>आईये, मेरा, आपका, जनता का कार्यकुशल मंत्रिमण्डल बनायें… (एक माइक्रो पोस्ट)…… Cabinet from People of India

>मित्रों, (यदि मध्यावधि चुनाव Mid-Term Polls नहीं हुए) तो सन 2014 में हमें भारत की नई सरकार बनाना है। गत 10 साल में देश में जो सड़ांध और लूट मची है, उसमें हम सभी का यह कर्तव्य है कि एक साफ़-सुथरी और “काम करके दिखाने वाले” लोगों की सरकार बनाएं। एक सर्वदलीय और “पार्टी तथा विचारधारा” की सीमाओं से परे एक मंत्रिमण्डल (Cabinet Ministry of India) बनाया जाये जो कि लोकतान्त्रिक तरीके से देश की समस्याओं को सुलझाए…

इस दिशा में हमें अभी से विचार शुरु कर देना चाहिये (हालांकि कुछ लोगों को यह पहल बहुत “जल्दबाजी” लग सकती है), परन्तु इस सम्भावना पर विचार-विमर्श करने में क्या हर्ज़ है? आज की तारीख में केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में देश को अच्छा काम करने वाले लोगों की सख्त आवश्यकता है, मैं अपने “व्यक्तिगत” आकलन के मुताबिक कुछ नाम (और उनका विभाग) पेश कर रहा हूँ… सभी पाठकों से (विरोधियों से भी) आग्रह है कि कृपया अपने विचार पेश करें, आप किस व्यक्ति को मंत्रिमण्डल में देखना पसन्द करेंगे (और क्यों), मेरे द्वारा पेश किये गये नामों में से कितनों को बाहर रखना (अथवा विभाग बदलना) चाहेंगे, खुलकर बताएं… कोई व्यक्तिगत बहस नहीं, सिर्फ़ देशहित में अपने विचार रखें कि आप कैसा मंत्रिमण्डल चाहेंगे…

पेश है मेरी निम्नलिखित लिस्ट, कई महत्वपूर्ण विभाग खाली भी हैं (अभी उपयुक्त नाम दिमाग में नहीं आ रहे), आप अपना महत्वपूर्ण सुझाव दे सकते हैं… सभी का स्वागत है… यह भी जरुरी नहीं है कि मेरी सूची से सहमत हुआ जाये…

राष्ट्रपति – APJ अब्दुल कलाम

प्रधानमंत्री – नरेन्द्र मोदी (भाजपा)

लोकसभा अध्यक्ष – डॉ मनोहर जोशी (शिवसेना), अथवा पीए संगमा

गृह मंत्री – डॉ किरण बेदी (निर्दलीय)

रक्षा मंत्री – एके एण्टोनी (कांग्रेस)

वित्त मंत्रालय – (नाम सुझाएं)

कानून-न्याय एवं संविधान मामलों के मंत्री – डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी (जनता पार्टी)

सामाजिक न्याय एवं ग्रामीण विकास – डॉ रघुवंश प्रसाद (राजद)

सूचना-प्रसारण मंत्रालय – अरुण शौरी (भाजपा)

खेल एवं युवा मामले – ज्योतिरादित्य सिंधिया (कांग्रेस) अथवा चेतन भगत (लेखक)

पर्यावरण मंत्रालय – डॉ सुरेश प्रभु (भाजपा)

वाणिज्य मंत्रालय – डॉ जयराम रमेश (कांग्रेस)

भूतल परिवहन (सड़क) मंत्रालय – नितिन गडकरी

कृषि मंत्रालय – डॉ स्वामीनाथन (निर्दलीय)

अल्पंसख्यक कल्याण मंत्रालय – आरिफ़ मोहम्मद खान (बसपा)

कार्मिक, पेंशन एवं लोकलेखा मंत्रालय – अरविन्द केजरीवाल

हो सकता है कि इनमें से कुछ नाम आपको चौंका रहे हों, लेकिन यह मेरा व्यक्तिगत मत है, आप अपनी राय रखिये… कोई जरूरी नहीं है कि नाम सिर्फ़ राजनैतिक पार्टी से ही हों। सामाजिक, वैज्ञानिक, औद्योगिक सहित सभी स्तर पर देश में एक से बढ़कर एक प्रतिभाएं मौजूद हैं… आप नाम सुझाईये।

यह तो सिर्फ़ एक झलक है, अभी तो ढेर सारे मंत्रालय खाली पड़े हैं… पाठकों से अनुरोध है कि अपने विवेक, अपने ज्ञान, अपने अनुभव के अनुसार टिप्पणी में अपनी पसन्द के “उचित” व्यक्ति को मंत्रिमण्डल में शामिल करें। कोशिश करें कि यह एक राष्ट्रीय मंत्रिमण्डल जैसा दिखाई दे (किसी पार्टी या विचारधारा का नहीं)। अच्छे, कर्मठ और ईमानदार व्यक्ति प्रत्येक राजनैतिक पार्टी में होते हैं, यह उनका (और देश का) दुर्भाग्य है कि उन्हें काम करने का सही मौका नहीं मिलता… आईये हम और आप मिलकर एक वैकल्पिक मंत्रिमण्डल का “विचार” पेश करें…। आपके अन्य विद्वान मित्रों को भी इसमें अपनी-अपनी तरफ़ से सुझाव और नाम पेश करने हेतु शामिल करें…

