संगम जबलपुर में होगा

प्रमेन्द्र प्रताप सिंह गंगा जल लाएं हैं साथ अपने कल कोशिश करूंगा भेढ़ाघाट जाकर नर्मदाजल से मिला कर , वैसे पावन घोषित होने के बाद भीशुद्धताके सन्दर्भों में शुद्ध नहीं होगा मुझे जी आपको भी ज्ञात हैफ़िर भी आज आपको बता दूँ प्रमेन्द्र प्रताप सिंह कल पूरे दिन और रात को डिनर तक हम सब साथ होंगे
क्या पूछा आपने हम सब में कौन कौन होंगे …?
“अरे भाई हम सब यानी हम सब हाँ जी हम सब “
“बाहर से …..?”
जी बाहर से आने वाले हैं ……….. महाशक्ति जिसका साफ़ अर्थ है हम सब ।

हम सब

एक कहानी सुनियेगा जी सॉरी पढियेगा पढिये न पढिये छाप देता हूँ । सो सुनिए बवाल जी एक पत्थर था सड़क पर बीचों बीच पडा एक समस्या की तरह । इन चार ने एक के अनुरोध पे सड़क पे पड़े उस पत्थर को हटाने की कोशिश की ताक़त चारों मिल कर लगा तो रहे थे किंतु पत्थर न तो टस हुआ न मस तभी अपनेडूबे जी ने संजू ब्लॉगर जो हमारी बीच के लाबुझ्कड़ से पूछ कर तरकीब सोची पत्तर हटाने की । वो भी ना कामयाब रही आनन् फानन समीर जी मीत के गीत सुनाने निकले कोलकता वहाँ से महाशक्ति को इलाहाबाद में ही न्योत आए की भैया पत्थर हटाना है चलो जबलपुर । सो आ गए भाई जी देखें इस कहानी में कौन सा मोड़ आता है ?
जो भी होगा कल देर रात बांचियेगा तब तक कुछ सोचने दीजिए ।