साध्वी प्रज्ञा!! तुम इसी बर्ताव के लायक हो… Sadhvi Pragya, Malegaon Bomb Blast, Sunil Joshi Murder Case

>मालेगाँव बम ब्लास्ट की प्रमुख आरोपी के रूप में महाराष्ट्र सरकार द्वारा “मकोका” कानून के तहत जेल में निरुद्ध, साध्वी प्रज्ञा को देवास (मप्र) की एक कोर्ट में पेशी के लिये कल मुम्बई पुलिस लेकर आई। साध्वी के चेहरे पर असह्य पीड़ा झलक रही थी, उन्हें रीढ़ की हड्डी में तकलीफ़ की वजह से बिस्तर पर लिटाकर ही ट्रेन से उतारना पड़ा। कल ही उन्हें देवास की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, परन्तु खड़े होने अथवा बैठने में असमर्थ होने की वजह से जज को एम्बुलेंस के दरवाजे पर आकर साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pargya) से बयान लेना पड़ा। यहीं पर डॉक्टरों की एक टीम द्वारा उनकी जाँच की गई और रीढ़ की हड्डी में असहनीय दर्द की वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की सलाह जारी की गई। मुम्बई में मकोका कोर्ट ने प्रज्ञा के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें ट्रेन में AC से ले जाने की अनुमति दी थी, बावजूद इसके महाराष्ट्र पुलिस उन्हें स्लीपर में लेकर आई। (Harsh Treatment to Sadhvi Pragya)

इससे पहले भी कई बार विभिन्न अखबारी रिपोर्टों में साध्वी प्रज्ञा को पुलिस अभिरक्षा में प्रताड़ना, मारपीट एवं धर्म भ्रष्ट करने हेतु जबरन अण्डा खिलाने जैसे अमानवीय कृत्यों की खबरें आती रही हैं।

साध्वी प्रज्ञा से सिर्फ़ इतना ही कहना चाहूँगा कि एक “धर्मनिरपेक्ष”(?) देश में आप इसी सलूक के लायक हैं, क्योंकि हमारा देश एक “सेकुलर राष्ट्र” कहलाता है। साध्वी जी, आप पर मालेगाँव बम विस्फ़ोट (Malegaon Blast) का आरोप है…। ब्रेन मैपिंग, नार्को टेस्ट सहित कई तरीके आजमाने के बावजूद, बम विस्फ़ोट में उनकी मोटरसाइकिल का उपयोग होने के अलावा अभी तक पुलिस को कोई बड़ा सबूत हाथ नहीं लगा है, इसके बावजूद तुम पर “मकोका” लगाकर जेल में ठूंस रखा है और एक महिला होने पर भी आप जिस तरह खून के आँसू रो रही हैं… यह तो होना ही था। ऐसा क्यों? तो लीजिये पढ़ लीजिये –

1) साध्वी प्रज्ञा… तुम संसद पर हमला करने वाली अफ़ज़ल गुरु (Afzal Guru) नहीं हो कि तुम्हें VIP की तरह “ट्रीटमेण्ट” दिया जाए, तुम्हें सुबह के अखबार पढ़ने को दिये जाएं, नियमित डॉक्टरी जाँच करवाई जाए…

2) साध्वी प्रज्ञा… तुम “भारत की इज्जत लूटने वाले” अजमल कसाब की तरह भी नहीं हो कि तुम्हें इत्र-फ़ुलैल दिया जाए, स्पेशल सेल में रखा जाए, अण्डा-चिकन जैसे पकवान खिलाए जाएं… तुम पर करोड़ों रुपये खर्च किये जाएं…

3) साध्वी प्रज्ञा… तुम बिनायक सेन (Binayak Sen) भी तो नहीं हो, कि तुम्हारे लिये वामपंथी, सेकुलर और “दानवाधिकारवादी” सभी एक सुर में “रुदालियाँ” गाएं…। न ही अभी तुम्हारी इतनी औकात है कि तुम्हारी खातिर, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर “चर्च की साँठगाँठ से कोई मैगसेसे या नोबल पुरस्कार” की जुगाड़ लगाई जा सके…

4) साध्वी प्रज्ञा… तुम्हें तो शायद हमारे “सेकुलर” देश में महिला भी नहीं माना जाता, क्योंकि यदि ऐसा होता तो जो “महिला आयोग”(?) राखी सावन्त/मीका चुम्बन जैसे निहायत घटिया और निजी मामले में दखल दे सकता है… वह तुम्हारी हालत देखकर पसीजता…

5) साध्वी प्रज्ञा… तुम तो “सो कॉल्ड” हिन्दू वीरांगना भी नहीं हो, क्योंकि भले ही तुम्हारा बचाव करते न सही, लेकिन कम से कम मानवीय, उचित एवं सदव्यवहार की माँग करते भी, किसी “ड्राइंगरूमी” भाजपाई या हिन्दू नेता को न ही सुना, न ही देखा…