फ़िलहाल भले ही यह एक “कपोल कल्पना” या “आसमान से तारे तोड़ने” जैसा विचार लगता हो, लेकिन प्रत्येक वास्तविक बात, “कल्पना” से ही शुरु होती है… सुझावों का इन्तज़ार रहेगा…

============
नोट :- (बाबा रामदेव खुद ही सत्ता में शामिल होने हेतु मना कर चुके हैं, लेकिन सॉरी आडवाणी जी, आपको इस सूची से बाहर रखा जाता है…)

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67 Comments

  1. February 24, 2011 at 7:34 am

    >मस्त कार्य लाए हो. मोदी को गृहमंत्री बनाओ. पटेल की जगह वही ले सकते है.

  2. February 24, 2011 at 7:37 am

    >सुरेश जी,कई साल पहले एक पिक्चर देखी थी |उसमें एक गुंडा एक महत्वपूर्ण पद पर आसीन व्यक्ति के पास जा कर उसकी टेबल पर एक रिवोल्वर और उसके साथ रुपयों का एक मोटा सा बण्डल रख कर कहता है – "इन दोनों में से एक काबुल कर लो – रुपये ले कर काम कर दो वर्ना खुद को गोली मार लो |"उसी दृश्य से प्रेरणा ले कर वित्त मंत्रालय में कोई भी वित्त मंत्री बन सकता है |शर्त यह रहेगी कि – "या तो विदेश के चोर बैंकों में जमा कराये गए ४०० लाख करोड़ रुपये १ महीने में वापस लाओ और उसके इनाम में टैक्स पेड १०% दे दिए जायेंगे – वर्ना सरे आम खुद को गोली मार लो "इस तरह जब तक चोरों द्वारा लूटा हुआ धन वापस नहीं आता भारत के हर १ महीने में एक नया वित्त मंत्री मिलता रहेगा |

  3. February 24, 2011 at 7:38 am

    >वित्त मंत्रालय भी अरविन्द केजरीवाल के जिम्मे ही रखा जाय तथा मनमोहन सिंह और प्रणव मुखर्जी को देश में भयंकर सामाजिक असमानता लाने के लिए सजा के तौर पर उनके ऑफिस में पानी पिलाने का काम दिया जाय……

  4. February 24, 2011 at 7:48 am

    >एक ऑप्शन भी दे सकते हैं : यदि ये काम किसी एक व्यक्ति के बस में न हो तो कोई भी गिरोह (राजनीतिक अथवा सड़क छाप) जिसमें कितने भी सदस्य क्यों न हों – मिल कर इसे करने का प्रयत्न कर सकते हैं – लेकिन शर्त वही रहेगी – १ महीने में पूरा धन वापस भारत में न आने पर सब के सब खुद को सरे आम . . . . . !!!इस शर्त में कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए |

  5. February 24, 2011 at 7:57 am

    >संसदीय कार्य मंत्री – टी एन शेषन (सब की ढिबरी टाईट हो जायेगी)जम्मू कश्मीर मामलो के विशेष मंत्री – के पी एस गिल (हॉकी का पता नहीं क्या करेंगे, पर आतंकवादियों का सफाया करना इनकी कुण्डली में लिखा है)और बहुत सोचा, लेकिन ढंग के लोग शायद कम ही है हिन्दुस्तान में !

  6. February 24, 2011 at 8:09 am

    >सचिन सक्सेना जी का सुझाव बेहतरीन है… खेल मंत्रालय कपिल देव या प्रकाश पदुकोण को सौंपने की मांग भी हुई है फ़ेसबुक पर… 🙂

  7. February 24, 2011 at 8:13 am

    >मेरा नाम हरविंदर सिंह मोब.+९१९७८४५६६००७ RASHTARPATI KALAAM SAAHAB ,पी ऍम- मैं खुद या नितीश कुमार होम मिनिस्टर& उप पी ऍम – नरेंदर मोदीक़ानून, महिला & बल विकास -किरण बेदी रक्षा मंत्री- ऐ के एंटोनी वित् मंत्रालय मैं खुद या वसुन्द्रा राजे या मनप्रीत बादल पर्यावरण मंत्री -जयराम रमेश खेल मंत्रालय- कोई भी योग्य खिलाड़ी जो अंतरराष्ट्रिय स्टार तक खेल चूका हो सुचना parsaaran &आई टी – नंदन निलेकनी या अरुण शौरी कृषि मंत्री -डॉ स्वामीनाथन या अजीत सिंह कार्मिक, पेंशन एवं लोकलेखा मंत्रालय – अरविन्द केजरीवाल कानून-न्याय एवं संविधान मामलों के मंत्री – डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी (जनता पार्टी)जल संसाधन – संत बलबीर सिंह सीचेवाल या डॉ राजेन्द्र सिंह लोकसभा अध्यक्ष – डॉ मनोहर जोशी (शिवसेना), अथवा पीए संगमा भूतल परिवहन (सड़क) मंत्रालय – नितिन गडकरीसंसदीय कार्य मंत्री & चुनाव sudhaar – टी एन शेषन या जे ऍम लिंग दोह जम्मू कश्मीर मामलो के विशेष मंत्री – के पी एस गिल (हॉकी का पता नहीं क्या करेंगे, पर आतंकवादियों का सफाया करना इनकी कुण्डली में लिखा है)शर्त यह रहेगी कि – "या तो विदेश के चोर बैंकों में जमा कराये गए ४०० लाख करोड़ रुपये १ महीने में वापस लाओ और उसके इनाम में टैक्स पेड १०% दे दिए जायेंगे – वर्ना सरे आम खुद को गोली मार लो "इस शर्त में कोई रियायत नहीं मिलनी चाहिए |

