>क्या आप हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद के प्रचार-प्रसार के लिये अपनी वार्षिक आय में से एक दिन की कमाई दे सकते हैं? (भाग-2)

>भाग-1 (यहाँ पढ़ें) से आगे जारी…

मेरा प्रस्ताव यह है कि कुछ लोग (शुरुआत में लगभग 500 व्यक्ति) आर्थिक सहयोग करें एवं एक वेबसाइट की शुरुआत की जाये जो कि पूरी तरह से हिन्दुत्व एवं राष्ट्रवादी विचारों के लिये प्रतिबद्ध हो… इस दिशा में मैंने मोटे तौर पर खर्चों का अनुमान लगाया है, जो कि निम्नानुसार है –

1) वेबसाइट को बनाने एवं स्पेस-सर्वर-डोमेन इत्यादि का खर्च एवं मेंटेनेंस
(मासिक खर्च लगभग 10000 रुपये)

चूंकि मैं तकनीकी जानकार नहीं हूं इसलिये मुझे बताया गया है कि वर्डप्रेस की बनीबनाई स्क्रिप्ट से शुरुआत करके एक अच्छी वेबसाइट बनाई जा सकती है जिसमें समय और श्रम भी कम लगेगा… यह बिन्दु मैं तकनीकी व्यक्तियों पर छोड़ दूंगा वे जैसे चाहें इस वेबसाइट का गठन कर सकते हैं। इस सम्बन्ध में मुझे दो ऐसे तकनीकी व्यक्तियों की आवश्यकता होगी जो इस वेबसाइट पर आने वाली किसी भी तकनीकी समस्या को तुरन्त हल करने में सक्षम हों (दो व्यक्ति इसलिये क्योंकि एक व्यक्ति यदि किसी काम में उलझा हुआ हो तो दूसरा यह काम करेगा), ज़ाहिर है कि मैं सतत इन दोनों तकनीकी व्यक्तियों के सम्पर्क में रहूंगा तथा वेबसाइट के “एडमिनिस्ट्रेटर” के रुप में हम तीनों मिलकर काम करेंगे… उचित फ़ण्ड एकत्रित होने पर इस कार्य हेतु उक्त दोनों व्यक्तियों को “मानदेय” का भुगतान भी किया जा सकेगा…।

2) चूंकि इस वेबसाइट का कार्यकारी मुख्यालय उज्जैन में ही होगा। समस्त डाटा अपडेट करने, सूचनाओं का संकलन करने, उन्हें हिन्दी में टाइप करके वेबसाइट पर चढ़ाने का कार्य यहीं मेरे निर्देशन में किया जायेगा… अतः स्थानीय स्तर पर मुझे दो हिन्दी टाइपिस्टों (जिसमें से एक अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद करने में भी सक्षम हो) की जरुरत होगी…। एक हिन्दी टाइपिस्ट – मासिक 6 से 8 हजार, एवं एक अनुवादक-सह-टाइपिस्ट, मासिक 12 से 15 हजार (दोनों खर्च अनुमानित) होगा… (कुल 20 से 25 हजार के बीच)

3) दो कमरों का छोटा सा ऑफ़िस – किराया 2000 रुपये (शुरुआती अनुमानित)

4) इंटरनेट – बेसिक टेलीफ़ोन खर्च – लगभग 1500 रुपये (शुरुआती अनुमानित)

5) मोबाइल खर्च – 1500 से 2000 रुपये मासिक (शुरुआती अनुमानित)

6) बिजली, स्थापना व्यय एवं अन्य खर्चे – मासिक 3000 रुपये

7) कम से कम दो अंग्रेजी व हिन्दी अखबार, कुछ प्रमुख पत्रिकाएं व अन्य हिन्दुत्ववादी साहित्य – मासिक खर्च लगभग 500-700 रुपये

8) इसके अलावा यात्रा इत्यादि सम्बन्धी अन्य छोटे-मोटे खर्च, पत्रकारों-लेखकों अथवा सूचना देने वालों को मानदेय का भुगतान वगैरह…

