>इस्लामिक बैंक की स्थापना हेतु एड़ी-चोटी का “सेकुलर” ज़ोर, लेकिन… Islamic Banking in India, Anti-Secular, Dr. Swami

>केरल में भारत के पहले इस्लामिक बैंक की स्थापना करवाने के लिये “सेकुलर”, “मानवाधिकारवादी” और “वामपंथी” काफ़ी समय से जोर-आज़माइश कर रहे हैं। डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए केरल हाईकोर्ट ने इस सम्बन्ध में अपना निर्णय सुनाते हुए कहा कि “यदि भारत के कानून इसकी अनुमति देते हैं तो यह जायज़ है…”, इस स्पष्ट निर्णय के बावजूद “भाण्ड” मीडिया ने इस खबर को ऐसे चलाया मानो केरल हाईकोर्ट ने इस्लामिक बैंक (Islamic Banking in India) की राह से रोड़े हटा दिये हों। जबकि केरल हाईकोर्ट ने वही कहा है, जो डॉ स्वामी (Dr. Subramaniam Swami) की मुख्य आपत्ति थी… अर्थात “भारत का संविधान एवं कानूनी धाराओं के चलते भारत में इस्लामिक बैंक की स्थापना नहीं की जा सकती…”। ठीक यही वक्तव्य रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने और वित्त मंत्रालय ने भी दिया है कि जब तक संविधान में संशोधन नहीं किया जाता, तब तक इस्लामिक बैंक की स्थापना नहीं की जा सकती।

केरल हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में डॉ स्वामी (Dr. Subramanian Swamy) के उठाये हुए बिन्दुओं को सही मानते हुए सरकार से कहा है कि भारत की “धर्मनिरपेक्ष” सरकार किसी “धर्म विशेष” के पर्सनल कानूनों के तहत किसी व्यावसायिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकती, यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ़ है। हाँ… यदि सरकार संसद में बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट एवं रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया एक्ट में पर्याप्त बदलाव करे, सिर्फ़ तभी इस्लामिक बैंक की स्थापना की जा सकती है, ऐसा हो पाना अभी सम्भव नहीं है।

अरब देशों में कार्यरत अल-बराक फ़ाइनेंस कम्पनी ने इस्लामिक बैंक हेतु दो बार आवेदन किया है, लेकिन दोनों बार वह खारिज किया जा चुका है। रिज़र्व बैंक ने हलफ़नामा दाखिल करके हाईकोर्ट को बताया है कि अल-बराक का दावा झूठा है और रिज़र्व बैंक ने कभी भी अल-बराख फ़ाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड (ABFSL) को किसी भी प्रकार का रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट जारी नहीं किया है। गवर्नर डी सुब्बाराव ने स्पष्ट कहा कि भारत के वर्तमान कानूनों के दायरे में “बिना ब्याज” की किसी बैंक की स्थापना नहीं की जा सकती, इसके लिये अलग से कानून बनाना पड़ेगा।

इस लताड़ के बावजूद भारत के “सेकुलर जेहादी” जो हमारे टैक्स के पैसों को चूना लगाने के आदी हो चुके हैं, यहाँ पर इस्लामिक बैंक की स्थापना के लिये एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। जबकि उधर धुर-इस्लामिक देश कतर (Qatar) (जी हाँ वही कतर, जहाँ इधर का एक भगोड़ा फ़ूहड़ चित्रकार नागरिकता लिये बैठा है) में इस्लामिक बैंक को बन्द करने की तैयारी चल रही है… जी हाँ, कतर के सेन्ट्रल बैंक ने अपने पारम्परिक इस्लामिक बैंक की सेवाएं समाप्त करने का “सर्कुलर” जारी कर दिया है। सभी ग्राहकों एवं ॠण लेने वालों को इस वर्ष 31 दिसम्बर तक की मोहलत दी गई है। इस घोषणा से कतर नेशनल बैंक के शेयर एक ही दिन में 5 प्रतिशत गिर गये, यह बैंक भी इस्लामिक शरीया कानूनों (Islamic Sharia Laws) के तहत ॠण देती है… विस्तार से खबर यहाँ पढ़ें…

http://www.emirates247.com/business/corporate/qatar-bans-banks-islamic-units-2011-02-06-1.352424

