दुख की बात है कि अन्य पड़ोसी देशों से दागदार लोग इन्हें नहीं मिलते जो पाकिस्तान… खैर मियाँ की दौड़ मस्जिद तक ही होती है.

  3. sanjay said,

    October 7, 2010 at 8:16 am

    >aapka blog aur apka lekh bahut bura hai…acche-khase sahant(mare) huyeko jhanjhor deta hai…ridhvihin kokhare hone ki nahi….oor jane ko prerit karti hai…dekhiye bhaijee apko meri baat burilag sakti hai…leking kya karoon..aapka post …. bari marak hoti hai..murde me jaan phoonk deti hai….ab to loktantra ka matlab sirf…manmarji rah gaya hai…..1% sirf 1% aapke jaise log hindustan me ho jaye to ….ye 6Msingle M bhi nahi bachenge….kya hame 6M janwar bana kar hi damlenge….apko natmastak pranam.

  4. Amit said,

    October 7, 2010 at 8:16 am

    >Dear Suresh Ji,TV channels main aaj kal faishon ho gaya hai Pakistaniyon ko lene ka. Nahin to ye channels 'Secular' kaise kehlayenge? Mujhe to samajh main nahin aata enko Indian visa mil kaise jata hai aise program main shamil hone ke liye? Pata nahin Indian media ye bat kab samjhega ki bhale hi en logon ko aap yahan par la kar Koi Contest Jita do, Ya poora Program hi enke naam kar do, es se bhai chara nahin badhega. Aur kaise ye log chale aate hain muh utha kar India main? Kya enko maloom nahin ki Islaam main TV, Sangeet ya esi tarah ke manoranjan sadhno se door rehni ki nasihat di gayi hai? Ya fir ye log Islaam ko mante hi nahin? Ya fir enko apne desh main koi poochta hi nahin?Bhartiy Media media main Naitikta to bachi hi nahin. Pata nahin kahan kho gaye vo "Nukkad" aur "Malgudi Days" jaise programs jo actually main Manoranjan Karte the. Maine recently hi aapke B'log padhne suru kiye hain. Firt b'log maine "Baat Kashmir Ki" padha tha jo aapne sabhi Political Parties ke jane ke bare main likha tha aur tab se hi main aapka fan hoon. Main aapke kafi b'log padhe aur internet par ditribute kiye. Aapke b'log sach main hi "Eye Opener" hain.Dhanyavad !

  5. kumar said,

    October 7, 2010 at 8:23 am

    >कृपया कर के इतना ना लिखे… शर्म आती है खुद को भारतीय कहते हुए…. पता नहीं कैसे change होगा यह सब …. बस किसी का गूसे का ज्वालामुखी फट जाये…. और भारत में राम राज्य आ जाये… बस यही दुआ कर सकते है …कभी कभी लगता है .. देश के लिए कुछ करू… चाहे जान भी ना चली जाये..लेकिन फॅमिली … की responsibility सभ्लाते सभ्लाते जान निकल जाती है.. देश के लिए क्या करू ? पता नहीं .. हालत तो ऐसी है की … "धरले की चावते , सोडले की पळते" मराठी में एक कहावत है..

  6. kumar said,

    October 7, 2010 at 8:28 am

    >सुरेश भाई आप से एक विनंती है … जब भी पोस्ट करो यह message मिलाता है our comment has been saved and will be visible after blog owner approval.कुपया कर के इसे निकल दे… लोगो को आपने दिल की बात कहने में … कोई approval की आवश्यता नहीं होनी चाहिए.. पता है कुछ लोग गन्दी बाते / गलिया लिखते है…. लेकिन वोह भी तो एक टिपण्णी ही है ना ?? जो दिल की भाषा में लिखी गयी हो ??अगर भाहोत ही गन्दी बाते लिखी हो तोह आप delete कर सकते है …dhanआशा है की आप इस विषय में सोचेंगे ..