9) आये हुए पैसों से एक “आकस्मिक खर्च फ़ण्ड” भी स्थापित किया जायेगा, किसी कानूनी दांवपेंच अथवा नोटिस इत्यादि के जवाब देने हेतु वकील की फ़ीस, सूचना के अधिकार का उपयोग करके जानकारियाँ हासिल करने, वेबसाइट के कानूनी रजिस्ट्रेशन इत्यादि, तथा किसी भी आकस्मिक तकनीकी समाधान, उपकरण खराबी इत्यादि के लिये…

अर्थात यदि मोटे तौर पर देखा जाये तो एक सामान्य वेबसाइट चलाने के लिये अनुमानतः 50,000 रुपये मासिक खर्च आयेगा, अर्थात 6 लाख रुपए सालाना… मेरा प्रस्ताव यह है कि हिन्दुत्व के उत्थान एवं राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रसार के लिये यदि 500 व्यक्ति भी अपनी साल भर की कमाई में से एक दिन की कमाई इस कार्य के लिये देने का वादा करें (और निभायें भी) तो एक वेबसाइट शुरु की जा सकती है… दूसरा तरीका यह भी है कि 100 रुपये प्रतिमाह (अर्थात 1200 रुपये साल) भी यदि 500 लोग दें तब भी यह आँकड़ा 6 लाख प्रतिवर्ष हो जाता है। मुझे नहीं लगता कि 100 रुपये प्रतिमाह कोई बड़ी रकम है, बशर्ते इस काम के लिये शुरुआत में 500 लोग राजी हों। ज़ाहिर है कि उस वेबसाइट पर मैं उसी परिश्रम से काम करने के लिये मैं तैयार हूं जिस परिश्रम और जुनून से अपने पिछले चार साल से अपने ब्लॉग पर करता आ रहा हूं…।

इस वेबसाइट पर मेरा काम मुख्यतः “सामग्री” (Content) से सम्बन्धित होगा, खबरें एकत्रित करना, उन्हें संकलित करना, टाइपिस्टों से हिन्दी में टाइप करना और करवाना, उन लेखों-समाचारों को उनकी योग्यतानुसार वेबसाइट पर अपलोड करना, सूचनाएं देने वाले मित्रों-पत्रकारों-ब्लॉगरों से सतत सम्पर्क बनाये रखना… आदि-आदि। ऐसे कामों में कभी भी सारे अधिकार आपस में बाँटकर कार्य करना चाहिये, इसलिये इस काम में मेरा साथ देने के लिये दो अन्य एडमिनिस्ट्रेटर होंगे जिनके पास साइट के अधिकार व पासवर्ड इत्यादि होंगे, कारण – हम सभी घर, परिवार वाले सामान्य लोग हैं, किसी के पास कोई व्यक्तिगत कार्य, शादी-ब्याह में उपस्थिति, यात्रा हेतु शहर से बाहर जाना, बीमारी-दुर्घटना इत्यादि के समय वेबसाइट का काम बन्द नहीं होना चाहिए अतः एक से अधिक व्यक्ति के पास समाचारों के प्रकाशन का अधिकार होना चाहिये और यही सिद्धान्त इस वेबसाइट पर भी लागू होगा…। इसी प्रकार आर्थिक लेनदेन, विभिन्न भुगतानों, पत्रकारों-लेखकों अथवा सूचना देने वालों को मानदेय का भुगतान, उपकरण (मोबाइल-कम्प्यूटर-लेपटॉप) खरीदी हेतु भुगतान इत्यादि करने के लिये भी मेरे सहित एक अन्य व्यक्ति आधिकारिक होगा…

इस काम में सबसे अहम रोल होगा वेबसाइट बनाने और चलाने वाले दो तकनीकी व्यक्तियों का, हो सकता है कि मैंने जो 10,000 रुपये प्रतिमाह का अनुमान लगाया है वह कम या ज्यादा भी हो…। हालांकि एक तकनीकी मित्र इस प्रोजेक्ट में पूरी मदद निशुल्क करने के लिये तैयार हैं, परन्तु डाटा लॉस, वायरस आक्रमण, हैकिंग खतरों अथवा सर्वर बदलने की स्थिति में डाटा ट्रांसफ़र जैसे कार्यों के लिये इन्हें मानदेय भी दिया जायेगा… तात्पर्य यह कि मासिक 50,000 रुपये का अनुमान थोड़ा घट-बढ़ भी सकता है। तीन अलग-अलग समितियाँ (सिर्फ़ 2 या 3 व्यक्तियों की) बनाई जायेंगी… एक तकनीकी मामला देखेगी, दूसरी सामग्री प्रकाशन का व तीसरी आर्थिक मामला देखेगी।