6) और हाँ, साध्वी प्रज्ञा… तुम तो कनिमोझी (Kanimojhi) जैसी “समझदार” भी नहीं हो, वरना देश के करोड़ों रुपये लूटकर भी तुम कैमरों पर बेशर्मों की तरह मुस्करा सकती थीं, सेकुलर महिला शक्ति तुम पर नाज़ करती… करोड़ों रुपयों में तुम्हारा बुढ़ापा भी आसानी से कट जाता… लेकिन अफ़सोस तुम्हें यह भी करना नहीं आया…

7) साध्वी प्रज्ञा… तुम्हारे साथ दिक्कत ये भी है कि तुम अरुंधती रॉय (Arundhati Roy’s Anti-National Remarks) जैसी महिला भी नहीं हो, जो सरेआम भारत देश, भारतवासियों, भारत की सेना सहित सभी को गरियाने के बावजूद “फ़ाइव स्टार होटलों” में प्रेस कांफ़्रेंस लेती रहे…

8) साध्वी प्रज्ञा… तुम तो पूनम पाण्डे जैसी छिछोरी भी नहीं हो, कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र के “परिपक्व मीडिया”(?) की निगाह तुम पर पड़े, और वह तुम्हें कवरेज दे…

कहने का मतलब ये है साध्वी प्रज्ञा… कि तुम में बहुत सारे दोष हैं, जैसे कि तुम “हिन्दू” हो, तुम “भगवा” पहनती हो, तुम कांग्रेसियों-वामपंथियों-सेकुलरों के मुँह पर उन्हें सरेआम लताड़ती हो, तुम फ़र्जी मानवाधिकारवादी भी नहीं हो, तुम विदेशी चन्दे से चलने वाले NGO की मालकिन भी नहीं हो… बताओ ऐसा कैसे चलेगा?

सोचो साध्वी प्रज्ञा, जरा सोचो… यदि तुम कांग्रेस का साथ देतीं तो तुम्हें भी ईनाम में अंबिका सोनी या जयन्ती नटराजन की तरह मंत्रीपद मिल जाता…, यदि तुम वामपंथियों की तरफ़ “सॉफ़्ट कॉर्नर” रखतीं, तो तुम भी सूफ़िया मदनी (अब्दुल नासेर मदनी की बीबी) की तरह आराम से घूम-फ़िर सकती थीं, NIA द्वारा बंगलोर बस बम विस्फ़ोट की जाँच किये जाने के बावजूद पुलिस को धमका सकती थीं… यानी तुम्हें एक “विशेषाधिकार” मिल जाता। बस तुम्हें इतना ही करना था कि जैसे भी हो “सेकुलरिज़्म की चैम्पियन” बन जातीं, बस… फ़िर तुम्हारे आगे महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, सब कदमों में होते। महिलाओं के दुखों और पीड़ा को महसूस करने वाली तीस्ता जावेद सीतलवाड, शबाना आज़मी, मल्लिका साराभाई सभी तुमसे मिलने आतीं… तुम्हें जेल में खीर-मलाई आदि सब कुछ मिलता…।

लेकिन अब कुछ नहीं किया जा सकता… जन्म ने तुम्हें “हिन्दू” बना दिया और महान सेकुलरिज़्म ने उसी शब्द के आगे “आतंकवादी” और जोड़ दिया…। साध्वी प्रज्ञा, इस “सेकुलर, लोकतांत्रिक, मानवीय और सभ्य” देश में तुम इसी बर्ताव के लायक हो…

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66 Comments

  1. April 26, 2011 at 1:26 pm

    >दोहरे मापदंड वाली नपुसंक व्यवस्था!! नाजायज सेकूलरों की रखैल है यह व्यवस्था।

  2. April 26, 2011 at 1:48 pm

    >थोड़ी देर के लिए मान लीजिये कि जो भी आरोप साध्वी प्रज्ञां पर लगे है, वे सब के सब सही है ! और मैं एक इंसान होने के नाते साध्वी की इस बात के लिए कड़ी भर्त्सना भी करता हूँ कि आतंकी मुसलमानों का बदला लेने के लिए उसने भी असुरों जैसा बर्ताव करते हुए किंचित निर्दोष लोगो को शिकार बनाया !मगर, अब जो लाख टके का सवाल है वह यह कि कुछ तो कारण रहे होंगे कि एक साध्वी को भी इस तरह की बात सोचने को मजबूर होना पडा ! क्योंकि असुरों ने यह जाल ( मंदिरों, बाजारों और उत्सवों में आतंकी हमले कर ) यही सोचकर तो बिछाया था कि सादवी जैसे लोग भी अपना मानसिक संतुलन खो बैठे ! और अफ़सोस कि जिसमे वे सफल भी रहे ! मगर एक महिला साधू को वह करना पडा जिसकी अपेक्षा आम समाज में एक पुरुष योद्धा से की जाती है ! और उसने तभी ऐसा कदम शायद इसलिए उठाया होगा कि वह जानती थी कि हिंजडों को शर्म नहीं आती, प्रेरणा लेना तो दूर की कौड़ी है !