  7. October 7, 2010 at 8:44 am

    >@ बिग बॉस के भाग-5 में हमें कसाब, अफ़ज़ल गुरु (अदालत की विशेष अनुमति से?), लादेन, जवाहिरी, हाफ़िज़ सईद, दाऊद इब्राहीम जैसे लोग भी देखने को मिल सकते हैं…भगवान् मेरी उम्र जरूरतमंद को देदे, जिससे ऐसा होने से पहले मैं मर जाऊ, पर शायद मरा हुआ तो अभी भी हूँ, अभी क्या कम हो रहा है समाज में चारों और फिर भी जी रहा हूँ !!!!तभी तो हरामखोरों की इतनी मजाल हो रही है की सच्चाई को झुटला कर बार बार घाघरे में छिप कर नए नए नामों से उलजुलूल लिखे जा रहे है.

  8. रचना said,

    October 7, 2010 at 8:51 am

    >बालिका वधू घर-घर में महिलाओं और युवाओं में खासा लोकप्रिय हुआ, सीरियल भले ही कैसा भी हो, लेकिन उसमें बाल-विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ़ एक स्पष्ट संदेश तो था ही।yae ek bhranti haen unhonae serial mae wo sab dikhyaa jo galt thaa par wo nirantar uski paerivi hai kartey rahey aur aaj bhi kar rahey haen koi reform nahin dhikyagaya mahila kae liyae balika vadhu aaj nirakshar haen ab aatey haen big boss par is baar to desh kae prati jitna anaadar ho saktaa haen kar diyaa

  9. October 7, 2010 at 9:10 am

    >AGREE WITH YOU…!रियलिटी शो के नाम पर जितनी गंदगी बिग बॉस ने फ़ैलाई है शायद किसी और कार्यक्रम ने नहीं फ़ैलाई होगी। !!!

  10. RAJAN said,

    October 7, 2010 at 10:47 am

    >@सुरेश भाई,मैं तो इसे महेश भट्ट जैसे सेकुलरों की ड्रीम टीम ही कहूँगा।और यदि छिछोरेपन में हमें अंग्रेजों वाले बिग बॉस को मात ही देनी है तो इसमें 'छोटे भाई' का सहयोग लिया जा सकता हैं।केवल यही एक काम हैं जो हम अकेले नहीं कर सकते।और हाँ….अश्मित पटेल ,साक्षी प्रधान या रीया सेन आदि यदि अपना MMS बनाऐंगे भी तो खुद ही उसे नेट पर क्यों डाल देंगे?और ये अधिकतर तो फर्जी ही होते हैं।इतने बढिया लेख में कृप्या ऐसी ऊट-पटांग बातें लिखने से बचें।शेष लेख बहुत अच्छा हैं।

  11. October 7, 2010 at 11:23 am

    >@ सुरेशजी, इस को कहते है समाज का दिवालियापन…न्यूज़ चेनलों की देख-देखी मैं ये मनोरंजन चेनल(?) भी अपने दर्शको को मानसिक और वैचारिक तौर पर कंगाल करने लगे है.. सोचिये, राखी सावंत जैसी "तवायफ" अब न्याय करेगी.. वो हमें न्याय दिलाएगी.. तो देश का कानून क्या अपनी माँ-बहन करवाएगा..??आगे आगे देखिये थोड़े दिनों मैं "अफज़ल गुरु" केबीसी की हॉट सीट पर बैठेगा,, कसाब जैसा जल्लाद थोड़े दिनों में इंडो-पाक वार्ता की लाइव एंकरिंग करेगा.. जब तक ये रिटायर होंगे.. तब तक कांग्रेस का कोई और दामाद तैयार हो जायेगा…========मुस्किल तो हिन्दुस्तानियों (हिन्दुओं) की ही है.. जिन्हें,.,………..

  12. 'उदय' said,

    October 7, 2010 at 12:51 pm

    >… कल सब्जी बाजार में सडे-गले टमाटर, भटे, प्याज, कद्दू इत्यादि बिकते देखा … रुका फ़िर सोचा … ये भारतीय बाजार है यहां कुछ भी बिक सकता है … !

