>JANOKTI : जनोक्ति

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JANOKTI : जनोक्ति


गिलानी का भारी विरोध ,चला जूता

Posted: 21 Oct 2010 04:35 AM PDT

देशद्रोहियों को पुचकार ,राष्ट्रवादियों को जेल !

कश्मीर की आज़ादी : एक मात्र विकल्प ” नाम से देश की राजधानी दिल्ली में चल रहा था सेमिनार | भारतवर्ष के दो बड़ा दुश्मन ‘ सैयद अली शाह गिलानी और एस.आर गिलानी ” मंच पर मौजूद था | मण्डी हाउस के एक छोटे से ऑडिटोरियम में 200 के करीब देशद्रोही पाकिस्तानपरस्त लोग मौजूद थे जिनमें से अधिकांश जामिया और जेएनयू के तथाकथित वामपंथी छात्र थे | लेकिन उसी ऑडिटोरियम में राष्ट्रवादियों का एक झुण्ड, जिनमें कश्मीर से भगाए गये हिन्दू युवा शामिल थे , इन्तेजार कर रहा था गिलानी के वक्तव्य का कि वो क्या कहता है ? इतने में मंच संचालन कर रहे सांसद पर हमले के दोषी एसआर गिलानी ने सैयद शाह गिलानी को बोलने के लिए आमंत्रित किया | शाह गिलानी ने माइक पकड़ते हीं कश्मीर को आज़ाद करने की बात कही तो वहां उपस्थित अलगाववादी तत्वों ने भारत मुर्दाबाद और कश्मीर को आज़ाद करो जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए | बस फ़िर क्या था , राष्ट्रवादियों के सब्र का बाँध टूट गया और 70 -80 युवाओं के समूह ने मंच के आगे जाकर “ भारत माता की जय ” , “वन्दे मातरम ” , कश्मीर हमारा है ” जैसे नारों के साथ गिलानी का विरोध शुरू कर दिया | दोनों ओर से धक्का-मुक्की और नारेबाजी शुरू हो गयी | मंच पर मौजूद देशद्रोही मंच छोड़ कर खड़े हो गये | एक ओर भारत माता की जय तो दूसरी ओर कश्मीर को आज़ाद करो का नारा | इतने में तीन -चार युवकों ने अपने-अपने जूते-चप्पल खोल कर गिलानी को दे मारा | कार्यक्रम बंद हो गया और दोनों गुटों में संघर्ष तेज हो गया | बाहर खड़ी पुलिस अन्दर आ गयी और राष्ट्रवादी युवकों को बाहर निकलने में देशद्रोहियों का साथ देने लगी | लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर गाड़ी में बिठा लिया | सभी गिरफ्तार युवाओं को सांसद मार्ग थाने लाया गया | रास्ते भर राष्ट्रवादी युवा वन्दे मातरम के नारे लगाते रहे |

बहरहाल, पांच घंटे तक पुलिस हिरासत में इन लोगों को रखा गया ताकि देशद्रोहियों का कार्यक्रम निर्बाध रूप से चलता रहे | गिरफ्तार युवकों में से एक कश्मीरी विस्थापित ने पुलिस और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए जनोक्ति संवाददाता से कहा कि ये भारत को तोड़ने वालों का समर्थन करने वाली सरकार का दबाव हीं है जो देश की राजधानी में इस प्रकार की देशद्रोही गतिविधयां आयोजित की जाती हैं | इनको रोकना तो दूर उल्टा इनका विरोध करने वालों को जेल ! वाह रे मनमोहन सरकार ! एक ओर कश्मीरी हिन्दुओं को घर से बेघर कर दिया गया तब किसी ने कुछ नहीं कहा अब कश्मीरी की आज़ादी की मांग करने वाले अलगाववादियों को केंद्र सरकार अपनी नाक नीचे प्रश्रय दे रही है | शर्म आती है हमें कि हम एक ऐसे सरकार के अधीन जी रहे हैं जो देश को तोड़ने वालों की हिमायत करती है |

निर-आहार गरीब को विशिष्ट पहचान अंक -आधार

Posted: 20 Oct 2010 10:56 PM PDT

आखिर ढूंढ ही लिया राज वधु ने गरीबी उन्मूलन का आधार – अब कोई भी जालसाज़ अपनी पहचान छुपा कर गरीब का राशन नहीं हड़प पायेगा !