“सेकुलर जेहादियों” और “वामपंथी रुदालियों” के लिये इस्लामिक बैंक से ही सम्बन्धित एक अन्य खबर ब्रिटेन से भी है। ब्रिटेन की पहली शरीयत आधारित बैंक के संस्थापक सदस्यों में से एक जुनैद भट्टी कहते हैं कि “ब्रिटेन में इस्लामिक बैंकिंग का प्रयोग बेहद निराशाजनक रहा है, पिछले चार साल से हम इसे सुचारु करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह किसी तरह घिसट-घिसट कर ही चल पा रहा है, अब इसे लम्बे समय तक चलाये रखना मुश्किल है…”। इसी प्रकार इंस्टीट्यूट ऑफ़ इस्लामिक बैंकिंग एण्ड इंश्योरेंस के डायरेक्टर मोहम्मद कय्यूम कहते हैं कि, “मुस्लिम जनसंख्या में इस प्रकार की बैंकिंग के लिये जनजागरण की आवश्यकता है, क्योंकि अन्य प्रतिस्पर्धी बैंक इस्लामिक बैंक की तुलना में काफ़ी कम दरों पर अपने उत्पाद बेच रहे हैं और अधिक ब्याज़ या ज्यादा मुनाफ़ा कोई भी खोना नहीं चाहता…”।

http://www.theaustralian.com.au/business/industry-sectors/sharia-compliant-banking-products-a-huge-flop-in-britain/story-e6frg96f-1225882133009

इस सब के बावजूद भारत में वामपंथियों-सेकुलरों और जेहादियों के गठजोड़ लगातार भारत में इस्लामिक बैंकिंग शुरु करवाने के लिये मरे जा रहे हैं…

बहरहाल… प्रधानमंत्री द्वारा मलेशिया में दिये गये भाषण (Manmohan on Islamic Banking) को देखकर लगता है कि सरकार इस्लामिक बैंकिंग के लिये संसद में कानून भी ला सकती है (“सेकुलरिज़्म” गया भाड़ में) क्योंकि उसके बिना यह सम्भव नहीं होगा…। वैसे भी उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में कहा है कि सरकार सिर्फ़ “हिन्दुओं के कानून” ही बदलती है… यही है असली कांग्रेसी और वामपंथी सेकुलरिज़्म। इसके जिम्मेदार भी “हिन्दू” ही हैं, जो आज तक कभी राजनैतिक रुप से एकजुट नहीं हो पाए… और जब कोई कोशिश करता है तो उसकी टाँग खींचकर नीचे लाने में जुट जाते हैं… (मुम्बई शेयर बाज़ार में तो शरीयत आधारित इस्लामिक इंडेक्स (TASIS BSE Index) शुरु हो ही गया, हिन्दुओं ने क्या उखाड़ लिया?)।

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चलते-चलते :- जिस तरह से अकेले दम पर पिछले 4-5 साल में डॉ स्वामी ने सोनिया-राहुल-मनमोहन-चिदम्बरम और करुणानिधि की नींद उड़ाई है उसे देखते हुए उनकी सुरक्षा पर गम्भीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने रामसेतु (Ram Sethu) को टूटने से बचाया, इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के फ़र्जीवाड़े (Electronic Voting Machine Fraud)  को अपनी पुस्तक में विस्तार से उजागर किया, इस्लामिक बैंकिंग की राह में रोड़ा बने हुए हैं (Ban on Islamic Banking), राजा बाबू और मनमोहन के पीछे 2G को लेकर केस दायर किये हैं (2G Spectrum Case), चेन्नै में चिदम्बरम मन्दिर को कमीनिस्टों और नास्तिकों के हाथ में जाने से बचाया… और अभी भी 73 वर्ष की आयु में लगातार सरकार को सुप्रीम कोर्ट में घसीटने में लगे हुए हैं…। एक अकेला व्यक्ति जब इतना काम कर सकता है तो भाजपा इतना बड़ा संगठन और संसाधन लेकर क्या कर रही है? क्या स्वामी की सक्रियता को देखकर किसी भी बड़े विपक्षी नेता को शर्म, ग्लानि अथवा ईर्ष्या नहीं होती? जिस तरह डॉ स्वामी, बाबा रामदेव, किरण बेदी, अरविन्द केजरीवाल (अधिकतर नेता तो _______ हैं, परन्तु राजनीतिज्ञों में अकेले नरेन्द्र मोदी…) जैसे लोग जिस प्रकार कांग्रेस की “नाक मोरी में रगड़ रहे” हैं, इसे देखते हुए इन लोगों की सुरक्षा की चिंता होना स्वाभाविक है…, क्योंकि कांग्रेसी भले ही भाजपा और संघ को हमेशा “फ़ासिस्ट” कहती रहती हों… इनका खुद का इतिहास “आपातकाल” और “सिखों के कत्लेआम” से रंगा पड़ा है। दुआ करें कि डॉ स्वामी सुरक्षित रहें…

24 Comments

  1. February 11, 2011 at 7:18 am

    >शरियत पर बैंक खोलना बुरा नहीं है अगर पहले क्रिमिनल ला शरियत के मुताबिक़ किया जाए ! ताकि कसाब जैसो हो सज़ा तुरंत मिल सके !