  13. ZEAL said,

    October 7, 2010 at 1:28 pm

    >.घिन आती थी बिग बॉस की अश्लीलता देखकर । अब तो चोर-उचक्के , गिरहकट, और आतंकवादी दिखाए जा रहे हैं। खैर जब अपना सिक्का ही खोटा हो तो क्या कहें किसी को। हमारा मीडिया, हमारा देश, गंदे धारावाहिक, और उसे पसंद करने वाली विकृत मानसिकता से ग्रस्त हमारी भेड़-चाल वाली मुर्ख जनता।इश्वर भला करे !.

  14. Pushkar Veer said,

    October 7, 2010 at 1:28 pm

    >@ सुरेश भाई,सलीम खान, ऐसा ब्लॉगर है जिसने नफ़रत फ़ैलाने का काम शुरू किया.. उसके 2 – 4 चेले चांटो ने हिन्दू देवी देवताओ को गलियाँ भी दी…उसकी पिछली पोस्ट पर "हिंदुत्व और राष्ट्रवाद" नाम के एक ब्लॉगर भाई ने चेलेंज किया था की वो सुधर जाये नहीं तो इस्लाम के बारे बहुत कुछ कहूँगा.. वो नहीं सुधरा."हिंदुत्व और राष्ट्रवाद" नाम के इस ब्लॉगर ने "सलीम मुल्ले" को ऐसा पिटा की बकरी की तरह मिमियाने लग गया…इन लोगों को ऐसी ही भाषा समझ में आती है.. यहाँ देखिये -http://swachchhsandesh.blogspot.com/2010/10/journey-of-faith.htmlजय भारत

  15. October 7, 2010 at 4:07 pm

    >इंका बस चले तो एक दिन कसाब भी आएगा इस भ्रष्ट शो मे ! क्या सिर्फ रिश्वत लेना ही भ्रष्टाचार होता है ऐसे छड़िया पहन कर के टीवी पर दिखाना भ्रष्टाचार नहीं ? पहले से ही तीन पाकिस्तानी है पहले तो वे "सरहद से आने वाले 2" और एक बॉलीवुड वाला पाकिस्तानी कलाकार "सलमान खान" ऐसे घटिया शो से सिद्ध होता है की देश भक्ति क्या होती है यह सिर्फ जुबान पर ही दिखाई देती है ! वैसे कलर्स जैसे चेनल विदेशी है इन्हे कोई मतलब नहीं है की शो ऐसे हो या बालिका वधू जैसे इन कमीनों को तो पैसे मतलब है

  16. October 7, 2010 at 4:29 pm

    >सुरेश भाई, आप अपने कपड़े क्यों फाडते हैं. मेरे कपड़े अभी तक सलामत हैं क्यों कि में तो इन चेनलों की तरफ मुहं कर के मू@@@ भी नहीं हूँ. चियर उप मेन्, इन घटिया चीज़ों पर अपनी ऊर्जा व्यय मत करो.

  17. October 7, 2010 at 4:55 pm

    >इस शो के बारे में मैं भी बिलकुल यही सोच रखता हूँ. अपने इस विषय पर मेरे मन आ रही सारी बातें लिख दी हैं.

  18. October 7, 2010 at 5:01 pm

    >SURESH JIjabtak hamare desh me lalu, mulayam, mayavati, ramvilash, jaishe neta hai tabtak hamare desh me koi kuch bhi kar sakta hai…kyo ki aap ne jitne nam BIGBOSS me bataye hai unke ye pairokar hi hoge………JANARDAN MISHRA

  19. October 7, 2010 at 5:20 pm

    >अजी आप तो ये मॉडरेशन हटा दीजिये, काफी इंतज़ार करना पड़ता है :)बाकी ब्लॉग-जगत में घुमने-फिरने के मज़े इन दिनों ही आ रहे है………………..सारी की सारी "रुदालियाँ" स्यापा कर रही है, जैसे अयोध्या फैसले के बाद इनके पिताजी को जहन्नुम नसीब हो गयी हो 🙂