पहला विलक्षण पहचान अंक महाराष्ट्र के गाँव तेम्भ्ली की सौभाग्यवती रंजना सोनावाने के ६ वर्षीय पुत्र हितेश को सोनिया जी ने अपने कर कमलों से प्रदान किया . मनमोहन जी इस महान पर्व के गवाह थे. इस विलक्षण पहचान अंक को नाम दिया गया है ‘आधार’ . सौभाग्यवती रंजना सोनवाने ‘आधार’ का उपहार और वह भी ‘राज वधु’ के हाथों पा कर भी खुश नहीं . जब पत्रकारों ने अपने चिरपरिचित अंदाज़ में सोनवाने से पूछा ‘यह सन्मान पा कर आपको कैसा लग रहा है. तो वह झल्ला कर बोली ‘कैसा सन्मान ‘ हमारे पास खाने को तो कुछ है नहीं. मिटटी के चूल्हे में आग जलाते हुए वह बुदबुदा रही थी ‘पिछले एक महीने से सरकारी अफसरों ने जीना मुहाल कर रखा है. हमें काम पर भी नहीं जाने दिया -हर रोज नया प्रमाण मांगते . हौसला नहीं जुटा पाई वरना सोनिया से पूछती – दे सकती हो तो हमें सन्मान जनक जिंदगी दे दो- हर दूसरी रात मेरे बच्चे भूख के कारन सो नहीं पाते ! १४०० की आबादी वाले इस गाँव में लोग समझ नहीं पाए कि ‘आधार’ से उनकी जिंदगी कैसे संवर जाएगी जबकि ‘आहार ‘ दो जून की रोटी के लिए तो सभी वयस्कों को कटाई के मौसम में सौरास्टर पलायन करना पड़ता है. जलसे में सोनिया जी ने लोगों को समझाया कि इस पहचान कार्ड से उन्हें एक नई पहचान मिलेगी जिससे उनकी ज़िन्दगी संवर जाएगी मगर ‘कैसे’ यह कोई नहीं बता पाया.
६ वर्षीय हितेश के हाथ में ‘कार्ड’ थमा कर सोनिया जी ने मानो पूरे देश को सन्देश दे डाला ‘कि अब कोई बच्चा भूखा नहीं सोएगा’ ! सन्देश भी दिया उस देश को जहाँ ‘कुपोषित बच्चों की संख्या विश्व में सबसे अधिक है. यू.एन.के अनुसार भारत में ५ वर्ष से कम आयु के २.१ मिलियन बच्चे प्रति वर्ष अकाल मृत्यु के आगोश में समा जाते है. ऐसे कुपोषित बच्चों की संख्या चीन में ७% है, सब सहारा अफ्रीका में २८ % और भारत में ४३% . प्रति दिन १००० बच्चे तो उलटी-दस्त का शिकार हो जाते हैं. यह बात अलग है कि देश की सेकुलर छवि बरकरार रखने की खातिर या फिर वोट की खातिर हमारी सेकुलर सरकार हर साल ‘हज यात्रियों ‘ को ही ८२६ करोड़ की सब्सिडी दे देती है.
रही बात हमारे ‘आट्टा मंत्री’ श्री श्री शरद पंवार जी के प्रदेश महाराष्ट्र की – विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो प्रदेश में कुपोषित बच्चों की संख्या ३.१५ लाख है. मुंबई में तो यह संख्या ६० गुना बढ़ गई- मई में ३९७ थी और जुलाई में २४२५१ हो गई , क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुपोषण के नए मापदंड निर्धारित कर दिए हैं .
एक ओर हम कामन वेल्थ खेलों के सफल आयोजन पर इतरा रहे हैं .कलमाड़ी जी तो खेलों पर एक लाख करोड़ खर्च कर अभी से ‘ओलम्पिक’ की तैयारी में लग गए हैं. विदेशी विनियोग का आंकड़ा एक लाख करोड़ होने पर बंगाली बाबू फूले नहीं समा रहे. ऐसे में भारत को विश्व के ८४ ‘भूखे -नंगे’ देशों में ६७ वी पायदान पर खड़ा देख कर कामन वेल्थ के सोने -चाँदी- कांस्य के मैडल और विदेशी विनियोग के ऊँचे ऊँचे दावे ‘टाट में पैबंद’ की मानिद दिखाई देते हैं.

