ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है: लताजी- नाजनीन 1951

लताजी के पता नहीं और कितने गीत हैं जो हमने सुने ही नहीं, जैसे जैसे खोजता हूं एक से एक लाजवाब नगीने मिलते जाते हैं। आज ऐसा ही एक और कम सुना-सुनाया जाने वाला गीत मिला है जो आपके लिये प्रस्तुत है।
यह गीत फिल्म नाजनीन 1951 का है। गीतकार शकील संगीतकार गुलाम मोहम्मद और इस फिल्म के मुख्य कलाकार मधुबाला और नासिर खान थे।
आइये गीत सुनते हैं।

ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है-२
क्यूँ मेरे दिल की दुनिया बरबाद कर रहा है-२
ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है

तुझको मेरी क़सम है बिगड़ी मेरी बना दे-२
या तू नहीं है भगवन दुनिया को ये बता दे
ऊँचा है नाम तेरा अपनी दया दिखा दे
क्या मेरी तरह तू भी मजबूर हो गया है
ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है

ख़ामोश है बता क्यूँ सुन कर मेरा फ़साना-२
क्या पाप है किसी से दुनिया में दिल लगाना
अच्छा नहीं है मालिक दुखियों का घर जलाना
खुद ढाये खुद बनाये आखिर ये खेल क्या है
ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है

बरबादियों का मेरी अंजाम जो भी होगा
ठु्करा के मेरी हस्ती नाकाम तू भी होगा
गर मिट गई मोहब्बत बदनाम तू भी होगा
यूँ बेवजह किसी का दिल तोड़ना बुरा है

>ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है: लताजी- नाजनीन 1951

>लताजी के पता नहीं और कितने गीत हैं जो हमने सुने ही नहीं, जैसे जैसे खोजता हूं एक से एक लाजवाब नगीने मिलते जाते हैं। आज ऐसा ही एक और कम सुना-सुनाया जाने वाला गीत मिला है जो आपके लिये प्रस्तुत है।
यह गीत फिल्म नाजनीन 1951 का है। गीतकार शकील संगीतकार गुलाम मोहम्मद और इस फिल्म के मुख्य कलाकार मधुबाला और नासिर खान थे।
आइये गीत सुनते हैं।

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ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है-२
क्यूँ मेरे दिल की दुनिया बरबाद कर रहा है-२
ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है

तुझको मेरी क़सम है बिगड़ी मेरी बना दे-२
या तू नहीं है भगवन दुनिया को ये बता दे
ऊँचा है नाम तेरा अपनी दया दिखा दे
क्या मेरी तरह तू भी मजबूर हो गया है
ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है

ख़ामोश है बता क्यूँ सुन कर मेरा फ़साना-२
क्या पाप है किसी से दुनिया में दिल लगाना
अच्छा नहीं है मालिक दुखियों का घर जलाना
खुद ढाये खुद बनाये आखिर ये खेल क्या है
ओ जिन्दगी के मालिक तेरा ही आसरा है

बरबादियों का मेरी अंजाम जो भी होगा
ठु्करा के मेरी हस्ती नाकाम तू भी होगा
गर मिट गई मोहब्बत बदनाम तू भी होगा
यूँ बेवजह किसी का दिल तोड़ना बुरा है

>ए दिल ए बेकरार जैसे भी हो गुजार : एक और दुर्लभ गीत

>आईये आज आपको लता जी का एक और दुर्लभ गीत सुनवाते हैं। संगीतकार गुलाम मुहम्मद भी उन संगीतकारों में से एक थे जिन्होने लताजी की खूबसूरत आवाज का अपने संगीत में बहुत शानदार उपयोग किया। लता के शुरूआती दिनों में आगे गीतों में उनकी आवाज में एक अलग ही तरह की कशिश है, आईये सुनकर ही अनुभव कीजिये।
फिल्म मांग 1950
संगीतकार: गुलाम मुहम्मद
गीतकार सगीर उस्मानी (इस फिल्म के एक और गीत के बारे में गीतायन से प्राप्त जानकारी के अनुसार)

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ए दिल ए बेकरार
जैसे भी हो गुजार
कौन तेरा गमखार
कहने को है हजार-२
लाख तुझे रोका
खा ही गया धोका
कहती ना थी हर बार-२
मत कर किसी से प्यार
ए दिल ए बेकरार…..
सुख था झूठा सपना
जिसको समझ अपना
सुख को दुख: पर वार
सह ले गम की मार
ए दिल ए बेकरार…..
देख लिया अंजाम
आखिर हुआ नाकाम-२
प्यार बड़ा दुश्‍वार
पा न सका मझधार
ए दिल ए बेकरार…..

http://www.hindi-movies-songs.com से साभार

ए दिल ए बेकरार जैसे भी हो गुजार : एक और दुर्लभ गीत

आईये आज आपको लता जी का एक और दुर्लभ गीत सुनवाते हैं। संगीतकार गुलाम मुहम्मद भी उन संगीतकारों में से एक थे जिन्होने लताजी की खूबसूरत आवाज का अपने संगीत में बहुत शानदार उपयोग किया। लता के शुरूआती दिनों में आगे गीतों में उनकी आवाज में एक अलग ही तरह की कशिश है, आईये सुनकर ही अनुभव कीजिये।
फिल्म मांग 1950
संगीतकार: गुलाम मुहम्मद
गीतकार सगीर उस्मानी (इस फिल्म के एक और गीत के बारे में गीतायन से प्राप्त जानकारी के अनुसार)

ए दिल ए बेकरार
जैसे भी हो गुजार
कौन तेरा गमखार
कहने को है हजार-२
लाख तुझे रोका
खा ही गया धोका
कहती ना थी हर बार-२
मत कर किसी से प्यार
ए दिल ए बेकरार…..
सुख था झूठा सपना
जिसको समझ अपना
सुख को दुख: पर वार
सह ले गम की मार
ए दिल ए बेकरार…..
देख लिया अंजाम
आखिर हुआ नाकाम-२
प्यार बड़ा दुश्‍वार
पा न सका मझधार
ए दिल ए बेकरार…..

http://www.hindi-movies-songs.com से साभार