  20. October 7, 2010 at 5:50 pm

    >एक सूअर ने ये ऊपर वाली पूरी पोस्ट ही कॉपी कर दी है देखो http://bigboss-s4.blogspot.com/2010/10/blog-post_07.html मैंने इसे रिपोर्ट कर दिया है आप भी करें एस ताकि फिर कोई कॉपी ना करें यहाँ क्लिक कर के ब्लॉक करें इसे http://www.google.com/support/blogger/bin/request.py?page=main_tos&blog_ID=7855835951328573983&blog_URL=http://bigboss-s4.blogspot.com/

  21. October 7, 2010 at 6:18 pm

    >जब हम अपने परिवारों में ही संस्कृति को सुरक्षित नहीं रख सके तो इनसे क्या उम्मीद रखें? ये तो नन्गेपन को दिखाने और उसी का खाने में माहिर हैं.रही बात देशद्रोहियों की तो जब अपना ही सिक्का खोटा हो तो किसी दूसरे पर क्या आरोप>>>>>>>>>>जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

  22. abhishek1502 said,

    October 7, 2010 at 7:14 pm

    >हमारे समाज के आदर्श अब ये लोग हो गए है क्या ?????????????जितने बदमाश ये खबरिया चैनल है उतने ही बाकि गप्प हाकू चैनल

  23. October 7, 2010 at 7:22 pm

    >यही तो होता है इस देश में………. लोगों को सद्चरित्र और दुश्चरित्र की पहचान ही नहीं। जिसे यूथ आईकन बताया जा रहा है ऐसे राहुल गांधी को भी नहीं।

  24. chor pe mor said,

    October 7, 2010 at 7:42 pm

    >इन चैनल वालों की तो …………….खैर भगवान बचाएगा भारत को

  25. Samir Jain said,

    October 7, 2010 at 9:14 pm

    >मै एसा मानने लगा हूँ की शायद इस दुनिया में दो ही धरम है,ईसाई और मुस्लिम,और सिर्फ उन्हें ही जीने का हक़ है,हिन्दू तो पशु प्रतीत होते है ,तभी तो आधी से ज्यादा जनसँख्या होने के बाद भी भारतवर्ष में हिन्दू तिरस्कृत हें,अगर ये अपने हक के लिए लडे तो ये साम्प्रदायिक कहलाते हें,लेकिन मुस्लिम वोट बैंक के लिए ये आस्तीन के सांप राजनेता मुस्लिम तुस्टीकरण के लिए हिन्दू होते हुए भी हिन्दुओं की आवाज़ दबा देते हें,अगर आप इन मज्ज़िदो का इतिहास देखेंगे तो ये बाबर जेसे मुस्लिम आक्रान्ता, पीरो को धरम परिवर्तन के लिए ही भारतवर्ष में भेजते थे.चाहे दूसरा धरम जैसे( हिन्दू ) नस्ट ही क्यों न हो जाए.और आज हमारे भारत वर्ष में मुस्लिम की गुलाम अंग्रेजो की औलादे जो की पशु वर्ग यानि हिन्दू लोग पैदा हो रहे है.बाबर ने हिन्दू रुपी पशु पैदा करवाए और नेहरू ने अंग्रेजो की औलादे पैदा करवाई ………..तभी तो आज हिन्दू एक तरफ तो डरपोक हो चूका हें और दूसी तरफ उसकी सोच पर अंग्रेजी मानसिकता का साया पद चूका हें और उसके सोचने समजने की शक्ति को आस्तीन के सांप राजनेता ( नेहरू और बाबर के भक्त) ख़तम कर चुके हें….. …….ये चेन्नल हिन्दू पशुओ का मनोरंजन करने के लिए ही इस तरह के प्रोग्राम बनाते हे.क्युकी हिन्दू रुपी पशु का दिमाग 5M ने कैद केर लिया है ……………भारतवर्ष में हिन्दू को वापस से असली स्वतंत्रता की ज़रुरत हें………………….और इस तरह के टीवी सेरिअल्स का बहिष्कार की भी जरूरत हे.और उन उत्पादों का भी बहिष्कार होना चाहिए जो की इस तरह के चेन्नाल्स और सेरिअल्स को स्पोंसर करते हे………..तभी हिन्दू पशु से भगवान का स्थान पा सकेगा……