  3. aarya said,

    April 26, 2011 at 1:58 pm

    >भाई जी आपके आज के इस पोस्ट ने खुद को गाली देने पर मजबूर कर दिया ..की इसी भारत में हम जीवित चैन की साँस लेकर लम्बे लम्बे भाषण तान रहे हैं ..और वहीँ समाज के भेडियें हर रोज हमारी संस्कृति और धर्म का चीरहरण कर रहे हैं ….

  4. Man said,

    April 26, 2011 at 2:30 pm

    >वन्देमातरम सर ,बहुत विचारोतेज्म्क लेख के लिए साधुवाद ,जिस प्रकार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर सेकुल्लर शवानो के राज में बोम्ब ब्लास्ट के आरोपों को लेकर मानसिक और शाररिक पुलिसिया अत्याचार हुवा हे वो दिल दहलाने के लिए काफी हे | झूठा गुनाह कबूल करने के लिए अत्याचारों की सीमाए पार कर दी गयी हे जो की जारी चित्र में स्पस्ट रूप में देखा जा सकता हे ,इसीप्रकार सवामी असीमानंद को भी प्रताड़ित करके सरकारी गवाह बनाया गया |लाखो प्रणाम हे इस भारतीय साध्वी को की हर जुल्म सह के भी नहीं टूटी ,जबकि सवामी स्वामी असीमानंद को अत्याचारों से तोड़ दिया गया था |छद्दम सेकुलरो का ये राज तो अंग्रेजो की अत्याचारों की कहानी को भी पीछे छोड़ गया |वोट बैंक की राजनीती के चलते जिस प्रकार एक स्त्री के साथ अमानवीय व्यहवार किया जा रहा हे इस पर इन मानवाधिकार स्त्री संघटनों का दोगलापन भी तथाकथित सेकुलरो को नजर नहीं आ रहा हे |……………………………………..सेकुलरो का असली रूप यंहा देखे ''''……………http://jaishariram-man.blogspot.com/2011/04/blog-post_23.html………..

  5. April 26, 2011 at 2:31 pm

    >"अण्डा-चिकन जैसे पकवान खिलाए जाएं… "suresh jii, kyaa aapkaa bhojan andaa-chikan ko pakwaan kii shrenii me rakhtaa hai?baakii vichaar sach me krodh ko bhadkaane waale hain…. desh kii dohare maapdand apnaane waalii nyaay-vyavasthaa ……… dhikkaar ke kaabil hai.

  6. Man said,

    April 26, 2011 at 2:32 pm

    >आज भारत में सेकुल्लर गंडको की बाढ़ सी आ गयी हे अपने को ज्यादा सेकुलर दिखाने के चक्कर में ये बाप को बाप कहना भूल जाते हे उल्टा उसे पहचानने से इनकार कर देते हे ,सेकुलर लोग अगले पक्ष को ही अपना बाप मान के चलते हे |सेकुलर होना कायर होने की निशानी हे क्योकि इनमे अक्सर साहस की कमी होती हे ,सेकुलर लोग अवसरवादी होते हे मोका पड़ने पर ये ये अपनी बहिन बेटियों को कोठे पर बिठाने से नहीं चूकते हे अपने फायदे के लिए यंहा तक की अपनी माँ को भी बेच सकते हे |सेकुलर लोगो का एक मात्र उदेश्य अपना फायदा होता हे क्योकि इनमे जमीर नाम की कोई चीज ही नहीं होती हे |सेकुलर श्वानो में नेतिकता नाम कोई भावना नहीं होती हे ये लोग इश्वर को कभी साक्षी नहीं मानते हे |केवल हिन्दू सेकुलर लोग अधार्मिक होते क्योकि धर्म इनके लिए एक गाली के समान हे इनके सामने हिन्दू धर्म की बड़ाई कर दे तो ये लंगड़ी घोड़ी की तरह बिदक उठते हे बाकी धर्म इन्हें मानवतावादी लगते |नकली सेकुलरता का कीटाणु हिंदुस्तान में ज्यादा पाया जाता हे क्योकि हजारो सालो से वर्ण संकरता की प्रयोग भूमी रही हे |हिन्दू सेकुलर लोग अन्य धर्मो के लिए तो घोडी बने रहते हे लेकिन हिन्दू धर्म का नाम लेते ही इनकी भाभी विधवा हो जाती हे |सेकुलर लोग अरास्ट्र वादी और देशद्रोही होते हे क्योकि रास्ट्रीय भावना रखना एक धर्म होता हे और धर्म इनके लिए कूनेन की गोली हे |सेकुलरता और सत्ता का गठजोड़े होते ही इन में एक विशेष प्रकार का कमीनापन आ जाता हे जो आप वर्तमान में देख ही रहे हे |सेकुलरता केवल हिंदुवो के लिए ही हे क्योकि हिन्दू गाय हे सेकुलरता का सांड हिंदुवो पर चढ़ाना आसान होता हे