तात्पर्य यह कि मैं चाहता हूं कि यह वेबसाइट पूरी तरह से आम हिन्दू की, आम जनता की आवाज़ बने, इसीलिये इसे अधिकतम लोगों के आर्थिक सहयोग से ही चलाना उचित होगा, हो सकता है कि कोशिश करने पर कोई उद्योगपति अथवा कोई संगठन इसे प्रायोजित करने को तैयार भी हो जाये, लेकिन फ़िर वे सामग्री के प्रकाशन के लिये “अपनी शर्तें” थोपेंगे, जो मुझे मंजूर नहीं होगा… यदि बिना शर्त कोई उद्योगपति अथवा संगठन इस वेबसाईट को अगले 5 साल तक आंशिक या पूर्ण रुप से प्रायोजित करने को तैयार हो तो उसका स्वागत है। इसलिये पहला लक्ष्य है 500 ऐसे व्यक्ति खोजना जो 100 रुपये प्रतिमाह देने के इच्छुक हों, इसके बाद ही तो बात आगे बढ़ेगी…। जो व्यक्ति थोड़ी अधिक आर्थिक सामर्थ्य रखते हैं, वे चाहें तो शुरुआत में “एकमुश्त राशि” का बन्दोबस्त कर सकते हैं, यह एकमुश्त राशि स्थापना के शुरुआती बड़े खर्चों, जैसे दो कम्प्यूटर अथवा एक कम्प्यूटर/एक लेपटाप, फ़ोन लाइन, फ़र्नीचर इत्यादि…खरीदने (फ़ैक्स-स्कैनर-फ़ोटोकॉपी मशीन मेरे पास पहले से ही है वह काम में आ जायेगी) में समाहित हो जायेगी।

अब बात आती है कि आखिर इस वेबसाइट का मुख्य कार्य एवं उद्देश्य क्या होंगे? ज़ाहिर है कि मीडिया से ब्लैक आउट कर दी गई ऐसी हिन्दू-विरोधी खबरों को प्रमुखता से स्थान देना जिन्हें छापने या साइट पर देने में सेकुलर चैनलों को शर्म आती है, कई पुरानी ऐतिहासिक पुस्तकों को PDF में संजोकर रखना, कई नए-पुराने अंग्रेजी लेखों का हिन्दी में अनुवाद करके हिन्दुत्व से सम्बन्धी सामग्री को अधिक से अधिक मात्रा में नेट पर चढ़ाना इत्यादि…। ज़ाहिर है कि यह कोई एक दिन या एक माह में होने वाला काम नहीं है… परन्तु आरम्भिक लक्ष्य यह है कि आगामी तीन वर्षों में इस वेबसाईट को ऐसे मुकाम पर पहुँचाना कि जब भी किसी को हिन्दुत्व-राष्ट्रवाद-हिन्दू धर्म-भारतीय संस्कृति इत्यादि के बारे में कुछ खोजना हो तो तत्काल सिर्फ़ इसी वेबसाइट का नाम ही याद आये… गूगल सर्च में यह वेबसाइट अधिक से अधिक ऊपर आये, ताकि हिन्दुत्व का प्रचार बेहतर तरीके से हो सके…।

जो लोग इंटरनेट पर लगातार बने रहते हैं, उन्हें पता है कि ईसाई धर्म, धर्म परिवर्तन, बाइबल अथवा इस्लामिक परम्पराएं, जेहाद, कुरान इत्यादि पर लाखों वेबसाइटें मौजूद हैं, परन्तु यदि हिन्दी सामग्री वाली हिन्दुत्व की साइट खोजने जायेंगे तो चुनिंदा ही मिलेंगी… अतः इस प्रस्तावित साइट का लक्ष्य “हिन्दुओं को हिन्दू बनाना” भी होगा…