  26. October 8, 2010 at 2:35 am

    >ये बिग बोस का मानसिक दिवालियापन के अलावा ओर क्या हो सकता है !ओर सरकार की मानसिकता का दिवाला तो पहले ही निकला हुआ है जो इस तरह के कार्यक्रम को इजाजत देती है |

  27. October 8, 2010 at 3:15 am

    >इस तरह के लोगों को देखने-सुनने वाले लोगों की मानसिकता कैसी होगी.

  28. October 8, 2010 at 4:48 am

    >सुरेश जी, टी. वी. चैनलों के माध्यम से जो अश्लील व घटिया सामग्री हमें परोसी जा रही है,उससे हमारी भारतीय संस्कृति व परम्पराओं को छिन्न भिन्न करने का पूरा प्रयाश किया जा रहा है ,केंद्र सरकार के पास इन्हें रोकने के लिए पर्याप्त कानून मोजूद है, लेकिन वह भी ध्रतराष्ट्र बनकर बेठी है.

  29. awyaleek said,

    October 8, 2010 at 5:01 am

    >बहुत अच्छा किया सुरेश भैया जो आपने इस विषय पर लिख दिया क्योंकि मुझे तो उसी समय गुस्सा आ रहा था और लिखने का मन कर रहा था जब राहुल की शादी की नौटंकी दिखाई जा रही थी…. एक बात मेरी समझ में नहीं आती है कि पहले से रिकार्डिंग की हुई चीज रियलिटी कैसे होती है…अगर रियलिटी ही दिखानी है तो लाइव दिखाओ ना…इसमें कोई शक नहीं कि ये चैनल वाले बेशर्मी की हदों को लाँघ चुके हैं पर आप उन सभ्य लोगों को क्या कहेंगे जो इस तरह की धारावाहिक को बहुत रूचि लेकर देखते हैं और अपने छोटे-छोटे बच्चे को भी दिखाते हैं..कोई भी रियलिटी शो मैं १-२ मिनट भी झेल नहीं सकता पर पता कैसे लोग इसे देखते हैं और बढ़ावा देते हैं..चैनल वाले के साथ-साथ इसे देखने वाले भी तो बराबर के भागीदार हैं और उससे ज्यादा हमारी सरकार…..क्या ये उसकी जिम्मेदारी नहीं है कि इन सब चीजों पर नियंत्रण करे….??क्योंकि औरतें तो नासमझ होती है पर सरकार तो समझदार है…..

  30. October 8, 2010 at 5:21 am

    >जब तक इस देश की नीव की एक-२ ईट ना उखाड दी जायेगी तब तक ये पश्चिमी देश अपने चैनल और इसाई-मिशनरी के माध्यम से,कठमुल्ले अपने जेहाद से और सबसे खतरनाक अंग्रेजों की ओलादें, काँग्रेस या सेकुलर दिमाग वाले लोग अपनी महाघटिया सेकुलरटी से चैन नहीं लेने वाले हम लोगो से कहीं अधिक पुरुषार्थी और ऊर्जावान हैं ये लोग इस मामले में.