चंद सिक्कों की खातिर

Posted: 20 Oct 2010 05:09 PM PDT

पति ने किया पत्नी व बेटी को बेचने का प्रयास ,दोनों पुलिस हिरासत में

महाभारत में युधिष्ठिर ने अपनी पत्नी द्रौपदी को जुएँ में दांव पार लगा दिया था ,लेकीन कलयुग के युधिष्ठिर ने तो चाँद सिक्कों की खातिर न केवल अपनी पत्नी को बल्कि नवजात कन्या को भी बेचने का प्रयास किया .लेकिन वह सफल नहीं हो सका.यह घटना है आंध्र प्रदेश के निज़ामाबाद जिले की .जहाँ पर बुधवार को एक पति ने अपनी पत्नी व बेटी को एक व्यक्ति के हाथ तीन लाख रुपये में बेचने का प्रयास किया था,लेकिन अंतिम समय में खरीदने वाले व्यक्ति ने इस सौदे से अपना हाथ पीछे खींच लिया. यह मामला है निज़ामाबाद मुख्यालय से चालीस किलोमीटर दूर बालकोंडा तहसील का, जो प्रदेश के पूर्व विधान सभा अध्यक्ष सुरेश रेड्डी का निर्वाचन क्षेत्र है. मिली खबरों के मुताबिक बालकोंडा के रहने वाले बंडी रमेश ने अपनी पत्नी शिवलीला एवं तीन माह की बेटी नवनीता को आर्मुर के रहने वाले एक व्यक्ति से तीन लाख में बेचने का सौदा किया था.जिसके मुताबिक नरेश अपनी पत्नी व् बेटी को लेकर बालकोंडा से पंद्रह किलोमीटर दूर अर्मुर शहर लेकर आया था,लेकिन ऍन वक्त पर खरीददार व्यक्ति सौदे से पीछे हट गया .इसी बीच शिवलीला को इस बात का आभास हो गया की उसका पति उसको व उसकी बेटी को बेचने की फ़िराक में है.बस वह किसी तरह से नरेश से अपना पिंड छुड़ा कर अपने मायके (बालकोंडा) पहुंची, और सारी दास्तान अपने पिता नगय्या को बताई.बेटी की बात सुनकर नगय्या उसे लेकर तुरंत बालकोंडा पुलिस स्टेशन लेकर गए और वहां पर लिखित रिपोर्ट दर्ज करायी .नगय्या के मुताबिक लगभग दस साल पहले वह जीविकोपार्जन के लिए अपने परिवार के साथ आन्ध्र से यहाँ आया था.जो बाद में बालकोंडा में ही बस गया.चार साल पहले उसने अपनी बेटी शिवलीला का हाथ वहीँ के रहने वाले नरेश के हाथ में थमा दिया था.लेकिन उसे क्या पता था कि बेटी का हाथ थामने वाला ही उसे व उसकी नातिन को कुछ पैसों के लिए किसी दूसरे के हाथ बेच देगा.नगय्या ने बताया कि शादी के बाद से ही नरेश उसकी बेटी को प्रताड़ित किया करता था. जिसके कारण पुलिस को कई बार बीच बचाव करना पड़ा. खबर लिखे जाने तक शिवलीला व उसकी बेटी बालकोंडा पुलिस तथा पति अर्मुर पुलिस हिरासत में थे.इस घटना से पूरे जिले में हडकम्प मच गया है.

हाँ ! गर्व है मुझे भारतीय होने प़र

Posted: 20 Oct 2010 04:50 PM PDT

हाँ ! गर्व है मुझे भारतीय होने प़र
मुझे गर्व है अपनी हिंदी प़र,
अपने माथे की बिंदिया प़र,
हाथों की मेहँदी प़र,
खनखनाती चूड़ियों प़र,
अपने भारतीय आचार-विचार
और परम्परा प़र
धर्म-संस्कृति,भाषा-साहित्य
और सभ्यता प़र ,
जो बीज बोये मरी दादी -नानी
और माँ ने
मेरे भोले मन प़र ,
सम्मान और संस्कारों के
खुद भूखे रहकर
अतिथि का पेट भने के,
बड़ों को अपना- पन
और छोटों को प्यार देने के
अपनी जड़ों से बंधकर भी ,
ऊँची उड़ान भरने के,
शिक्षा का सही उपयोग करने के ,
जग में अपना हुनर दिखाने के,
तो क्यों ना कहूँ …?
कि हाँ ! गर्व है मुझे भारतीय होने प़र
डॉ.शालिनिअगम

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