  7. April 26, 2011 at 2:35 pm

    >जी हाँ. साध्वी ही नहीं जो भी व्यक्ति चाहे वह कोई महिला हो या पुरूष, यदि तनिक सा भी हिन्दू हित की बात करेगा, उसके साथ ऐसा ही व्यवहार होगा, और उसे ऐसी ही दानवीय प्रताड़ना दी जाएगी। जिसे जो करना हो कर ले, जिसे जितना चिल्लाना हो चिल्ला ले, यहाँ इस "इंडिया नामक देश जहां अल्पसंख्यकों का पहला हक बनता है" में ऐसा ही होगा कापुरूष हिन्दुओं के साथ।

  8. Agyani said,

    April 26, 2011 at 2:37 pm

    >क्या हम वाकई लोकतंत्र में जी रहे हैं?कल सारे चैनल ढेंचू ढेंचू कर रहे थे की कैसे क्रिकेट का भगवान् रोया ………………भारत रत्न तो असान्जे को दिया जाना चाहिए जी बाहर का बंद हो कर भी भारत के भले के लिए कुछ कर रहा है .

  9. ajeet said,

    April 26, 2011 at 2:39 pm

    >सुरेश भैया क्षमा करे आप इस लेख में एक बात लिखना भूल गए आज सुबह ही "राज-एक्सप्रेस " में मुख प्रष्ट पर पढने वाले के बाएं हाथ के साइड बॉक्स में एक खबर है "बीमार होने का ड्रामा कर रहीं है प्रज्ञा" भगवान् ना करे की बीमारी से वे प्राण त्याग दे और मीडिया कहे मरने का नाटक कर रहीं है प्रज्ञा.

  10. April 26, 2011 at 2:49 pm

    >प्रतुल भाई,अण्डा चिकन भले मेरे लिए पकवान नहीं हो, लेकिन अजमल कसाब के लिये तो है ही… वह सन्दर्भ उसी के लिये है…

  11. April 26, 2011 at 3:42 pm

    >दोहरे मापदंड वाली नपुसंक व्यवस्था!! प्रगतिशीलता और सेक्युलरिज्म की छद्म चादर ओढ़ कर कब तक सोते रहोगे हिन्दुओ

  12. April 26, 2011 at 3:43 pm

    >किसी कवि ने ठीक ही कहा है -"भगत सिंह फिर कभी काया ना लेना भारतवासी कि देशभक्ति की सजा आज भी तुमको मिलेगी फांसी की |"आम जनता की देशभक्ति जब तक कांग्रेस और वामपंथ से मेल खाती है तब तक तो आप देश भक्त कहलाते हो | जैसे ही आपकी देशभक्ति कांग्रेस विरुद्ध गई की आप साध्वी प्रज्ञा जैसे जेल में ठूंस दिए जाओगे |लेकिन ये सब कह-सुन कर क्या फायदा हमारी हिन्दू जनता तो अपने में ही मशगुल है ….

  13. Man said,

    April 26, 2011 at 3:50 pm

    >आज ये सत्भेले रक्त संक्रमित ही धर्म निरपेक्षता और गनगा जमुना संस्क्रती की दुहाई देते हे ,यंहा वंहा सेकुलरिज्म की चंग पीटते रहते हे ,एक बात तो पक्की हे जो भी सेकुलर्ता का बाजा बजता रह्ता हे तो पक्का समझिये की उसके खून के अंश में कंही ना कंही मलीछो के रक्त की मिलावट हे क्योकि अपनी रास्ट्र संस्क्रती को वो ही भूल सकता हे जो विदेशी रक्त की संतान हो क्यों की खून हमेशा बोलता हे |भारत रास्ट्र में एसे वर्ण संकरो की बहुत ज्यादा भरमार हे क्यों की वेदिशी आकरंतावो ने सबसे ज्यादा भारत को ही रोंदा हे ,वो तो मर गए लेकिन संक्रमित गंदगी के कीटाणु यंही छोड़ गए ……………………सेकुलरो का असली रूप यंहा देखे …………………………….http://jaishariram-man.blogspot.com/2011/04/blog-post_23.html

  14. April 26, 2011 at 4:14 pm

    >ये दोगले छद्म सेकुलर एक दिन बहुत रोयेंगे जब यही सेकुलरता इन्हें भारी पड़ेगी ,क्योंकि इन्हें नहीं पता ये साँपों को दूध पिला रहे है !!