  31. October 8, 2010 at 5:25 am

    >आदरणीय सुरेश जी,पिछले दो दिनों में मैंने अपने व्यावसायिक परिचितों से मिल कर बिग बॉस ४ के बारे में उनके विचार जानने का प्रयत्न किया | कुल ११ दिमागी तौर पर सुलझे हुए लोगों के उद्गार कुछ ऐसे थे |चूँकि यह सेक्युलरिज्म से ओतप्रोत कार्यक्रम है – मैंने पहले ४ मुसलमान परिचितों से चर्चा की और पूछा कि वे अथवा उनका परिवार तो अवश्य ही देखता होगा | आपको यकीन नहीं होगा – उन चारों से अलग अलग स्थान और समय पर चर्चा हुई लेकिन चारों ने उत्तर की शुरुआत चुनिन्दा उच्च कोटि की मां बहन की गलियों से की और कहा कि ऐसे शर्मनाक और बेहुदे कार्यक्रम उनके घर में कोई भी पसंद नहीं करता इसलिए देखने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता | उनके घरों में नॅशनल ज्योग्राफी – एनिमल प्लेनेट इत्यादि ज्ञानवर्धक चैनल ज्यादा देखे जाते हैं |फिर नंबर आया एक सिख परिचित का | आप तो जानते ही हैं कि जब सरदार जी तैश में आते हैं तो शुरुआत किन शब्दों से होती है | सरदार जी तो बिग बॉस से पहले से खार खाए बैठे थे |उसके बाद नंबर आया दो मराठी सज्जनों का – उन्हें भी बिग बॉस जैसे अश्लील प्रोग्रामों में कोई दिलचस्पी नहीं है |उसके बाद चार जैनी भाइयों से पूछा – उनका और उनके परिवार के मनपसंद प्रोग्राम तारक मेहता का उल्टा चश्मा और लापतागंज हैं – और हाँ गंदे प्रोग्राम देख कर चरित्र को भ्रष्ट होने से बचाने की गुरु महाराज ने हिदायत दी है |दो दिनों की मेहनत का निष्कर्ष यह निकला कि जब अपने परिचितों में किसी को इस तरह के गंदे प्रोग्राम पसंद नहीं हैं तो फिर इन्हें देखता कौन है ?असली बात यह है कि हम सब सु-संस्कारी एवं सभ्य समाज के लोग हैं | परन्तु अपने समाज का एक बहुत बड़ा तबका – और उसमें भी कच्ची उम्र के बच्चे या फिर बच्चा बुद्धि वाले वयस्क – मीठा जहर दे दे कर इन गंदे सीरियलों के बनाने वालों द्वारा अपने जाल में फाँस लिए गए हैं | ये लोग Zombie हैं – इनमें अपना खुद का दिमाग नहीं होता है कि अपने लिए कुछ सोच सकें |आपका लेख बहुत अच्छा है – लेकिन आप जिन्हें बचाना कहते हैं – वे तो इसे पढ़ ही नहीं सकते – और हमें बिग बॉस जैसे गंदगी फ़ैलाने वाले सीरियलों से कोई वास्ता नहीं है |

  32. October 8, 2010 at 12:41 pm

    >सुरेश जी!TV 18 ग्रुप नें पीछे जिस तरह भारतीय मीडिया स्पेस को कब्जाने का काम किया है उसे आप थोड़ा ध्यान से देखिये!इन चैनलों की फंडिंग और ओनरशिप पैटर्न को भी समझाइये सुधीजनों को!

  33. October 10, 2010 at 1:03 pm

    >काजमी जी ने कितनी शान से बताया कि किन किन लोगों के वकील रह चुके हैं… मीडिया से उम्मीद..

  34. October 10, 2010 at 5:17 pm

    >सारे देश ये सब पता है पर जब ये शुरू होगा तब आप में से ही आधे टकटकी लगा के देखेगे

  35. October 11, 2010 at 3:49 am

    >जब तक लोगो का नजरिया परिपक्व नहीं होगा उन्हें अर्थशास्त्र, राजनीती आदि के दांव पेंच समझ नहीं आयेगे तब वे ऐसे सस्ते भद्दे लोकप्रियता को मनोरंजन के नाम पर देखेंगे. देश की जनता की इसी घटिया मानसिकता के चलते ही आज देश में लल्लू, मुल्लू या माया जैसे जोकरनुमा लोग संसद का रास्ता नाप लेते है. शायद देश को अशिक्षा की अफीम के सहारे, इस तरह की मसिकता को पनपने देना इन गुंडों, मवालीयो (नेता भी कह सकते है) की मज़बूरी है और ये काम वे अपने पालतू मीडिया के द्वारा करते है. व्यतिगत तौर पर, मैंने आज तक ये कार्यक्रम का कोई भी संस्करण (किसी भी देश में) नहीं देखा है और न ही मेरी ऐसे घटिया कार्यक्रम को भविष्य में कभी देखने या सुनने का कोई इरादा है.