अधिक लम्बा न खींचते हुए अन्त में इतना ही कहना चाहूंगा कि अभी यह प्रस्ताव आरम्भिक चरण में है, इस पर चर्चाएं हों, आपसी मीटिंग हों तथा गम्भीरतापूर्वक विचार-विमर्श करके इसे शुरु किया जाये तो निश्चित रुप से यह अपने उद्देश्य को प्राप्त करेगी। जो भी सज्जन इस प्रस्ताव से सहमत हों एवं आर्थिक सहयोग देना चाहते हों वे पहले निश्चित मन बना लें, आर्थिक आकलन करें और मुझे ई-मेल द्वारा अपनी स्वीकृति भेजें कि क्या वे अपनी वार्षिक कमाई में से एक दिन की कमाई (अथवा 1200 रुपये प्रतिवर्ष) इस कार्य के लिये दे सकते हैं? ऐसा न हो कि जोश-जोश में सहमति दे दी जाये और बाद में मुझे शर्मिन्दा होना पड़े…। इसीलिये मैं बगैर किसी जल्दबाजी के शान्ति से इस वेबसाइट को शुरु करना चाहता हूँ, यदि आपका उत्तर “हाँ” में हो तो मुझे अपना पूरा नाम, पता, फ़ोन नम्बर इत्यादि भेजें… जब भी यह प्रस्ताव ज़मीनी आकार लेगा, मैं उनसे सम्पर्क करूंगा…। जब कारवां चल पड़ेगा तो फ़िर इस वेबसाइट को भविष्य में प्रकाशन के क्षेत्र में भी उतारा जा सकता है, फ़िलहाल शुरुआती दो वर्षों का लक्ष्य इस वेबसाइट को “हिन्दी” सामग्री से लबालब भरना है, जिसमें छद्म धर्मनिरपेक्षता से सम्बन्धित समाचार, कांग्रेसियों-वामपंथियों के पुराने-नये पाप कर्मों की जानकारी, हिन्दू धर्म और भारतीय संस्कृति से सम्बन्धित ढेर सारी सामग्री हो, ताकि हिन्दी क्षेत्र के जो लोग अंग्रेजी में कमजोर हैं वे भी पढ़ें और जानें कि हिन्दू धर्म और संस्कृति के खिलाफ़ “उच्च स्तर पर” कैसी-कैसी साजिशें चल रही हैं…

यदि यह वेबसाइट योजनानुरुप आकार लेती है तो यह आम जनता के सहयोग से चलने वाला छोटा ही सही, परन्तु पहला मीडिया उपक्रम होगा… प्रस्ताव पर गम्भीरतापूर्वक विचार करें… फ़िर भी यदि यह आकार नहीं लेती तब भी कोई बात नहीं, मेरा ब्लॉग जैसा चल रहा है वह तो चलता ही रहेगा… ध्यान रहे, इस सम्बन्ध में “सहमति” के जो भी पत्राचार हो वह ईमेल अथवा फ़ोन पर ही हो… टिप्पणी के माध्यम से नहीं…

मेरा ईमेल आईडी है suresh.chiplunkar @gmail.com
=============

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45 Comments

  1. ajit gupta said,

    December 20, 2010 at 4:02 am

    >सुरेश जी, मेल कर दिया है।

  2. December 20, 2010 at 4:02 am

    >टिप्पणी न सही, जो भी व्यक्ति मेल या फोन करे, इसकी सुचना जरूर टिप्पणी से दें, अन्यथा यहाँ आने वालों को लगेगा पोस्ट की हवा निकल गई 🙂 किसी का समर्थन नहीं मिला.

  3. December 20, 2010 at 5:18 am

    >मेल कर दिया श्रीमान

  4. Anonymous said,

    December 20, 2010 at 6:07 am

    >I am with you with two contributions.Also sending you mail with my name.