  15. April 26, 2011 at 4:25 pm

    >भाजपाई अगर वोट मांगने आये तो निःसंदेह जूतों चप्पलों से पिट कर भगा देना चाहिए | शर्म आती है हमें कि हम उस देश में रहते है जहाँ आतंकवादियों का जेल में दामाद की तरह खातिर होती है और दूसरी तरफ एक महिला के साथ असहनीय व्यवहार किया जा रहा है | और दोनों में फर्क जमीं आसमान का है |अफजल जैसे आतंकादियो को सजा हो चुकी है और प्रज्ञा सिंह पर दोष अभी सिद्ध ही नहीं हुआ है | आखिर कहाँ चले गए हिन्दु शब्द के नाम पर वोट इकठ्ठा करने वाले | कम से कम प्रज्ञा सिंह पर होने वाले अत्याचार पर तो हंगामा कर ही सकते है |लेकिन भाजपा भी दोगली सेक्युलर निति कि राह पर चल रहा है|

  16. April 26, 2011 at 4:49 pm

    >@भाई सुजीत सिंह जी आपसे सहमत हूँ कि – " भाजपा भी दोगली सेक्युलर निति कि राह पर चल रहा है". लेकिन हिन्दू-हिन्दू कितना भी करो हिन्दू आपको वोट नहीं देगा. एक सच्ची घटना का उल्लेख करता हूँ . पश्चिम बंगाल के किसी कसबे में हिन्दू-मुस्लिम दंगा हुआ, एक हन्दू संगठन ने काफी मिहनत कर जैसे तैसे हिन्दुओं को बचाया… इस हिन्दू संगठन ने कमुनिस्ट विधयाक से गुहार लगया कि आप हमारी सहायता करो नहीं तो हिन्दू मारे जायेंगे. कमुनिस्ट विधयाक के एक शर्त रख दी कि मैं हिन्दुओं को बचाऊंगा पर अगले चुनाव में मुझे वोट दिलवाना, मरता क्या ना करे हिन्दू संगठन ने ने हामी भर दी. पर इस हिन्दू संगठन के कहने पर भी हिन्दू ने उस कमुनिस्ट विधयाक को वोट नहीं दिया.मतलब साफ़ है – हिन्दू अपनी जान रक्षा के लिए भले ही हिन्दू संगठन या पार्टी कि सरण में कुछ देर के लिए जाए पर चुनाव आते ही गिरगिट कि तरह रंग बदलते हिन्दुओं को देर नहीं लगती. हिन्दुओं पे रोज इतने अत्याचार हो रहे हैं पर हिन्दू चुनाव में हिन्दू-विरोधी को ही जीतता है, क्यूंकि? क्यूंकि वो मेरी जाती, गाँव या नजदीक या पैसा देता है …

  17. April 26, 2011 at 5:02 pm

    >देश भक्त के ऊपर देश द्रोह और देश के दुस्मानो को मुर्ग मुसल्लम आखिर हम सेकुलर है, सेकुलर का अर्थ हिन्दू विरोधी भारत विरोधी इस समय भारत व्विरोधियो का ही शासन है हिन्दुओ के सोने का ही परिणाम है ये.

  18. April 26, 2011 at 5:03 pm

    >देश भक्त के ऊपर देश द्रोह और देश के दुस्मानो को मुर्ग मुसल्लम आखिर हम सेकुलर है, सेकुलर का अर्थ हिन्दू विरोधी भारत विरोधी इस समय भारत व्विरोधियो का ही शासन है हिन्दुओ के सोने का ही परिणाम है ये.

  19. Anonymous said,

    April 26, 2011 at 5:29 pm

    >मै यह लेख पढ़ कर समझ नहीं पा रहा हु की मै अपने हिन्दू होने पर शर्मिन्दा होऊं या अपनी कायरता पर रोऊँ ? इस लेख को पढ़ कर मेरे मन में प्रशन उठ रहे है की क्या हिन्दू होना अपराध है ? क्या हिन्दुस्तान हिन्दुओं का है ? सारी दुनिया में मुस्लिमो के अपने देश हैं, इसाईओं के अपने देश है. परन्तु हिन्दुओं का कौन सा देश है ? क्या अब हम हिन्दुओं को अब अपने लिए कोई अलग देश बनाना होगा ?????????????

  20. April 26, 2011 at 5:38 pm

    >तभी तो मैं कहता हूं कि आज की तरह के पढ़े लिखे होते तो आजादी भी नहीं मिलती…. लानत है..

  21. ROHIT said,

    April 26, 2011 at 7:33 pm

    >यही नही साध्वी को प्रताड़ित करने के लिये जेल मे ब्लू फिल्मे भी दिखायी गयी.समय हमेशा एक सा नही रहता आने वाला समय इन सेकुलरो पर बहुत भारी पड़ेगा. और इनको अपने किये का भयंकर परिणाम भोगना होगा.