  2. February 11, 2011 at 7:30 am

    >इन्तजार किजीयेइस्लामिक बैंकइस्लामिक संविधानइस्लामिक प्रधानमंत्रीइस्लामिक राष्टपतीइस्लामिक राज्यपालइस्लामिक राष्टृगान (अल्ला हो अकबर)इस्लामिक झण्डाऔर अंत में इस्लामिक देश इस्लामिस्तान

  3. February 11, 2011 at 7:31 am

    >सच कहते हैं आप, पता नहीं भाजपा चाहती क्या है? इतने सारे मुद्दे हैं फिर भी चुप क्यों है? अकेले डॉ स्वामी लड़ रहे हैं| भाजपा को चाहिए कि वह उन्हें और मजबूती प्रदान करें| स्वामी रामदेव और नरेन्द्र भाई मोदी की तर्ज़ पर कांग्रेस की नींद हराम करें| किन्तु वे ऐसा कर नहीं रहे| पता नहीं भाजपाइयों का क्या निजी स्वार्थ है इसमें?

  4. February 11, 2011 at 7:44 am

    >स्वामीजी से तो ईर्ष्य़ा जी हो सकती है 🙂 वे शतायू हो.

  5. February 11, 2011 at 7:46 am

    >भारत में मुगल अंग्रेज व कांग्रेस राज कर सकती है. तो भाजपा बेचारी क्या करे?

  6. PRATUL said,

    February 11, 2011 at 8:21 am

    >.इस्लाम के विरुद्ध्य लामबंद होना ही होगा. नकली गांधियों को बेनकाब करना ही होगा. लगता है संत और साधु समाज की रक्षा को निजी संगठन द्वारा कोई प्रबंध करना ही होगा. .

  7. February 11, 2011 at 8:34 am

    >स्वामी जी शतायु हों…सारा देश उनका आभारी है…

  8. P K Surya said,

    February 11, 2011 at 8:50 am

    >Swami ko sat sat sat pranam etne umr me bhi Sri Ram or Sri Krishna kee tarah akele lar rahen hen jabki krushna ya Ram k pass to sena thi. abhi bhi Ishwar he or kuchh logo me satya ko jagaye rakha he.. sharmnirpeksha kee had ho rahe he pr sache Bhartiyon k karan mujhe lagta he had par ye manhus congresi or uske dalal nahi langh sakte laxman rekha Swami, Narendra modi jaise mahan log khichte rahenge, jai Bharat

  9. February 11, 2011 at 9:03 am

    >मीडिया भी कैसे मिथ्या व अर्धसत्य को सत्य के रूप में प्रचारित करता है, इस आलेख द्वारा यह और स्पष्ट हो गया। मीडिया के द्वारा "इस्लामिक बैंकिंग" वाले मामले को इस प्रकार प्रचारित किया गया, जैसे कि इसे केरल उच्च न्यायालय ने सही ठहरा दिया हो।

  10. February 11, 2011 at 9:19 am

    >Raashtriy Niyam Adhiniyam bhee itna kamzor ho jayega ek din ye socha na tha. Wo bhi ek dharm-vishesh dwaara banaye gaye Bank ke liye. Dr.Swaami ji apna kaam nirantar karte aaye hain. Unhe Saadhuwaad. Baaki auron ke liye seekhne kee ghari hai.

  11. February 11, 2011 at 3:14 pm

    >भाजपा वाले अक्लमन्द लोग हैं सो कुछ और बहुत कुछ सोचकर ही चुप लगा जाते हैं, अगर वे चाहें तो क्या नहीं कर सकते। पर अपने लाभ, अपना-अपना गणित!