  5. P K SURYA said,

    December 20, 2010 at 6:17 am

    >SURESH BHAIYA, mai next year se apne samarth k anushar es mahan karya k liye apne ko arpit karunga,

  6. December 20, 2010 at 6:28 am

    >with bengani ji…

  7. December 20, 2010 at 7:11 am

    >सुरेश जी मैं आपके साथ हूं, न सिर्फ मैं आपके साथ हूं अपितु मैं १० लोगो को लेकर आऊंगा।

  8. P K SURYA said,

    December 20, 2010 at 7:18 am

    >suresh bhaiya maine pahle he kaha he mai apke es mahan karya ko jitna ho sake apne sabhi doshto rishtedaro tak phucha raha hun wo padhe or jane kee hume pata bhi nahi chalta ye congres or ushke chamche kitna ghinono gandh faila rahee he Desh men,, Jai Bharat

  9. December 20, 2010 at 7:43 am

    >सुरेश जी,इस कार्य में हमारा सहयोग भी स्वीकार्य करें.

  10. SHIVLOK said,

    December 20, 2010 at 7:45 am

    >सूची में मेरा नाम लिख लीजिए |आपसे पूर्ण सहमत |

  11. Ashish said,

    December 20, 2010 at 8:09 am

    >SIR MAIL KAR DIYA HAI.BAHUT BAHUT DHANYAWAD.

  12. Shyam said,

    December 20, 2010 at 8:23 am

    >Few advice :#1: Register a Society, so donors can give you donation, without hesitation. (Registration of Society is cheap), but protects you against many political issues.#2: Get a separate bank account on the name of society. Keep paper record for every financial transaction, it will help you to fight against senseless allegation and tax authorities.#3: Also complete other society formalities from time to time. Consult any CA/CS supporter.ThanksShyam

  13. December 20, 2010 at 8:28 am

    >सहमत हूँ……एक दो दिन में आपको मेल कर दूंगा.

  14. Rupesh said,

    December 20, 2010 at 8:39 am

    >suresh bhaiya. ham satha sath hai. mail par pade.

  15. avenesh said,

    December 20, 2010 at 9:09 am

    >सुरेश जी मै आपकी बात से सहमत हूँ. लेकिन मेरा मानना है कि वेब साईट से बहुत कुछ नहीं हो सकता. इतनी उर्जा किसी चैनल या समाचार पत्र के प्रकाशन में लगायी जाये तो और अच्छा रहेगा…फ़िलहाल मै भी इसी तरह एक साईट पर काम करता हूँ, जिसका उद्देश्य भी यही है जो आपकी अपील में है, लेकिन २ साल के इस अनुभव में मैंने जहा तक पाया कि इस कार्य से बहुत कुछ परिवर्तन नहीं लाया जा सकता,और हा जहाँ तक रही बात सहयोग की तो जिस दिन आप इस कार्य को शुरू करें ..मै दिल्ली में रहकर अनुबाद और त्य्पिं का काम आपकी साईट के लिए सप्ताह में एक दिन निःशुल्क करने के लिए तैयार हूँ, ये है उस साईट का लिंक जिस पर मै अभी काम कर रहा हूँ http://www.vhv.org.in/

  16. December 20, 2010 at 9:11 am

    >प्रिय मित्रों,एक महत्वपूर्ण सुझाव सोसायटी बनाने एवं रजिस्ट्रेशन करने सम्बन्धी आया है… जिन्हें इस मामले में कोई अन्य जानकारी अथवा अनुभव हो वह ईमेल करें… कुछ कमेण्ट्स मोडरेट किये गये हैं, आशा है कि लोग बुरा नहीं मानेंगे… मैं बगैर अनुमति किसी के भी नाम-पते-फ़ोन नम्बर यहाँ उजागर नहीं करना चाहता… इसलिये कुछ कमेण्ट्स मोडरेट हो गये हैं… एक अलग बैंक अकाउण्ट खोलने सम्बन्धी सुझाव भी बेहतर है, मैं भी इसी दिशा में सोच रहा था… वेबसाइट का गठन, सोसायटी का रजिस्ट्रेशन, मूलभूत सुविधाएं एवं उपकरण इत्यादि सारे काम शनैः-शनैः होते जायेंगे… अभी तो मैं सहमतियाँ एकत्रित कर रहा हूं… फ़िर हिसाब लगाकर आगे बढ़ेंगे… जो मित्र Anonymous रहकर सहयोग करना चाहते हैं, वे भरोसा रखें… उनका नाम उजागर नहीं होगा… सभी मित्रों का धन्यवाद…

  17. December 20, 2010 at 9:41 am

    >सुरेश जी, उम्दा विचार , मेल से शीघ्र सूचित करूंगा !