  22. Anonymous said,

    April 27, 2011 at 2:31 am

    >गांधी बाबा के इस देश के नेहरूवंशी लोकतांत्रिकों जिनमें भाजपा समेत सभी राजनैतिकदल शामिल हैं से हिन्दुओं को कोई आशा नहीं रखनीं चाहिये। लोकतंत्र लूटतंत्र में बदले हुए ३० साल हो चुके हैं और तथाकथित चारो स्तम्भ कुत्ते-बिल्लियों की तरह जनता को नोंचनें में लगे हुए हैं। ऎसी विषम परिस्थिति में जो दशा आज प्रज्ञा की है वह कल सभी राष्ट्र-भक्त हिदुओं की होंने वाली है। मीड़िया चाहे वह प्रिंट हो या इलेक्ट्रानिक न केवल कारपोरेट बिजनेस हाउस बन चुका है बल्कि हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे तंत्र का प्रचारक और संरक्षक बना हुआ है। बाबा राम देव के साथ आस्था चैनल पर आपनें अवश्य एक व्यक्ति को देखा होगा जो प्रखर और ओजस्वी शब्दों में स्वदेशी की वकालत करता था और मल्टीनेशनल कम्पनियों और भ्रष्ट नेंताओं उद्योगपतियों माफियाओं के खिलाफ न केवल आग उगलता था वरन पूरे देश में बाबा रामदेव के नेटवर्क का संस्थापक स्तम्भ था ३० नवम्बर २०१० की रात में चुपचाप निपट या षड़यंत्रपूर्ण ढ़ंग से निपटा दिया जाता है और सारी प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीड़िया इस दु:खद और राष्ट्रघाती समाचार पर एक शब्द नहीं छापती/दिखाती है। मीड़िया आज वेश्या के भडुए दलालों से भी गयी बीती है। यूट्यूब पर राजीव दीक्षित टाइप कीजिए और फिर उस मार दिये गये राष्ट्रभक्त हिन्दू का हश्र देखिये। सोये हुए को जगाया जाता है जागते हुए जो सो रहे हैं उनको कौन जगा सकता है? चिपलूळकर बेकार में यह सब लिखकर उर्जा नष्ट कर रहा है किसी की दलाली कर या जानमार आगे बढ़ पैसा कमा…इन कुत्ते नेंताओं और उनके दलालों की तरह। नहीं तो एक हज़ारे की तरह कोई लल्लू ढ़ूढ़ और हरामी भूषण को साध केजरीवाल बन जा…

  23. April 27, 2011 at 2:49 am

    >Suresh ji,is ghirnit vyavastha me khud ko purush kahne me bhi sarmindgi hoti hai.

  24. Arun Suren said,

    April 27, 2011 at 2:56 am

    >We are not living in land of Bharatvarsh where Sadhvi get respected, we are living in land of India where(so called "mother") teresa get highly respected and worshiped…, We "HINDUS" are not living better than "great" era of humayu and aurangzeb era…Jai Shri Ram..

  25. April 27, 2011 at 3:27 am

    >जनता सब देख रही है सब्र रखिये

  26. Abhishek said,

    April 27, 2011 at 3:30 am

    >क्या बोलू आपका ब्लॉग जादा से जादा लोगो के पास जाना चाहिए. लोगो को पता चलना चाहिए इस देश में सेक्युलरता के नाम पर क्या क्या हो रहा है.

  27. Vivek Gupta said,

    April 27, 2011 at 3:46 am

    >Mitro…Suresh Ji ke prayaas mei kuch yogdaan hum bhi karen, sirf doosron ko aur khud ko kosne se hi hamara kartavya poora nahi hoga. Vichaar karen aur ek andolan ki rooprekha taiyaar karen.

  28. Desh Premi said,

    April 27, 2011 at 5:09 am

    >mere dost ajit bhai ki bat aaj subah hi sonch raha thaabhi to kuch sabit hi nahi hua h or inhone (media) walon ne inhe fansi par latka diya hye sale afjal,kasab ki bat nahi karenge kyon ki sab bike hua hसुरेश भैया क्षमा करे आप इस लेख में एक बात लिखना भूल गए आज सुबह ही "राज-एक्सप्रेस " में मुख प्रष्ट पर पढने वाले के बाएं हाथ के साइड बॉक्स में एक खबर है "बीमार होने का ड्रामा कर रहीं है प्रज्ञा" भगवान् ना करे की बीमारी से वे प्राण त्याग दे और मीडिया कहे मरने का नाटक कर रहीं है प्रज्ञा.

