>ये कैसी आजदी

>

जाने क्या हो गया मेरे भारत को , क्या भारत की माताओं ने वीर जनना बंद कर दिया । क्या इस देश में फिर भगत सिंह ,सुभाष चन्द्र बोस, महात्मा गाँधी जैसे लाल पैदा नहीं होंगे । ये एक प्रश्न नहीं ये एक उम्मीद है जो शायद अब टूटती जा रही है, पता नहीं जब से होश संभाला तब से ही लग रहा था की मेरा देश भारत गुलाम है , शायद आप मेरी बात स सहमत न हों । पिछले १० सालों में मै देख रहा हूँ चंद लोग मिलकर पुरे देश के भाग्यविधाता बन बैठे है । ये लोग जब चाहें जैसा चाहें देश को लूट रहे है , सरकार बोझ बन गयी है देश पर । सर नेता लोग आपस में मिल बाँट कर पुरे देश को लूट रहे है , भ्रस्टाचार अपने चरम सीमा पर है , कालाबाजारी अबतक के सबसे उपरी स्तरपर है , महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोर डाले है , नेता लोग अब खुलकर घोटाले करते है, प्रशासन सरेआम रिशवत की लेते और मांगते है , शिक्षा तो अब गरीबों के लिए अभिशाप हो गयी है , सरेआम बलात्कार मामूली बात हो गयी है , १० -२० लोगो के मरने की खबर तो अख़बार बाले भी नहीं छापते है , लूट खसूट की तो बात करना भी बेमानी है , पुलिस से ज्यादा लोग अपराधियों के शरण में जाना पसंद करते है , कानून अब अमीरों गरीबों , उचें , नीचें , छोटे , बड़ें का अंतर खूब जानती है , नेताओं को पता है देश कैसे चलता है समाज कैसे चलता है , रिश्वत कैसे ली जाती है , वोट कैसे और कान्हा बिकता है , देश की संसद अब दूकान हो गयी है , यंहा सांसद भी खरीदे और बेचे जा सकते है । पुलिस में आप का हर काम पैसे से हो सकता है ।

देश का मामूली आदमी आज त्राहिमाम हो रहा है , गरीबों का जीना दूभर हो गया है , निर्दोषों से पुरे देश का जेल भरा परा है ,और अपराधी संसद में बैठे है , हाय रे मेरे देश का दुर्भाग्य , पढ़े लिखे लोग चपरासी की नौकरी को भी तरसते है और मुर्खाधिश मंत्री बने बैठे है , जाती पाती , धर्मं समाज , प्रान्त भाषा , के नाम पर लोग दंगे फैलाते है और आपना उल्लू सीधा करते है ।
किसी ने सच ही कहा है :-

सोने से तुलने लगे दो कौरी के लोग ।

मूर्खों को सम्मान दे कैसे कैसे लोग।

अंत में हे भारत की माताओं अब फिर से सुभाष और गाँधी को जन्म दो ताकि इस देश को दूसरी आज़ादी मिल सके । इस देश में फिर स अमन हो , शांति हो , लोग एक दुसरे से प्यार करें , देश फिर से सोने की चिरिया नहीं सोने का हांथी बने ,

उम्मीद में ………… प्यारा देश भारत …………..

Advertisements