  8. Nayansukh said,

    February 24, 2011 at 8:21 am

    >वित्त मंत्रालय – अज़ीम प्रेमजी

  9. VIJENDER said,

    February 24, 2011 at 9:02 am

    >SANSKIRTI MANTRALY SMT MENKA GANDHIHRD MURLIMANOHAR JOSHIHOME MINISTER. ADVANDINORTH EAST & JAMMU KASHMIR KPS GILLRIILWAY RAM NAYAK

  10. vedvyathit said,

    February 24, 2011 at 9:05 am

    >fir gunde bdmashon ka kya hoga

  11. Sachin said,

    February 24, 2011 at 9:11 am

    >खेल मंत्रालय पुलेला गोपीचंद को दिया जाना चाहिए ! मुहे याद है २००१ में आल इंग्लैंड ओपन बेडमिन्टन चेम्पियनशिप जीत कर भारत लौटने पर उन्होंने सभी कंपनियों को, जो उन्हें अपने विज्ञापनों में मोटी रकम दे कर लेना चाहती थी, साफ़ मना कर दिया था ! और उसके बाद कभी पैसा या नाम कमाने को जीवन का उद्देश्य नहीं बनने दिया और देश के लिए प्रतिभाये तराशने में लगे हुए है !

  12. February 24, 2011 at 9:18 am

    >सर्वदलीय सरकार के बारे में संकटकाल में ही सोचा जाता है. फिलहाल ऐसा कोई राष्ट्रीय संकट नहीं है कि इस तरह सोचें. हल्की फुल्की नहीं यह गंभीर पोस्ट है.

  13. Sachin said,

    February 24, 2011 at 9:26 am

    >संजय तिवारी जी, भावना को समझिये ! इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता की सरकार किस दल की हो या, किस गठबंधन की या सर्वदलीय हो अथवा नहीं ! मुद्दे की बात यह है की सरकार में लोग कैसे हो ?इस देश में नेताओ और नीतियों की नहीं नीयत की कमी है!

  14. February 24, 2011 at 9:30 am

    >भाई आप ने भी एक सिंधिया को जोड़ ही लिया ??? ये वही परिवार है न जिसने अंग्रेजो की सेना के साथ मिल कर रानी लक्ष्मी बाई और स्वतन्त्रता संग्राम का दमन किया था ???भाई साहब कोई संभावना , गाँधी (दत्तक वाले से नहीं),सावरकर , भगत सिंह , आज़ाद , सरदार पटेल ,खुदीराम , सुभास बाबु ,तात्या टोपे ,लक्ष्मी बाई , राम प्रसाद बिस्मिल के परिवार से भी ढूंढिए !!!जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया उनके बहुत सारे वंशज आज देशभक्ति का जज्बा लिए भीख मांग रहे है !आप की जानकारी के लिए बतादूँ " मै स्वयं परम पूज्य श्री बंकिम चन्द चटर्जी जी का वंसज हूँ ! पर कौन पूछता है ???सबको लगता है आजादी मतलब नेहरू परिवार और सबके बलिदान गए भाड़ में !!!

  15. February 24, 2011 at 10:01 am

    >आप को इश मंत्री मंडल में कुछ नामों का सुझाव दे रहा हूँ, विभाग आप तय करदेना, "राजीव प्रताप रुढी" "तरुण विजय" "राजीव दीछित" "पुण्य प्रसून बाजपेयी" "जगमोहन"… लेकिन एक सुझाव जरुर दूंगा अडवानी को राजनीती से सन्याश दिलाने के बाद ही ये संभव होगा नहीं तो उनकी दखल अंदाजी आप के पुरे मंत्री मंडल को ले डूबेगी…

  16. रचना said,

    February 24, 2011 at 10:50 am

    >aap khud bhi kyun nahin politics join kartey aap ka apna matrimandal ho to kis blogger ko kyaa mantralaya milaegaa mujhae laege yaa nahin

  17. February 24, 2011 at 10:53 am

    >एक बात समझ नहीं आई कि ए.के . अंटोनी में आपलोगों ने ऐसा क्या देख लिया, जो देश की रक्षा का भार फिर से सौपना चाहते है ?

