>डाइपर से कुर्सी तक का सफ़र

>इंडियन पापा लीग में हर रोज किसी ना किसी पापा के बच्चों की भागीदारी सामने आ रही है . हमारे लिए गर्व की बात है ! क्यों ना हो , आख़िरकार क्रिकेट के क्षेत्र में ही सही भारत की बादशाहत कायम करने में रसूखदार पापाओं के बेटे-बेटियों , दामादों , भाई -बंधुओं , ने आई पी एल के जरिये अपना योगदान जो किया है ! क्या ये कम है कि आज पापावाद के कारण ही देश चल रहा है ! देश तो कब का फ़िर से गुलामी के गर्त में दब गया होता यदि देश चलाने वाले अच्छे और कुशल पापाओं की औलादें नहीं होते ! अरे , इन पापाओं की बात ही और है हाइब्रिड फसल उगाते हैं …. पैदा होने की बाद सीधे तब पता लगता है किसी महत्वपूर्ण पद पर उनकी ताजपोशी होती है ……..  डाइपर से कुर्सी तक का सफ़र इन पापाओं की असली करामात है ………………. 

Advertisements