  18. December 20, 2010 at 10:12 am

    >Suresh ji, The idea of forming a society is perfactly fine. Because it will not only protect you from some unwarranted things but will protect you from individual income tax burden. I don't have much idea about the formation of a society but i hope that from the following blog you may get good information;http://www.karmayog.com/ros.htm

  19. December 20, 2010 at 10:26 am

    >नमस्कार भाईसाहब,आपका श्रम दिख रहा है और सार्थक है. हमें भी सहयोग करने में कोई संकोच नहीं, करेंगे भी, विश्वास रखियेगा. हाँ एक निवेदन है, हताश करने के लिए नहीं, हिन्दुओं के प्रति आपके क़दमों की सार्थकता के प्रति की इंटरनेट का उपयोग अभी पढ़े-लिखे वर्ग के लोग ही कर रहे हैं और पढ़ा-लिखा तबका हिन्दू के नाम से ऐसे भागता है जैसे भूत देख लिया हो. यदि हिन्दू शब्द को लेकर गंभीरता का सवाल है तो वो बहुत ही कम पढ़े-लिखे लोगों में देखने को मिल रही है. इस बात को इस कारण कह पा रहे हैं क्योंकि हम बजरंग दल के जिला संयोजक रह चुके हैं, हिन्दू युवा वाहिनी के भी जिला अध्यक्ष रह चुके हैं, संयोजक भी. इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों दे जो सहयोग मिला है वो सराहनीय रहा है.साईट बन सके तो बेहतर होगा पर जन-जन को हिन्दू के नाम पर जगाने के लिए समाचार पात्र अथवा पत्रिका प्रभावी रहेगी. एक-दो संस्थाओं का संचालन भी कर रहे हैं, ट्रस्ट भी चला रहे हैं, आपको जल्द ही पूरी जानकारी भेजेंगे.आप साईट बनायें हमसे अल्प संसाधनों के बाद भी जितना संभव होगा आपको सहयोग दिया जायेगा.जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड, जय हिन्दू

  20. December 20, 2010 at 10:32 am

    >आपका प्रयास अच्छा है प्रभु आपको आपके मकसद में कामयाब करे

  21. December 20, 2010 at 11:08 am

    >पिनाक नामक पंजिकृत संस्था बनाई थी. अनुभव ठीक नहीं रहा, अतः फिलहाल साइट पर ध्यान दें. शेष ज्ञानीजन की सुनें. मित्र ने कहा साइट से बड़ा फर्क नहीं आता!!!जानकारी के लिए बता दूँ, केवल ट्विटर पर ऐसे तमाचे मारे की राजदीप सरदेसाई को अपनी साइट पर "झूठे ट्विटर कोम्मेंट" बनाने के लिए माफी माँगनी पड़ी. यही ऐसा माध्यम है जहाँ हमें नालायक लोग पछाड़ नहीं पाएं है और आगे भी देख लेंगे….

  22. December 20, 2010 at 11:15 am

    >सुरेश जी, मैं साथ हूँ यह कहने की भी आवश्यकता नहीं.

  23. December 20, 2010 at 1:13 pm

    >हम तैयार है |

  24. December 20, 2010 at 2:06 pm

    >एक सप्ताह के लिए दिल्ली-गोपालगंज-कानपुर की यात्रा पर था । आज ही कार्यस्थली पुणे आया हूं और आपके दोनों ही आलेख पढ़े । ज्यादा क्या कहना…..बस, मैं साथ हूँ.