  12. February 12, 2011 at 6:02 am

    >सब कहते हैं कांग्रेस और भाजपा में क्या अंतर है। भाजपा भी कांग्रेस का ही द्वितीय संस्करण है। भाजपा भी कमजोर और गैर-हिम्मतवर है। उसमें कोई भी व्यक्ति डॉ स्वामी जैसा नहीं है और आगे भी नहीं हो सकता है।

  13. INDIAN said,

    February 12, 2011 at 6:07 am

    >कांग्रेस का एक और कमीनापन देखोकमीने यासीन मलिक ने अजमेर मे जाकर फिर तिरंगे का अपमान किया और वहाँ की कांग्रेस सरकार इसके स्वागत मे लगी रहीपूरा वाक्या ये हैकि ये कमीना यासीन मलिक अपनी पाँच दिनो की यात्रा पर अजमेर आया और वहाँ पर किसी दूसरे गद्धार मुल्ले ने जानबूझ कर इसको फूलो के साथ तिरंगा भेट किया . ताकि ये तिरंगे का अपमान करेऔर इसने यही कियाइसने तिरंगा लेने से इंकार कर दिया और कहाँ कि ये मेरे देश का झंडा नही है.मुझे ये समझ मे नही आता कि आखिर इस कमीने को अजमेर मे घुसने कैसे दिया गया?दूसरा सवाल ये कि आखिर किस कमीने ने इसको तिरंगा भेट किया ताकि ये उसका अपमान करे और ये संदेश दे कि देखो हम कश्मीर ही नही भारत मे हर जगह तिरंगे का अपमान कर सकते हैअब इन कमीने कांग्रेसियो की ईट से ईट बजाने का समय आ गया है

  14. February 12, 2011 at 6:35 am

    >सिर्फ दस-बारह स्वामी जी जैसे लोग हो जायें तो अपने आप गंदगी दूर हो जायेगी..

  15. February 12, 2011 at 6:47 am

    >अब तो ऐशा महसूस होने लगा है कि, भाजपा को हिंदुत्व वादी कहना ही गलत है. अब ये भी मात्र सत्ता के लिए मरे जारहे हैं, और अपनी सारी देश भक्ति को ताक पर रख कर सत्ता के मोह में जीना चाहते है, और इनको अब हिन्दुत्व और हिन्दू हित से कोई मतलब नहीं रहा है. और अब हमको ये "अडवानी एंड कंपनी" से कोई ज्यादा उम्मीद रखने कि जरुरत नहीं है, ये भी मात्र सत्ता के लिए भोले भाले हिन्दुओं का मात्र उपयोग कर रहें हैं. अगर इसी तरह चलता रहा तो ये कथित हिन्दू प्रेमी भाजपा "अडवानी एन्ड कम्पनी" भी अपनी पार्टी का अश्तित्व लोजपा (पासवान) जैशा कर देगी, और हम देख ते रह जायेंगे. जिशसे मेरा मानना है हमें तो अब मात्र नरेन्द्र मोदी और स्वामी जी जैशे देश भक्तों और हिन्दू प्रेमियों के साथ मिल कर आगे कुछ कर दिखाना चाहिए ये भाजपा का अनुभव अब ठीक नहीं है…

  16. Man said,

    February 12, 2011 at 7:55 am

    >वन्देमातरम सर ,सेकुलरवादी कांग्रेसी ,और वामपंथी मुस्लिमो को बहकाने हेतु बिन बारीश के ही नंगे होके नाचने लगते ?जिस प्रकार स्वामीजी ,किरन बेदी ,बाबा राम देव ,भाई नरेंद्र मोदी इन रंगे सीयारो ,पूँछ कटे शवानो की सतत नसबंदी क्रिया करने में प्रयासरत हे इन्हें धन्यवाद

  17. February 12, 2011 at 8:13 am

    >स्वामी जी को ईश्वर लम्बी उम्र दे, उनके सिर्फ छिपे हुये दोस्त ही नहीं हम जैसे छिपे हुये प्रेमी भी हैं!

  18. nitin tyagi said,

    February 12, 2011 at 9:58 am

    >sahi kaha hai Bjp ko sharam aani chahiye why they do not do same like swami ji Shame on BJP that is why Bjp did not come again