  18. Kautilya said,

    February 24, 2011 at 11:15 am

    >कृषि मंत्री – सुभाष पालेकर (स्वामीनाथन एक बार तो कृषि का सत्यानाश कर चुके हैं)जल संसाधन मंत्री – अनुपम मिश्रमानव संसाधन विकास मंत्री – श्याम गुप्त (एकल विद्यालय योजना के सूत्रधार)

  19. February 24, 2011 at 12:47 pm

    >APJनरेन्द्र मोदीपी ए संगमाकिरण बेदीएके एण्टोनीये नाम देखकर ही दिल खुश हो गया। बाकी नाम पढे ही नहीं। बेहतरीन सरकार और मंत्रीमण्डल बनाये हैं जी, आप।काश ऐसा हो जायेप्रणाम स्वीकार करें

  20. February 24, 2011 at 1:53 pm

    >राष्ट्र पति का पद ही खत्म होना चाहिये, ओर राज पाल का भी, प्रधानमत्री सही चुना आप ने, हमे नाज हे, वित्त्य मत्रालय किसी नारी को बनाये,रक्षा मंत्राल्या आप के हबाले होना चाहिये.

  21. February 24, 2011 at 2:31 pm

    >वैसे एक ब्लॉगर मंत्रिमंडल भी बनाया जा सकता है , बस यहाँ भी घमासान न हो जाए ।मेरे सुझाव Suresh ChiplunkarAnand G.Sharma आनंद जी.शर्माजय कुमार झा रचनाअन्तर सोहिल

  22. February 24, 2011 at 2:33 pm

    >हाँ राज भाटियाडॉ दराल

  23. February 24, 2011 at 2:34 pm

    >पी.सी.गोदियाल प्रवीण पांडेहिमांशु मोहन

  24. February 24, 2011 at 3:13 pm

    >badhiya!! Leader of opposition kaun hoga??

  25. February 24, 2011 at 3:36 pm

    >और तो पता नहीं पर कृपया गृह या मानव संसाधन मंत्रालय मुझे दे दें.

  26. yash said,

    February 24, 2011 at 5:22 pm

    >भाई हम तो खांग्रेसियों को जड़ से ही उखाड़ना चाहटहई लेकिन आप इसमे पहली बार सेकुलरिस्म की बात कर रहे हो ! इनपर किसी भी सूरत मे रहम नहीं क्यूँ की ये नमोजी के नीचे कार्य नहीं करेंगे !

  27. ANKIT said,

    February 24, 2011 at 6:49 pm

    >बाबा रामदेव के आने से सोये हुये लोगो मे नई जान आती हुयी दिखायी पड़ रही है

  28. February 24, 2011 at 6:54 pm

    >जमालगोटा को टिप्पड़िया नही मिलती थी. तो ससुरा रोज पच्चीस नये ब्लाग बनाये फिर रहा है. और हिँदु ग्रन्थो की आलोचना कर रहा है.और हर जगह अपने सैकड़ो ब्लागो के लिँक टपका रहा है

  29. Anonymous said,

    February 24, 2011 at 8:04 pm

    >President – Dr. APJ Abdul KalamPM – Dr. Subramaniam Swamy (I am not referreing Mr. Modi, as PM must be visionary, must have understanding about Strategic International Affairs, where Modi does not fit, and Dr. is attaining age also)Internal Security (New) – KPS GillAbolish Minority Affair MinistryFianance – Dr. Bimal JalanDefence – Gen (Retd) J Singh

  30. February 25, 2011 at 2:56 am

    >शांता कुमार जी को वित मंत्रालय दिया जाना चाहिए पर शर्त वही रहनी चाहिए स्विस बैंको से पैसा वापिस लाने की…

  31. February 25, 2011 at 2:56 am

    >१-दिल को बहलाने का गालिब यह तरीका अच्छा है २-मुंगेरी लाल के हसीन सपने ..नरेन्द्र मोदी जैसे क्म्युनल के साथ आपकी लिस्ट के कई सेक्युलर ही साथ ना देंगे 🙂

  32. pramod said,

    February 25, 2011 at 3:57 am

    >bahut sunder T.N.Sheshan home Minister hon to achcha hoga.speekar kisi retaired supreem court ke judge ko banaya jana chahiye.ek bat awshya hona chahiye ki jo sansad Loksbha ki puri karyavahi me bhag nahin late abrodh karte hain bahas me bhag nahin late unhen kisi prakar ka bhatta nahin milna chahiye.

  33. sheela said,

    February 25, 2011 at 3:57 am

    >kya aap upyukt nahin hai vitt mantri ke liye? sharte va niyam vahi hai.

  34. February 25, 2011 at 4:00 am

    >.आदरणीय सुरेश जी, मंत्रिमंडल आप जो सुझायेंगे, वह बेहतर ही होगा, क्योंकि आपकी सोच राष्ट्रीय है. मेरा वोट तो फिलहाल मोदी को देखकर ही जाएगा. जब ये कल्पित सरकार वास्तव में बन जाये तो मुझे किसी प्राथमिक पाठशाला अथवा विश्वविद्यालय में शिक्षक अवश्य बनवा दीजिएगा. क्योंकि बिना सिफारिश के आजकल कुछ नहीं होता शायद तब भी न हो. .