  25. December 20, 2010 at 5:25 pm

    >अरे सुरेश जी आप पूरे देश को एकत्र करे लेकिन मुद्दा सिर्फ हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के साथ-साथ इंसानियत की रक्षा तथा भ्रष्ट मंत्रियों और उद्योगपतियों को हर हाल में पूरे देश में नंगा किया जाय इससे भी जुडा होना चाहिए …..मैं आर्थिक,सामाजिक तथा अपने जान से हर प्रकार के मदद को तैयार हूँ ऐसे किसी भी प्रयास के लिए….ऐसे प्रयासों की आज जरूरत है और इसके लिए पूरे देश के लोगों को आगे आना चाहिए…..

  26. December 20, 2010 at 6:55 pm

    >please display link of voice of dharma website on your blog and review one of their book- please do it for me aapne kabhee pustak samiksha nahee kee hai 1 baar bus 1 baar mere kahne pe kar lijiye http://voiceofdharma.org/

  27. anshu said,

    December 20, 2010 at 7:38 pm

    >नमस्कार सुरेश जी ,आपकी महत्वाकांक्षी योजना से मैं सहमत हूँ , स्वयं का सर्वर तथा कार्यालय होने से सूचना-नियंत्रण तथा प्रचालन की सुविधा अधिक होती है .. आपका डोमेन तो है ही पर आपने री-डाइरेक्ट किया है उसे ब्लोगेर डॉट काम पर … आप अवश्य डेडीकेटेड वेबस्पेस लें तथा अपने वेब कंटेंट को सीधा एफ टी पी से अपलोड कर दें .. इससे पूर्व सम्बंधित रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया तथा वर्तमान आई.टी नियमों की जानकारी ले लें ..रजिस्ट्रेशन व्यक्तिगत/संस्था दोनों प्रकार से हो सकता है … आपके मित्र ने सही कहा है कि ओपन सोर्स होने के कारण पी.एच.पी/माई एस क्यू एल पर बने वेब एप्लीकेशंस जैसे "वर्डप्रेस/जूमला/द्रुपल" आदि सरलता से मुफ्त उपलब्ध हैं जिनको थोडा बहुत परिवर्तित करके एक अच्छी तथा सिक्योर वेबसाईट अथवा पोर्टल बनाया जा सकता है..पर यदि आप अपने एप्लीकेशन की सिक्योरिटी को लेकर अधिक चिंतित हैं तो आप जावा/माई एस क्यू एल बेस्ड वेब एप्लीकेशन पर भी विचार कर सकते हैं – अपाचे रोलर एक ऐसा ही ओपन सोर्स ब्लॉग एप्लीकेशन है जिसे आप अपाचे टॉमकैट वेब सर्वर पर अपलोड कर सकते हैं …

  28. December 21, 2010 at 5:23 am

    >मेल द्वारा अपनी सहमती भेज दी है मैंने

  29. Web Master said,

    December 21, 2010 at 6:13 am

    >सुरेश जी, मेरी खुद की होस्टिंग कंपनी है तो मै आपकी साईट के लिए space अवंम domain फ्री मै provide कर सकता हूँ. आप मुझे कभी मेल कर सकते हैं .. rajesh@rvh.in पर 🙂

  30. Anonymous said,

    December 21, 2010 at 6:16 am

    >चलो शुभारम्भ करें .शुभ कार्यों के लिए हिन्दू समाज कभी भी धन की कमी महसूस नहीं होने देता हे . कुछ पहले जुड़ते हैं और कुछ पर्फोर्मांस देख कर .मुजे पहले जोड़ लीजिये .मेल कर दिया है.

  31. December 21, 2010 at 6:53 am

    >@ Unicorn – आपने वैसे भी अपना ओरिजनल नाम दिया ही कहाँ है… 🙂 🙂 मुझे अपने सही नाम से मेल करें, विश्वास रखें आपकी इच्छानुरूप नाम गुप्त रहेगा…

  32. kaverpal said,

    December 21, 2010 at 7:13 am

    >Dear SURESH JI I am agreed with your contribution and idea JAI HIND Capt K P Singh

  33. December 21, 2010 at 7:50 am

    >मैं हिंदी इंग्लिश टाइपिंग unicode and manual font (Hindi) दोनों जनता हूँ! प्रतिदिन 3 घंटे का समय इन्टरनेट के माध्यम से इस कार्य हेतु समर्पित कर सकता हूँ!!!Kanhaiya Jha9958806745yeskanhaiya@rediffmail.com

  34. ramesh said,

    December 21, 2010 at 11:26 am

    >Yours efforts are very much appreciated.I'm with you as well.