  19. February 12, 2011 at 10:55 am

    >साभारः from>>http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-yasin-refused-to-take-the-national-flag-1841736.html?HT3=BHAGAT (Bharat) sayingsजब संविधान ही लुटेरा हो तो जज क्या कर लेगा? संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) व्यक्ति को सम्पत्ति का अधिकार ही नहीं देता. किसी गैर मुसलमान को जीने का अधिकार न मुसलमान देता है और न किसी उस व्यक्ति को जीने का अधिकार ईसा देता है, जो ईसा को अपना राजा न……हीं मानता. फिर आजादी कैसे मिली यह पूछते ही या तो आप ईश निंदा में कत्ल हो जायेंगे या भारतीय दंड संहिता की धारा १५३ अथवा २९५ में जेल में होंगे. जज तो राज्यपाल का बंधुआ मजदूर है. अपराधी वह है, जिसे सोनिया का मातहत राज्यपाल अपराधी माने.जजों, राज्यपालों और लोक सेवकों के पास कोई विकल्प नहीं है. या तो वे स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा नौकरी न करें.अल्लाह व मुहम्मद के कार्टून बनाने पर मौत का फतवा देने वाले अजान द्वारा हमारे ईश्वर का अपमान क्यों करते हैं? ईश निंदा के अपराध में हम मुसलमानों को कत्ल क्यों न करें? हमसे उपासना की आजादी का वादा किया गया है, ईमाम मस्जिदों से, "ला इलाहलिल्लाहू मुहम्मद्दुर रसुल्ल्लाहू" क्यों चिल्लाते हैं? हम अल्लाह के उपासना की दासता क्यों स्वीकार करें?हर मुसलमान व ईसाई खूनी है. सोनिया कैथोलिक ईसाई है. धर्मपरिवर्तन के लिए उकसाने वाले को कत्ल करने की बाइबल की आज्ञा है. (व्यवस्था विवरण, १३:६-११). व धर्मपरिवर्तन करने वाले को कत्ल करने की कुरान की आज्ञा है. (कुरान ४:८९). २०११ वर्ष पूर्व ईसाई नहीं थे. न १४३१ वर्ष पूर्व मुसलमान ही थे. अतएव धर्मत्यागी सोनिया व हामिद को उनके ही मजहब के अनुसार कत्ल करने का हमे भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार है. क्यों कि बाइबल, लूका १९:२७ के ईसा के आदेश से सोनिया हमे कत्ल करेगी और कुरान २१:९८ के आदेश से हामिद अंसारी कत्ल करेगा. इनसे अपनी रक्षा का हमारे पास और कोई मार्ग नहीं है.हमारे पूर्वजों से भूल हुई है. हमारे पूर्वजों ने ईसाइयत और इस्लाम की हठधर्मी को ईसाइयों व मुसलमानों पर लागू कर उनको कत्ल नहीं किया. हम अपने पूर्वजों की गलती को सुधारना चाहते हैं. हमें आप के सहयोग की नितांत आवश्यकता है. आप से अनुरोध है कि बहुत हो चुका, असीमानंद के पीछे पड़ने के स्थान पर सोनिया से पूछिए, कि मात्र कश्मीर में १९९२ तोड़े गए १०८ मंदिरों की जांच कौन करेगा?

  20. February 12, 2011 at 12:11 pm

    >अखबार में पढ़कर तो मुझे भी ऐसा ही लगा था..

  21. I and god said,

    February 13, 2011 at 2:14 pm

    >all hindus are doing blah…..iblah….only subramaniam swamy is real bharat ratna. i this blog to start a muhim that subrmanyam swami must be given bharat ratna. if this can not be given, at list all country can give him Hindu ratna .ashok guptadelhi

  22. February 14, 2011 at 5:57 am

    >डॉ. सुब्रमनियन स्वामीजी को ही क्यों आपको भी सुरक्षा मिलना चाहिए.डॉ. सुब्रमनियन स्वामीजी के साथ साथ आप भी दीर्घायु हो यदि आप न होंगे तो हमें जगायेगा कौन और हमारी नेत्र कौन खोलेगा,एक बार पुनः धन्यवाद् .

  23. P K Surya said,

    February 14, 2011 at 11:31 am

    >Best Film – Loot le IndiaB Hero – Manmohan chuhaB Heroine – soniya GadhiVillan – RajaScript by – Karuna anidhi,Guest appeareance – Rahul GadhaComedy – sharad Pooowsupporting actro – suresh kaalmadichoriographer – sheila dixitMusic by – Nira RandiaPRODUCED BY 100 CRORE POOR INIDAN CORPORATION.LTD

  24. Manu said,

    February 14, 2011 at 4:04 pm

    >Suresh Ji,I latched on to your blog recently. Havent really stopped for last 2 days. Your relentless efforts are laudible.My 2 cents, whatever they are worth:-1.I would request you to provide us with more information of positive deeds and actions done by nationalistic organisations.2.Provide a direction to people visiting this blog. Give information on any person/organisation doing work on that issue so that action oriented persons can get a platform to work on. I get a sense that people visiting your blog get motivated to work but lack of information/platform with which they can work is not there.Thanks for enriching our lives and keeping us motivated through your writings.Godspeed to your goal of national awakening,Manu


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