  36. October 11, 2010 at 6:57 am

    >6/10सार्थक सामयिक

  37. Rupesh said,

    October 11, 2010 at 8:08 am

    >suresh ji, maine apko abhi abhi padna shuru kiya hai. kuchh purane lekho par sawal uth rahe hai. plz apna mail id bataye taki mai kuchh puchh saku.

  38. October 11, 2010 at 2:38 pm

    >aazmi ko bharat ki sarkar ne niyukt kia tha wo khud se kasab ka case nahi lad rahe the jaisa ki unhone saaf bataya hai , lekin fir bhi unhe ek musalmaan hote hue ye case nahi handal karna chahiye tha ,

  39. man said,

    October 12, 2010 at 1:09 pm

    >सादर वन्दे सर जिस तरह इस तरह के रिअलिटी शो के नाम पर हिन्जड़ो ,देश दरोहियो ,दलालों ,चोरो ,नागडी रांडो ,को एक पीढ़ी का सेलिब्रिटी के नाम आदर्श बनाया जा रहा हे ,अत्यंत घटिया और घर्नित कार्य हे ,|ऐसे भांडो की नसबंदी सुचना एवेम परसारण मंत्रलाय कर सकता हे लेकिन उसने खुद सेकुलरता की "''''pill after morning "'' ले रखी हे |साले भडवो के राज में हिन्जड़ो से क्या उम्मीद रखी जा सकती हे |

  40. October 12, 2010 at 2:01 pm

    >TV 18 ग्रुप नें पीछे जिस तरह भारतीय मीडिया स्पेस को कब्जाने का काम किया है उसे आप थोड़ा ध्यान से देखिये!इन चैनलों की फंडिंग और ओनरशिप पैटर्न को भी समझाइये सुधीजनों को!बहुत ही सही आपने कहा है अपने देश के सभी चैनल फिसड्डी साबित होते जा रहे हैं , एक दिन आयेगा जब हमारे मस्तिष्क पर ये पूर्ण रूप से नियंत्रण कर लेंगे dabirnews.blogspot.com

  41. man said,

    October 12, 2010 at 3:30 pm

    >क्या एक से एक बढ़ के छिछोरे ,चोर ,राहुल भट जेसे हेडली के ""दांये आँ"" ? विना मालिक ,शवेता तिवारी ,साक्सी परधान जेसी नागडी चीछोरिया,(एक मात्र उपलब्धी मालिक की दी हुई माटी की देह ,बेचो खावो ,अंत में किसी पेसे वाले कलंक से शादी कर लो) देवेन्द्र सिंह {stolen भाई}की निकल पडी की ""कालर्स बेन्ड"" ने उसे जीने का सामान दे ही दिया ?ये कसाब का वकील कोनसी धून पे नाचेगा ,ये भी चेन्लिया भांडो के गिरहो का सद्श्य हो गया?साले सभी असली नकली मंगते मिल के लोगो को दिखायेंगे की हम पेसो के लिए अगर हो सके तो अपनी बहनों बेटियों को यंहा "'होस्ट "' करने के लिए ले आयेंगे ,अगर नाम होता हो तो ?क्या फर्ख पड़ता हे ?