  35. February 25, 2011 at 5:07 am

    >सुग्य पाठकों,आपने मेरे सुझाव को संभवतः बहुत हलके में – मनोविनोद के रूप में लिया है | परन्तु यदि आप भारत का इतिहास पढ़ें और गंभीरतापूर्वक सोचें तो आप पाएंगे कि भारत सदैव से एक समृद्ध देश रहा है और इसी कारण से विश्व की समस्त लुटेरी संस्कृतियों के आक्रमणकर्ताओं ने अनेकानेक बार भारत को जी भर कर लूटा है | जो अकूत दौलत पहले लूटी जा चुकी उसकी चिन्ता बाद में – लेकिन अभी की ताजा ताजा लूटी हुई दौलत को लुटेरों से हासिल करने की कवायद को खास अहमियत देनी ही पड़ेगी | प्रत्येक संस्कृति में हरामखोर होते हैं जो चापलूसी कर के उदरपूर्ति करते हैं |भारत में भी मतलबपरस्त और चापलूस भरे पड़े हैं जिन्होंने विदेशी लुटेरों से यह फरियाद कर के "एजेंसी" ले ली कि – "ऐ मालिक तेरे बन्दे हम – तेरी गुलामी है अपना धरम -नेकी से टलें और बदी पे चलें – मुल्क लूटने में करें न शरम-ओ-रहम |जब बाबा रामदेव से हो सामना – तब तुहीं हमें थामनाचाहे जितनी भी वो खोले पोल – पर हमारे मुंह से न निकले सच्चे बोल |लूट की दौलत तेरी बैंक में पड़ी – उसे बचाने में गिरोह की ताकत है अड़ीजब पूछे वो सीधे सवाल – हम लगा देंगे उस पे ही तोहमतों की झड़ी |तू है दयालू बड़ा – ये मुल्क जाये भाड़ में हमें क्या पड़ातेरे इशारे पे मुल्क की इज्जत बिकी – तेरी रहमत से कुर्सी टिकी |ऐ मालिक तेरे बन्दे हम …….."कहने का मतलब यह है कि १९४७ के पहले के लुटेरे भारत को लूट के अपने अपने मुल्क को लौट गए लेकिन उन्होंने अपने "एजेंट" यहाँ बैठा दिए जो भारत को लूटने का काम बदस्तूर कायम कर रक्खें हैं |पैसे से सब काम चलता है अतः वित्त मंत्री का काम सबसे महत्वपूर्ण है | वित्त मंत्री तो वोही होना चाहिए जो लूट की दौलत को वापस मुल्क में ला कर मुल्क की बेहतरी में इस्तेमाल करे | भारत के इतिहास में एकमात्र स्वर्ण युग सम्राट चन्द्र गुप्त मौर्य का माना जाता है और उसका श्रेय जाता है उसके गुरु चाणक्य को और चाणक्य के बारे में आप सब सविस्तार जानते ही हैं | अतः भारत का नया प्रधान मंत्री चाणक्य जैसा होना चाहिए |आप सब के विचारार्थ एक विचार – जब खुद की मनमर्जी की रबड़ स्टाम्प ५ रुपये से ले कर १० रुपये में बाजार में मिल जाती है तो महज एक रबड़ स्टाम्प के लिए साल भर में जनता की मेहनत की कमाई के २५ करोड़ रुपये क्यों बर्बाद करने ?

  36. February 25, 2011 at 5:50 am

    >एस गुरुमूर्ति वित्त मंत्रालय गोविन्दाचार्य मानव संसाधन मंत्रीवन्दना शिवा को पर्यावरण मैग्सैसे पुरुस्कार विजेता राजिन्दर सिहं, जल संसाधन मंत्री परांजोय गुहा ठाकुरदा, सूचना और प्रसारण मंत्री

  37. February 25, 2011 at 6:24 am

    >KPS Gill par mahila se durvyawhar ka maamla chal chuka hai

  38. anshumala said,

    February 25, 2011 at 7:17 am

    >अब्दुल कलाम की योग्यता क्यों सिर्फ नाम का पद दे कर बर्बाद कर रहे है उन्हें तो देश का अस्त्र शस्त्र विभाग मिलना चाहिए ताकि हम अपने ही देश में आधुनिक हथियार बना सके ना की दुसरे देशो पर निर्भर रह उनकी गुलामी करे | आयुद्ध विभाग हर साल का करोडो का बजट चाट कर जाता है और देता कुछ नहीं शायद कलाम साहब के होने से ये कार्य गति करे | शहरी विकास मंत्रालय खैरनार को दे कुछ बिल्डरों और जमीं माफियाओ और अवैध निर्माण पर रोक लगे | एक चुनाव और जनता प्रतिनिधि सुधार मंत्रालय बनाये जिसके मंत्री टी एन शेसन हो जो पंचायत चुनावों से लेकर राष्ट्रपति चुनावों में सुधार करे और लोगो की योग्यता में थोड बदलाव करे अप्रध्यो को चुनावों में खड़ा होने से रोके |आप ने या तो प्रधानमत्री बनने की योग्यता को बहुत कम आका है या किसी की योग्यता को जरुरत से ज्यादा ही आंक दिया है वो किसी राज्य के लिए तो ठीक हो सकते है पर देश और साथ में विदेश को भी संभालना उनके बस की बात नहीं है |

  39. February 25, 2011 at 8:24 am

    >आलेखक सुरेश जी और अधिकांश टिप्पणीकारों खासकर आनंद जी से पूर्ण सहमत.