  35. Niraj said,

    December 21, 2010 at 12:34 pm

    >Dear suresh ji,mai silengent reader houn aapkey blog ka aur bahut si unknown jankari mili aapkey blog say.mai aapkey sath houn aap bus ye bata bata dijiyega ki kub aur kis accout mai jama karna hi is nek karya key liya. By profession i m a software eng. if you need any kind of help regarding technolgy i am also every time with youRegardsNiraj jha

  36. December 21, 2010 at 1:55 pm

    >मेल कर दिया है ….आरम्भ हो प्रचंड

  37. December 22, 2010 at 11:17 am

    >सुरेश जी मैंने मेल कर दिया है, अपना और अपने एक खास हिंदूवादी दोस्त का. अब आगे आप के आदेश का इंतजार…..

  38. Anonymous said,

    December 23, 2010 at 7:10 am

    >aap bus bol digiye Suresh sahab ki kab aap start kar rahe hai.. mere side se mein pura pryaas karunga ki main kuch yogdan de sakata hun..aap ke vichar sach me ache hai…. dhyanwad

  39. रचना said,

    December 24, 2010 at 1:31 pm

    >i am with u in this making a society is necessary and twiter and blog are good toolscommunity blog will also help

  40. December 24, 2010 at 4:54 pm

    >सुरेश जी,आपसे पूर्णत: सहमत हूँ . मेरा सहयोग जैसा आप चाहेंगे मिलेगा.नारायण भूषणिया संपादक "क्रांतिरथ छत्तीसगढ़" रायपुर

  41. December 26, 2010 at 2:53 am

    >मैं भी साथ हूँ, मेरा अपना निजी कम्प्यूटर खराब होने के कारण मेल, ब्लॉग वगैराह से बिलकुल वंचित हो गया हूँ, ईमेल तो ऑफिस के सिस्टम पर बिलकुल ही ब्लोक हैं फिर भी अनुमति न होने के बाद भी आजकल कभी-२ ऑफिस के कम्प्यूटर से केवल ब्लॉग और समाचार पढ़ लेता हूँ इसीलिए बड़े ही परेशानी में हूँ. खैर मैं आपको फोन पर सम्पर्क करता हूँ, आपका नम्बर मेरे गूगल अकाउंट में सुरक्षित है लेकिन जैसा कि मैंने अभी बताया है मैं उसको एक्सेस नहीं कर पा रहा हूँ इसीलिए कृपया अपना नम्बर मेरे को दोबारा दें ताकि कुछ इस पर विचार-विमर्श हो सके.

  42. mukesh567 said,

    December 27, 2010 at 3:21 am

    >Dear Sureshji,I am from chhota udepur Near vadodara gujarat. I am your fan subscriber and reader since begining.I rarely commented . I salute you for the work you doing. I am also connected with Baba Ramdev and Bharat swabhiman Andolan.Recently We lost Shri Rajiv Dixitji. I feel that the persons like you must work together with Baba Ramdev.They are going to start a news channel as you think. Yesterday 26/10/10 I was with Shri Shishpalji Rajput [ Prabhari for Gujarat, Patanjali Yog trust and Bharat Swabhiman Andolan.] I talked with him about you. He was much happy and interested to meet you and contact you. He told me that Baba Ramdev is in much need of the persons like you. So please give me your contact details. My phone no. is 09426597025. Thanks.Mukesh Agrawal

  43. December 27, 2010 at 5:58 am

    >पूर्णतः सहमत … मै आपके साथ हूँ

  44. Anonymous said,

    December 27, 2010 at 12:15 pm

    >एक कंप्यूटर मैं दे सकता हूँ बताइए किस पते और कैसे पर भेजना है |

  45. December 30, 2010 at 2:34 pm

    >सुरेश जी,सहमती इमेल भेज दिया है.


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