  29. P K Surya said,

    April 27, 2011 at 5:23 am

    >paap ka ghada etna bada hai kee sala bhar he nahi raha hai en kamine congress ke patthe BJP dogle salle kaha mar gayen hain kuchh bolte kyon nahi sale /bjp wale tum to karo kuchh tumare pass power hai kai rajya me tumari sarkar hai kab tak chup rahoge zindagi bhar pm in waiting jate jate kuchh to karo ek mahila pe atyachar ho raha hai or tum log sale abhi bhi vote kee rajniti kar rahe ho, 2 4 % muslim voto k khatir humari maa bahno k saath atyachar ho raha hai, sale kamine gaon me ghum ghum k ishai bana rahen hain or sab so rahen hain BJP jago beta nahi to sahi nahi hoga ummid lagaya hain kuchh to karo nahi to BABA RAMDEV ap kuchh kijiye pura bharat desh ka sacha bhartiye ap k sath hai, kutte k bachho ko jail me pal rahe ho or apne maa bhano pe atyachar dekh k sharm nahi ati sale,,. jai bharat

  30. April 27, 2011 at 5:28 am

    >जो काम साध्वी ने किया है या कर रही है और क्या आशा रखी जा सकती है? भगत सिंह को फाँसी ही मिलेगी. प्रधानमंत्री पद नहीं. राणा प्रताप घास की रोटियाँ ही खाएगा. तो ऐसा ही होगा. दोषी हम हैं सदा से…. वरना मुगल राज कर सकते थे क्या? आज अंग्रेजों की बनाई सेफ्टी-वॉल्व समान कॉग्रेस का राज होता क्या?

  31. April 27, 2011 at 5:30 am

    >इस रात की सुबह जरूर आयेगी! जल्द आयेगी!

  32. Anonymous said,

    April 27, 2011 at 5:49 am

    >मेरे पास शब्द नहीं है सुरेशजी, आज आपने एक रुलादेने वाला लेख लिखा है.

  33. Hrishikesh said,

    April 27, 2011 at 5:58 am

    >sureshjee Namaskar suprabhatamanekobar ardh satya hi bahar aata hai aur vahi akhbar me chhapta hai Sadhvi ko Bhajapai apane tarikese madad kar rahe hai lekin ugra / jahal mansikata walone koibhi kary karnese pahle uske parinamoke bare me bhi sochana chahiye. apne sathi chunate vaqt bhavnome bahne wale sathi nahi chunane chahiye jinaki vaicharik baithak hi na ho. Sadhvi ko fasanewale koi gair nahi unhike saath kaam karnewalone hi unhe fasaya hai aur hindutva ko badnam kiya haijai hindvande mataram

  34. Vinay said,

    April 27, 2011 at 5:58 am

    >Sadhvi ji vastav mein Hindu Dharam ke rakshak ki bhumika nibha rahi hain. Un par ho rahe atyachaar se Bharat ke Hindu yuvak-yuvtiyan aur bhi aatamvishwasi aur swabhimaani banenge aisa mujhe vishvaas hai. Bharat ke nav-uthan aur Dharam ki puner sthapna mein lagne wale is 'NEEVN KE PATHAR' ko mera koti koti pranam.

  35. April 27, 2011 at 6:15 am

    >"………………….." …………..निशब्द ! निशब्द ! निशब्द !क्या बोले… क्या हो गया है सच का साथ देने वालो का.. क्या हो रहा है सच बोलने वालो के साथ.. क्यों ? कबतक ? !@#

  36. April 27, 2011 at 7:26 am

    >जो काम साध्वी ने किया है या कर रही है और क्या आशा रखी जा सकती है? भगत सिंह को फाँसी ही मिलेगी. प्रधानमंत्री पद नहीं. राणा प्रताप घास की रोटियाँ ही खाएगा. प्रणाम

  37. April 27, 2011 at 8:17 am

    >सुरेश जी,ये सब पढ़ सच कहू तो लिखने की हिम्मत ही नही हो रही. ये तो अपने आप में हिन्दू और हिन्दुओं को शर्म सार करने वाली घटना है. एक बात तो आपने बिलकुल सत्य कही है……. जैसे कि तुम “हिन्दू” हो, तुम “भगवा” पहनती हो, तुम कांग्रेसियों-वामपंथियों-सेकुलरों के मुँह पर उन्हें सरेआम लताड़ती हो, तुम फ़र्जी मानवाधिकारवादी भी नहीं हो, तुम विदेशी चन्दे से चलने वाले NGO की मालकिन भी नहीं हो… बताओ ऐसा कैसे चलेगा? “महिला आयोग” भी सोनिया गाँधी के कहने पर चलता है जैसे कांग्रेस सरकार. तो क्या हम साध्वी प्रज्ञा जी के लिए एस आयोग से कोई आशा रख सकते है नही कभी भी नही. ये साध्वी प्रज्ञा जी पे ही नही हिन्दुओं पे जुल्म हो रहा है और हम है की एक किनारे पे खड़े २ सब आराम से देख रहे है.शर्म आती है मुझे हिन्दुओं पे और उस बीजेपी सरकार पे जो सारा दिन हिन्दू हिन्दू का राग आलाप करती कहाँ गई वो आज ?