  40. Sachi said,

    February 25, 2011 at 8:53 am

    >यह हमारा और इस देश का दुर्भाग्य है कि हम इस देश में 70 ईमानदार और योग्य व्यक्ति नहीं ढूंढ सकते जो मंत्री बनने की योग्यता रखते हैं। आपकी सूची से मैं काफी हद तक सहमत हूँ। नवीन जिंदल – नागरिक उड्डयन मंत्री (क्योंकि वे काफी सफर करते हैं और उद्योगपति भी है। झंडे को जन जन तक पहुंचाने के लिए बहुत कुछ किया भी है।) टी एन शेषन का सुझाव बेहतर है। रेल मंत्री के लिए मुझे तो कोई नाम सूझ ही नहीं रहा।

  41. vivek said,

    February 25, 2011 at 9:18 am

    >Jal sansadhan mantri – Anupam Mishra ya baba seenchewal

  42. February 25, 2011 at 10:21 am

    >Bahut Badhiya…..Suresh GMujhe lagta hain ki iske sath 1 task force bhi honi chiye….jo agami yojnao ko root map bana kar rakhe.Task forse (CHANAKYA TASK FORCE ) ke sadasya ..(Baba Ram Dev( patanjali ) , Mohan g Bhagwat (RSS), Bhaya g joshi (RSS), Tarun Vijay g maharaj(Jain), A.P.J. Abdul kalam, Indresh kumar (RSS-Alpsankhayak prakosth)….. jaisi purn Brahm chariyon ki teem ) jo Chanakya ki traha dooooor darshita k sath BHARAT to Pram Vaibhav pe le jaane ka karya kare. Mian is Task Force main Late (swargiya Rajeev g Dikshit ) ki kami garoor mehsus kar raha hun…par unki speech hamare liye bahoot kaam aa sakti hain.Vande Matram…….

  43. February 25, 2011 at 11:48 am

    >मेरी तरफ से भी कुछ नाम है ..१ सुरेश चिपलूनकर२ संजय बेंगाणी3 रतन टाटा

  44. Man said,

    February 25, 2011 at 11:50 am

    >वन्देमातरम सर .,अगर नरेद्र भाई पी. ऍम बन जाये तो फिर किसी भी मंत्री mandal की चिंता और prvah nhee

  45. Rahul said,

    February 25, 2011 at 12:43 pm

    >"लक्ष्य अटल वोट कमल"आदरणीय भाइ जी नरेन्द्र मोदी जी को जरुर प्रधानमंत्री होना चाहिए क्योंकि जिसने भूकंप मे उजड़े गुजरात को चमन बना दिया वो भारत को फ़िर से "विश्व गुरु" जरुर बना देगा

  46. February 25, 2011 at 1:03 pm

    >मित्रों, अभी तक काफ़ी अच्छे सुझाव आ चुके हैं, ऊपर की लिस्ट के अलावा जिन नामों पर भारी बहुमत से आम सहमति बन सकती है, वे हैं – अनुपम मिश्र,वन्दना शिवा,टीएन शेषन,पुलैला गोपीचन्द, खैरनार, गोविन्दाचार्य, बिमल जालान======@ गोदियाल जी – आज की तारीख में लम्बे राजनैतिक करियर के बावजूद, कम से कम एण्टोनी पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं है और वे अनुभवी भी हैं… वैसे आप अपनी तरफ़ से नाम सुझा सकते हैं…। जेएस अरोडा भी विकल्प हैं… ====== नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद दिया जाये या गृहमंत्री, इस पर बहस हो सकती है… =====मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि अनुभवहीनता की वजह से नरेन्द्र मोदी विदेश मामलों में फ़ेल सिद्ध होंगे… ======

  47. Man said,

    February 25, 2011 at 1:18 pm

    >मुन्नी को तो भूल ही गए ,उसे भी कुछ जिमेदारी देनी चाहिए "''double agent"'?

