आई टी शोले

गब्बर सिंह अपने आदमियों को “लूटमार” नाम का सॉफ़्ट्वेयर लेने के लिये रामगढ भेजता है, जिसका ऑर्डर उसने पहले से दे रखा है । कालिया और उसके साथी रामगढ पहुँचते हैं । गाँव में पहुँचते ही कालिया चिल्लाता है – ‘अबे ओ ठाकुर, बाहर निकल, कहाँ है वो “लूटमार” सॉफ़्टवेयर जो हमने ऑर्डर किया था…. धनिया !!!!
एक बूढा आदमी एक हाथ में फ़्लॉपी लेकर बाहर निकलता है…
कालिया – क्या लाये हो धनिया ?
धनिया – फ़ाईनेंशियल अकाऊंटिंग का सॉफ़्टवेयर है सरकार ।
कालिया – सूअर के बच्चे, ये बेकार सा सॉफ़्टवेयर हमारे लिये लाया है, और वो ”लूटमार” वाला सॉफ़्टवेयर क्या अपनी बेटी के बारातियों के लिये “जिप फ़ाईल” में छुपा रखा है, वाइरसजादा ।
ठाकुर गुस्से से बाहर निकलता है, और कहता है – चिल्लाओ मत कालिया, जाकर गब्बर से कहना “ठाकुर सॉफ़्टवेयर वालों ने पागल कुत्तों के लिये सॉफ़्टवेयर बनाना बन्द कर दिया है ।
कालिया – बहुत गर्मी दिखा रहे हो ठाकुर, क्या कोई नये “प्रोग्रामर्स” हायर किये हो ।
ठाकुर – नजर उठा कर देख लो कालिया, “पावर बिल्डर” तेरे सिर पर चल रहा है….
कालिया सिर उठाकर देखता है, तो एक पानी की टंकी पर वीरू (धर्मेन्द्र) अपने “पीसी” पर “चैटिंग” कर रहा होता है और दूसरी तरफ़ एक चट्टान पर जय (अमिताभ) अपने लैपटॉप लेकर खडा है..
कालिया – दो… बस, हा हा हा हा हा, ये लोग प्रोग्रामिंग करेंगे… इनको तो DOS कमाण्ड भी नही आते… सुनो गाँववालो… ठाकुर ने इन जोकरों को सॉफ़्टवेयर कम्पनी बनाई है…
वीरू चिल्लाता है.. – चुपचाप चला जा कालिया, हम लोग consultants हैं.. कुछ भी कर सकते हैं…
जय अपने लैपटॉप पर कोई कमाण्ड लगाता है और कहता है… जाओ कालिया, गब्बर से कहना उसका “सर्वर” डाऊन हो गया है…
कालिया – जाता हूँ ठाकुर, जाता हूँ… लेकिन याद रखना यदि गब्बर को पता चला कि ठाकुर सॉफ़्टवेयर वालों ने उसके लिये “लूटमार” सॉफ़्टवेयर नहीं बनाया… तो वह सारे नेटवर्क में वायरस डाल देगा…
अब.. गब्बर के अड्डे पर….
गब्बर – कितने बग्स थे ?
कालिया – सरदार.. दो
गब्बर – वो दो थे और तुम तीन.. फ़िर भी “फ़िक्स” नहीं कर सके, क्या सोच कर आये थे कि सरदार बहुत खुश होगा… नया “असाइनमेण्ट” देगा, प्रमोशन देगा, क्यों ? इसकी सजा मिलेगी, बराबर मिलेगी..
(गब्बर, सांभा के पास से एक “एक्स टर्मिनल” खीचता है)
गब्बर – कितना “सेशंस” है इसका अन्दर..
सांभा – छ्ह सेशन
गब्बर – सेशन छह और प्रोग्रामर तीन… बहुत बेईंसाफ़ी है ये । (लॉग आऊट…लॉग आऊट…लॉग आऊट…)
गब्बर – हाँ, अब ठीक है, तेरा क्या होगा कालिया….?
कालिया – सरदार, मैनें आपका “बार कोड” लिखा था सरदार…
गब्बर – तो अब documentation लिख….ढिच्क्याऊँ… ढिच्क्याऊँ… ढिच्क्याऊँ…
सेशन समाप्त, नेटवर्क error….

