पालने से पालकी तक

“पालने से पालकी तक बेटियों का सुदृढ़ जीवन सफल जीवन “

पालने और पालकी को

सजाने की

समझ जो है – “बेहतर है….!”

ज़िन्दगी बेटियों की

भी संवारी जाए तो अच्छा !!

पालने में दुलारो खूब

बिटिया को “बेहतर है….!”

ज्ञान-साहस से सजी बिटिया

बिदा की जाए तो अच्छा ..