  48. February 25, 2011 at 1:35 pm

    >राष्ट्रपति का पद और राज्य सभा खत्म किये जाने चाहिए- नयी सरकार किसी की और कैसी बने…

  49. February 25, 2011 at 6:26 pm

    >राष्ट्रपति – APJ अब्दुल कलामप्रधानमंत्री – नरेन्द्र मोदी (भाजपा)उप-प्रधान मंत्री – नितिन गडकरीलोकसभा अध्यक्ष – डॉ मनोहर जोशी (शिवसेना)गृह मंत्री – डॉ किरण बेदी (निर्दलीय)रक्षा मंत्री – रवि शकंरविदेश मंत्री- शहनवाज हुसैनवित्त मंत्रालय – गोविंदाचार्यकानून-न्याय एवं संविधान मामलों के मंत्री – डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी (जनता पार्टी)सामाजिक न्याय एवं ग्रामीण विकास – ओम प्रकाश चौटालासूचना-प्रसारण मंत्रालय – सुष्मा स्वराज(भाजपा)खेल एवं युवा मामले – कपिल देवपर्यावरण मंत्रालय – मेनका गांधीवाणिज्य मंत्रालय – डॉ जयराम रमेश (कांग्रेस)भूतल परिवहन (सड़क) मंत्रालय – यशवंत सिंह सिन्हाकृषि मंत्रालय – भूपेन्द्र सिंह हुड्डाअल्पंसख्यक कल्याण मंत्रालय – सरदार जोगेन्द्र सिंह, पूर्व सीबीआई निदेशक , मुजफर हुसैन।कार्मिक, पेंशन एवं लोकलेखा मंत्रालय – शांताराम

  50. February 25, 2011 at 9:44 pm

    >मतदान अनिवार्य, निगेटिव और एक दिन में होना चाहिये. वोटिंग मशीनों में तुरन्त डिस्प्ले..मुख्य कार्यकारी का चुनाव सीधे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर मैनडेट..

  51. February 25, 2011 at 10:40 pm

    >सुरेश जी रक्षा मंत्रालय के लिए मेरे विचार से भुवन चन्द्र खण्डूरी एंटोनी जी से बेहतर होगें, पर एंटोनी जी पर कोइ भी दाग नही है तो उनका भी उपयोग होना ही चाहिए।लोकसभा अध्यक्ष – मनोहर जोशीउर्जा मंत्री – पी ए संगमाखेल मंत्री – पुलेला गोपीचंदमानव संसाधन मंत्री – मुरली मनोहर जोशीवित्त मंत्रालय – गोविंदाचार्यकश्मीर एवं पूर्वोत्तर मामले – जगमोहन अथवा जे के सिन्हानरेन्द्र मोदी ने अपने नेतृत्व मे विदेशों से अनेक प्रोजेक्ट गुजरात मे आकर्षित किए हैं, जो लोग उन्हे एक राज्य तक सीमित रखना चाहते हैं किसी बेहतर व्यक्ति का नाम सुझाने मे क्यों हिचकते हैं? और जिस व्यक्ति को एक राज्य की ही जिम्मेदारी दी गई है अब तक वो उसमे ही अपनी योग्यता दिखाएगा, जिन लोगो को देश की जिम्मेदारी दी गई है वे तो विदेशों पर अधिक मेहरबान है अपने देश के मुकाबले, ऐसे विदेश संभालने वाले नही चाहिए, देश की ज़रूरतों को सर्वोच्च रखते हुए विदेशी मामलों को संभालने वाले चाहिए, ऐसे मे नरेन्द्र मोदी से बेहतर कोई नहीं।अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय खत्म होना चाहिए – आरिफ मोहम्मद खान पूरे समाज के लिए हितकारी सिद्ध होंगे उनका उपयोग मात्र एक समुदाय हेतु न हो।

  52. February 26, 2011 at 5:55 am

    >http://meradeshmeradharm.blogspot.com/2011/02/blog-post_25.htmlइस रविवार भारत और इंग्लॅण्ड का मैच मत देखिएगा – क्योंकि स्वामी रामदेव ही अकेले देशभक्त नहीं हैकांग्रेस सांसद ने बाबा रामदेव को ब्लडी इंडियन कहा, उसके बाद कांग्रेस नेता दिगि्वजय सिंह ने कहा की स्वामी रामदेव ही अकेले देशभक्त नहीं है !वैसे तो ब्लडी इंडियन की ये कहानी नई नहीं है, इससे पहले भी दक्षिण अफ्रीका में अंग्रेजों ने गाँधी जी को इसी नाम से संबोधित किया था, फिर क्या हुआ बताने की जरूरत नहीं है – बोरिया बिस्तर समेटना पड़ गया उनको !ये सब कुछ ठीक उस वक्त हुआ जब बाबा रामदेव रामलीला मैदान में 27 फ़रवरी (रविवार) 2011 को भ्रष्टाचार के खिलाफ महा रैली (महा जनसभा)

  53. Mukul Harne said,

    February 27, 2011 at 7:03 am

    >राष्ट्रपति – APJ अब्दुल कलाम प्रधानमंत्री – नरेन्द्र मोदी (भाजपा)लोकसभा अध्यक्ष – डॉ मनोहर जोशी (शिवसेना)गृह मंत्री – Baba Ramdevरक्षा मंत्री – Raj ThakreyRailway Minister – E.Sreedharan कानून-न्याय एवं संविधान मामलों के मंत्री – डॉ सुब्रह्मण्यम स्वामी (जनता पार्टी)

  54. February 27, 2011 at 1:00 pm

    >आश्‍चर्य है कि किसी ने आंध्र प्रदेश की लोकसत्ता पार्टी के डॉ जयप्रकाश नारायण का नाम नहीं लिया|वे भी ईमानदार और साफ सुथरी छवि के नेता हैं।

