>कवि-फूल और आज के दुखी और लाचार इंसान की भावना …….

>

 
आज स्वर्गीय माखन लाल चतुर्वेदी जी जैसे कवि और पत्रकारों की जरूरत है जो अपनी लेखनी से इस देश के जनमानस को झकझोड़ कर जगा सकें जिससे भ्रष्टाचारी चाहे देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री की पद पर ही क्यों ना बैठे हो को भी जनता सिंघासन से उतार फेकें…

चाह नहीं मैं सुरबाला के               
गहनों में गूँथा जाऊँ                    

चाह नहीं, प्रेमी-माला में                          
बिंध प्यारी को ललचाऊँ                

चाह नहीं, सम्राटों के शव    
पर हे हरि, डाला जाऊँ                    

चाह नहीं, देवों के सिर पर               
चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ                    

मुझे तोड़ लेना वनमाली                  
उस पथ पर देना तुम फेंक                

मातृभूमि पर शीश चढ़ाने                 
जिस पर जावें वीर अनेक

ये तो है स्वर्गीय माखनलाल चतुर्वेदी जी की कविता जिसमे फूल अपने मन की भावना व्यक्त कर रहा है 
…( ४ अप्रैल १८८९-३० जनवरी १९६८ )  

और अब आज के इमानदार इंसान की भावना जिसे आज कोई कवि या पत्रकार व्यक्त नहीं कर पा रहा है …..

चाह नहीं महलों और एंटिला के 
सुख सुविधा में खो जाऊ 

चाह नहीं IAS और IPS बन              
सुरा-सुन्दरी,धन-दौलत को नित पाऊ

                 
चाह नहीं नामी पत्रकार बनकर 
इंसानियत को बेच खाऊ

              
चाह नहीं इस देश का प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बन 
बेशर्मी से आगे निकलकर अपने इंसान होने पर ना पछता पाऊ

                  
ऐसी शक्ति और सामर्थ्य देना हे हरी अदृश्य शक्ति 
और देना जज्बा नरसिंह और कल्कि अवतार का 
                  
चिर-फार दूँ इस देश के उन गद्दार और भ्रष्ट मंत्रियों को 
जो खाते इस देश की गरीबों की काया या
शीश कट जाये उस व्यक्ति की रक्षा में 
जो आज ईमानदारी से लड़ रहा है इस देश और इंसानियत के भक्ति में 

12 Comments

  1. November 4, 2010 at 12:36 pm

    >अच्छे भाव, लेकिन कविता आगे बढते बढते रोष से लय खो बैठी।

  2. ajit gupta said,

    November 4, 2010 at 12:46 pm

    >बहुत अच्‍छी भावनाएं। दीपावली की शुभकामनाएं।

  3. November 4, 2010 at 1:04 pm

    >बहुत सुन्दर भाव्।दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें।

  4. November 4, 2010 at 2:34 pm

    >@सुज्ञ जी@अजित गुप्ता जी@वंदना जीआप सबका धन्यवाद तथा आप सभी को खासकर इमानदार इंसान बनने के लिए संघर्षरत लोगों को दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें….

  5. well wisher said,

    November 4, 2010 at 7:25 pm

    >Nice post .

  6. November 5, 2010 at 5:51 am

    >आप सभी को दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें….

  7. November 5, 2010 at 7:53 am

    >क्या कहने बहुत खूब ।

  8. November 5, 2010 at 12:42 pm

    >आज के माहौल में भी अभी खून में उबाल है हमारे | अच्छे भाव और क्रोध | बधाई |

  9. amar jeet said,

    November 5, 2010 at 1:36 pm

    >बदलते परिवेश मैं,निरंतर ख़त्म होते नैतिक मूल्यों के बीच, कोई तो है जो हमें जीवित रखे है ,जूझने के लिए प्रेरित किये है, उसी प्रकाश पुंज की जीवन ज्योति, हमारे ह्रदय मे सदैव दैदीप्यमान होती रहे, यही शुभकामना!! दीप उत्सव की बधाई………..

  10. November 5, 2010 at 5:51 pm

    >@डॉ.जमील अहमद जी@शंकर फुलारा जी@अमरजीत जीआप सबका धन्यवाद तथा आप सभी को खासकर इमानदार इंसान बनने के लिए संघर्षरत लोगों को दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें….

  11. November 7, 2010 at 11:08 am

    >Nice .

  12. Poorviya said,

    November 10, 2010 at 7:28 am

    >चिर-फार दूँ इस देश के उन गद्दार और भ्रष्ट मंत्रियों को जो खाते इस देश की गरीबों की काया याशीश कट जाये उस व्यक्ति की रक्षा में जो आज ईमानदारी से लड़ रहा है इस देश और इंसानियत के भक्ति में


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