  42. October 12, 2010 at 4:06 pm

    >ab laden ko bulayenge fir aljawahiri ko…………ye sa…………nahi mante

  43. October 13, 2010 at 10:00 am

    >nice post badhai

  44. Umra Quaidi said,

    October 14, 2010 at 3:20 am

    >लेखन के लिये “उम्र कैदी” की ओर से शुभकामनाएँ।जीवन तो इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीव जीते हैं, लेकिन इस समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के चलते कुछ लोगों के लिये मानव जीवन ही अभिशाप बन जाता है। अपना घर जेल से भी बुरी जगह बन जाता है। जिसके चलते अनेक लोग मजबूर होकर अपराधी भी बन जाते है। मैंने ऐसे लोगों को अपराधी बनते देखा है। मैंने अपराधी नहीं बनने का मार्ग चुना। मेरा निर्णय कितना सही या गलत था, ये तो पाठकों को तय करना है, लेकिन जो कुछ मैं पिछले तीन दशक से आज तक झेलता रहा हूँ, सह रहा हूँ और सहते रहने को विवश हूँ। उसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह आप अर्थात समाज को तय करना है!मैं यह जरूर जनता हूँ कि जब तक मुझ जैसे परिस्थितियों में फंसे समस्याग्रस्त लोगों को समाज के लोग अपने हाल पर छोडकर आगे बढते जायेंगे, समाज के हालात लगातार बिगडते ही जायेंगे। बल्कि हालात बिगडते जाने का यह भी एक बडा कारण है।भगवान ना करे, लेकिन कल को आप या आपका कोई भी इस प्रकार के षडयन्त्र का कभी भी शिकार हो सकता है!अत: यदि आपके पास केवल कुछ मिनट का समय हो तो कृपया मुझ "उम्र-कैदी" का निम्न ब्लॉग पढने का कष्ट करें हो सकता है कि आपके अनुभवों/विचारों से मुझे कोई दिशा मिल जाये या मेरा जीवन संघर्ष आपके या अन्य किसी के काम आ जाये! लेकिन मुझे दया या रहम या दिखावटी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।थोड़े से ज्ञान के आधार पर, यह ब्लॉग मैं खुद लिख रहा हूँ, इसे और अच्छा बनाने के लिए तथा अधिकतम पाठकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करने वालों का आभारी रहूँगा।http://umraquaidi.blogspot.com/उक्त ब्लॉग पर आपकी एक सार्थक व मार्गदर्शक टिप्पणी की उम्मीद के साथ-आपका शुभचिन्तक“उम्र कैदी”

  45. Anonymous said,

    October 17, 2010 at 1:41 pm

    >bamman ,bahujan tumhe dekh raha hai.1948 bhoolna nahi.bhandarkar bhoolana nahi.

  46. Anonymous said,

    October 18, 2010 at 6:59 am

    >dadoji konddev ke bachhe

  47. October 18, 2010 at 3:55 pm

    >समझो संघ की प्रासंगिकता : श्री रामलाल (भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन)http://www.dailypioneer.com/290309/Dedicated-to-selfless-service.htmlhttp://www.pravakta.com/story/14923http://www.prabhasakshi.com/

  48. October 23, 2010 at 1:26 am

    >इस शो के बारे में क्या कहूँ … छिछोरेपन की हद है ,… सबसेपहला छिछोरा तो इसका होस्ट सलमान खान ही है … मेहमानों की बातें तो आपने लिख ही दी हैं …आनंद शर्मा जी की इस बात से सहमत हूँ कि अभी भारत में एक बड़ा वर्ग ऐसा है वो अभी विवेक(बुद्धि नहीं) से अछूता है … जहाँ दबंग जैसी फ़िल्में सफलता का रिकार्ड तोड़ती हों वहाँ की मांग क्या है समझा जा सकता है … इन्ही मानसिकता वाले लोगों के लिए इस तरह के सीरियल बनाए जाते हैं… ये भी सच है कि आज भी भारत में एक बड़ा वर्ग है जो इस तरह के भौंडी और बेहूदी बातें देखना चाहता है … और उन्हीं को लक्ष्य कर के इस तरह के सीरियल बनाए जाते हैं …


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