  55. February 27, 2011 at 2:20 pm

    >अंकित, जमाल की तो धज्जियां उडा रखी है मैने, उसके कुतर्कों का बराबर जवाब दिया है। कभी मेरे दर पर पधारें http://ahsaskiparten-sameexa.blogspot.com/मैने रचना जी को भी निमंत्रित किया थ एक पोस्ट जो जमाल ने उनके उपर बनाई थी उसकी समीक्षा क पढने के लिए, पर या तो वो ज्यादा व्यस्त हैं या उन्हे मेरा प्रयास रुचिकर नही लगा।

  56. ANAND said,

    February 27, 2011 at 2:38 pm

    >Monteksingh Ahluwalia is very learned and qualified beurocrate like manmohansingh.He ma prove himself as an efficient Finance Minister

  57. February 27, 2011 at 3:52 pm

    >आप लेख पढ़कर अच्छा लगा ! देश की हालत देख कर बड़ा दुःख होता है ! इस बात पर तो मुझे ताज्जुब होता जिन लोगो को हम अपने बच्चों का guardian नहीं बनाना चाहते है उन्ही लोगो को हम देश का guardian बन देते है ! आप का सुझाओं अच्छा है . इसमें एक चीज़ और जोड़ देनी चाहिए जिस तरीके से ६० बरसों के बाद कर्मचारी को अपने काम से छुट्टी मिल जाती है ठीक उसी तरह इन कमीने नेताओं को ६० साल के बाद छुट्टी दे देनी चाहिए !

  58. Amit said,

    February 27, 2011 at 4:38 pm

    >Dear Sir,If this happens, it would be like a dream come true. I know these "if, and but" would always be there if we don't start anything to make this happen. Saadar Pranaam !!

  59. February 27, 2011 at 9:59 pm

    >रेल मंत्रालय:इंजीनियर श्रीधरन (जिन्होंने मेट्रो का सपना साकार किया और आज भारतीय मेट्रो विश्वस्तरीय रेल सेवाओं में से एक है तो इसके पीछे सिर्फ श्रीधरन जी हैं)

  60. nitin tyagi said,

    February 28, 2011 at 6:38 am

    >ये वो ही अब्दुल कलाम हैं, जो अफजल गुरु की फाइल दाब कर, राष्ट्रपति के पद का मज़ा लेते रहे |अगर इस देश का कोई मुसलमान अच्छा है ,तो वो इस देश पर कोई अहसान नहीं करता ,बल्कि हर मुस्लिम को अच्छा होना ही चाहिए |ये तो कोई बात नहीं हुए की अगर कोई मुसलमान इस देश की सेवा करे तो वो सेवा नहीं इस देश पर अहसान हो व् लाखों हिन्दू करे तो उसे सेवा का नाम दिया जाये |

  61. February 28, 2011 at 1:02 pm

    >नितिन भाई, शायद कुछ ग़लतफ़हमी रह गयी है. वास्तव में अफजल की फाइल अभी तक राष्ट्रपति भवन तक पहुंची ही नहीं है. शिवराज पाटिल, शीला दीक्षित और अब अपने चिदंबरम दद्दू उसे दाबे बैठे हैं. जब तक कांग्रेसियों का पिछवाडा उससे गरम नहीं हो जायेगा तब तक वह राष्ट्रपति भवन की सीढियां नहीं चढ़ पायेगी.

  62. February 28, 2011 at 6:14 pm

    >nitin जी सिर्फ मुस्लिम देख कर विरोध न करें, वरन सही जानकारी प्राप्त कर विरोध करें

  63. Rahul said,

    March 3, 2011 at 8:50 am

    >भाइ साब सादर वन्दे,अगर सुधार ही करना चाह्ते हो तो हमारे विचार पर भी गोर फ़रमाइए सायद आपको पसन्द आये आप वोट [मतदान] का सिसटम हि बन्द करा दे ओर काबलीयत [योग्यता] के आधार पर हि नेता का चयन करे इसके लिए आपको एक फ़ार्मुला बता रहा हुकि जिस तरिके से एक आदमी को मास्टर बनने के लिये जितनी पढाई ओर परिक्षा देनी पढती है वो एक नेता पर भी लागु होना चाहीए जिससे हमे एक पढा लिखा योग्य नेता मिलेगा आप अपना विचार जरुर लिखे

  64. March 9, 2011 at 1:31 pm

    >एक साहब है और हैं….. जी आर खैरनार.

  65. सोनू said,

    April 1, 2011 at 7:05 am

    >चेतन भगत के इस आलेख को पढ़ कर बताइए क्या वो सच में देश युवाओं के प्रतिनिधी हो सकते हैं? मेरी राय में तो वे टुच्चे लेखक और विचारक हैं।

  66. सोनू said,

    April 1, 2011 at 10:31 am

    >नवभारत टाइम्स और चेतन भगत का चरित्र एक जैसा ही है। (प्रतिनिधी नहीं प्रतिनिधि)

  67. sandy said,

    June 30, 2011 at 8:13 am


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