  38. ravinder said,

    April 27, 2011 at 8:28 am

    >I have just entered a complaint in National commission of women to look into this matter . I request you all to also enter complaint in this sitehttp://ncw.nic.in/OnlineComplaints/frmHome.aspx so that some one from them can look into this matter . At least this much we can do sitting at home

  39. सुलभ said,

    April 27, 2011 at 9:26 am

    >We are not living in Bharat.-@Ravinder. Thanks for this info.

  40. Rajesh said,

    April 27, 2011 at 9:39 am

    >Sureshji Nameste, Kya Lekh likha hai. Sadhvi Pragya Ki to Aukat Dikha di.

  41. April 27, 2011 at 2:27 pm

    >जो सनसनीखेज खुलासे साध्वी ने किये हैं उनकी जांच तुरन्त हो और निष्पक्षता से हो तभी पता लग सकेगा कि इन लोगों को क्यों और किसने फंसाया..लेकिन इसकी भी उम्मीद न के बराबर है… इस स्थिति में आगे सबको रोना पड़ेगा…

  42. Shyam Arya said,

    April 27, 2011 at 4:30 pm

    >I perused your bolg.Very shamfull to our society. Further we should have no exceptation from Indian Media as most of the channels are belongs to foreign countries, they can not be loyal to Bharat i.e. India. As per Oxford Dictionary, a channel is a gutter in a street etc. Most of the Channels have been broken by our enemy and floods of gutter are spreading in TV. Shyam Arya

  43. April 28, 2011 at 5:19 am

    >suresh ji maine do din pahale hi aapka dhayan ise aur dilaya tha kya is desh mein koi kise musalman terrorist ke sath eisa bartav kar sakata hai bed sores aur spinalcord ki proved injury hone ke bad bhi secular press natak bata rahi hai digvijay singh jaise logon ka hindu samaj ne kala munha kar ke bahishkar karana chahiye hindu samaj ke sabase bade dushman koi aur nahi ye jaichand hi hai katyayan

  44. April 28, 2011 at 6:51 am

    >इस आलेख को पढकर अगर किसी की अश्रुधारा नहीं निकली और क्रोध का ज्वालामुखी नहीं दहका हो तो समझो उसका रक्त पानी हो चुका है. सच में बड़ी ही विकट परिस्तिथि है अपने ही घर में स्वामी गुलाम हो गया है.

  45. April 28, 2011 at 7:23 am

    >सच कहा सुरेश भाई आपने| साध्वी प्रज्ञा देवी का सबसे बड़ा अपराध ही यह है कि वे हिन्दू हैं, भगवा पहनती हैं व कांग्रेस सहित देश की समस्त सेक्युलर शक्तियों को लताडती रहती हैं| एक स्त्री के साथ इस प्रकार का व्यवहार इन शर्मनिर्पेक्षियों को ही शोभा देता है| अफजल गुरु व अजमल कसाब तो इनके दामाद लगते हैं न…

  46. April 28, 2011 at 1:59 pm

    >साध्वी के इस खुलासे के बाद तो यह जांच की ही जानी चाहिये कि सोनिया गांधी और दिग्भ्रमित सिंह (दिग्विजय) ने क्यों सुनील जोशी को मरवाया.

  47. deepak said,

    April 29, 2011 at 7:08 am

    >हिन्दू समाज को अब सहिष्हुंता के साथ साथ क्षत्रियता की भी सख्त जरुरत है

  48. Anonymous said,

    April 29, 2011 at 7:54 pm

    >let me share my views friends.Lets all hope Praggya ji was not involved at all in any such inhumarian task. Only her bike should have been used in this task. -Is it possible to stand only this fact to retain her so long in custody? Why she is not approaching higher courts if there are no stronger facts except bike against her?-Hindu religion philosphy no where supports killing of innocent people in the name of religion or retialition. Same should be true for RSS related ideology as well.

  49. Suresh said,

    April 30, 2011 at 6:26 pm

  50. May 4, 2011 at 2:31 am

  51. anuj mishra said,

    May 6, 2011 at 12:19 pm

  52. June 21, 2011 at 4:33 am

  53. July 5, 2011 at 6:41 am

  54. wakeup.india said,

    July 5, 2011 at 1:58 pm

  55. July 14, 2011 at 10:19 am

  56. Anonymous said,

    July 27, 2011 at 5:43 am

  57. Anonymous said,

    September 16, 2011 at 5:01 pm

  58. October 5, 2011 at 10:14 am

  59. chunnu said,

    October 13, 2011 at 4:41 pm


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