आई टी शोले (Sholay of IT Industry)

गब्बर सिंह अपने आदमियों को “लूटमार” नाम का सॉफ़्ट्वेयर लेने के लिये रामगढ भेजता है, जिसका ऑर्डर उसने पहले से दे रखा है । कालिया और उसके साथी रामगढ पहुँचते हैं । गाँव में पहुँचते ही कालिया चिल्लाता है – ‘अबे ओ ठाकुर, बाहर निकल, कहाँ है वो “लूटमार” सॉफ़्टवेयर जो हमने ऑर्डर किया था…. धनिया !!!!
एक बूढा आदमी एक हाथ में फ़्लॉपी लेकर बाहर निकलता है…
कालिया – क्या लाये हो धनिया ?
धनिया – फ़ाईनेंशियल अकाऊंटिंग का सॉफ़्टवेयर है सरकार ।
कालिया – सूअर के बच्चे, ये बेकार सा सॉफ़्टवेयर हमारे लिये लाया है, और वो ”लूटमार” वाला सॉफ़्टवेयर क्या अपनी बेटी के बारातियों के लिये “जिप फ़ाईल” में छुपा रखा है, वाइरसजादा ।
ठाकुर गुस्से से बाहर निकलता है, और कहता है – चिल्लाओ मत कालिया, जाकर गब्बर से कहना “ठाकुर सॉफ़्टवेयर वालों ने पागल कुत्तों के लिये सॉफ़्टवेयर बनाना बन्द कर दिया है ।
कालिया – बहुत गर्मी दिखा रहे हो ठाकुर, क्या कोई नये “प्रोग्रामर्स” हायर किये हो ।
ठाकुर – नजर उठा कर देख लो कालिया, “पावर बिल्डर” तेरे सिर पर चल रहा है….
कालिया सिर उठाकर देखता है, तो एक पानी की टंकी पर वीरू (धर्मेन्द्र) अपने “पीसी” पर “चैटिंग” कर रहा होता है और दूसरी तरफ़ एक चट्टान पर जय (अमिताभ) अपने लैपटॉप लेकर खडा है..
कालिया – दो… बस, हा हा हा हा हा, ये लोग प्रोग्रामिंग करेंगे… इनको तो DOS कमाण्ड भी नही आते… सुनो गाँववालो… ठाकुर ने इन जोकरों को सॉफ़्टवेयर कम्पनी बनाई है…
वीरू चिल्लाता है.. – चुपचाप चला जा कालिया, हम लोग consultants हैं.. कुछ भी कर सकते हैं…
जय अपने लैपटॉप पर कोई कमाण्ड लगाता है और कहता है… जाओ कालिया, गब्बर से कहना उसका “सर्वर” डाऊन हो गया है…
कालिया – जाता हूँ ठाकुर, जाता हूँ… लेकिन याद रखना यदि गब्बर को पता चला कि ठाकुर सॉफ़्टवेयर वालों ने उसके लिये “लूटमार” सॉफ़्टवेयर नहीं बनाया… तो वह सारे नेटवर्क में वायरस डाल देगा…
अब.. गब्बर के अड्डे पर….
गब्बर – कितने बग्स थे ?
कालिया – सरदार.. दो
गब्बर – वो दो थे और तुम तीन.. फ़िर भी “फ़िक्स” नहीं कर सके, क्या सोच कर आये थे कि सरदार बहुत खुश होगा… नया “असाइनमेण्ट” देगा, प्रमोशन देगा, क्यों ? इसकी सजा मिलेगी, बराबर मिलेगी..
(गब्बर, सांभा के पास से एक “एक्स टर्मिनल” खीचता है)
गब्बर – कितना “सेशंस” है इसका अन्दर..
सांभा – छ्ह सेशन
गब्बर – सेशन छह और प्रोग्रामर तीन… बहुत बेईंसाफ़ी है ये । (लॉग आऊट…लॉग आऊट…लॉग आऊट…)
गब्बर – हाँ, अब ठीक है, तेरा क्या होगा कालिया….?
कालिया – सरदार, मैनें आपका “बार कोड” लिखा था सरदार…
गब्बर – तो अब documentation लिख….ढिच्क्याऊँ… ढिच्क्याऊँ… ढिच्क्याऊँ…
सेशन समाप्त, नेटवर्क error….