हिन्दु आतंकवादी: नेता, चर्च और मिडीया का घालमेल

हिन्दु आतंकवादी के नाम पर आज हिन्दुस्तान जिस तरह हिन्दु और हिन्दु संत को बदनाम किया जा रहा है इसके पिछे चर्च का खतरनाक साजिश पर ध्यान जाता हैं। इसमें नेता, चर्च और मिडीया का घालमेल अब खुलकर नजर आने लगा है। हमें अब समझ जाना चाहिये कि चर्च किस तरह से हिन्दु को बदनाम करने का साजिश रच रहा है इसमें चर्च के पैसा से चल रहे न्यूज चैनल का भी पुरा सहयोग मिला है। हाल के कुछ दिनें के घटना पर अगर ध्यान दे तो ये खतरनाक साजिश समझ में आता है। सबसे पहले संत श्री आशाराम बापू के उपर लगाऎ गये आरोप पर ध्यान देना चाहिये।

संत श्री आशाराम बापू के स्कूल में पढ़ रहें स्कूल में दो छात्र स्कूल से भाग कर घुमने निकलते हैं और उनके साथ हादसा हो जाता है इस बात को मिडीया ने जिस जोर शोर से उठाया जैसे छात्र का हत्या खुद संत श्री आशाराम बापू ने किया है। मिडीया के द्वारा संत श्री आशाराम बापू के बारे में नित्य झुठा प्रचार किया जाने लगा। उनके बेटा के बारे में भी आग उगला जाने लगा। इस कांड का जाँच खुद C.B.I. ने किया लेकिन जल्द दुध का दुध और पानी का पानी निकल कर आ गया और संत श्री आशाराम बापू जी फिर से सस्मान अपने धार्मिक कार्य के द्वारा समाज सेवा का कार्य सुरु किया। और किसी मिडीया चैनल वालों ने आशाराम बापू के बारें किये गये झूठी, मंगढ़त कुप्रचारा और जनता को गुमराह करने की गलती के बारें में माफी भी नही माँगा। हम सभी को पता हिन्दुस्तान में जितने भी संत और साधु है उनमें से लगभग सभी का अपना अनाथालय और स्कूल चलता है तथा विभीन्न तरह से ये समाज सेवा के द्वारा गरीब एंवम उपेक्षीत जनता के सेवा करते हैं। ये बाते चर्च को खटकता है क्यों कि साधु सन्यासीयों के द्वारा चलाये जा रहे स्कूल, अनाथालय सेवा कार्य चर्च के धर्मान्तंरण कार्य में हमेशा से बाधा बनतें हैं वैसे संत श्री आशाराम बापू के शिष्य द्वारा झारखण्ड में चर्च धर्मान्तरण का जोरदार विरोध किया गया था। जो संत श्री आशाराम बापू को चर्च का दुश्मन बना दिया जिसका नतीजा सभी के सामने है उन्के अपने देश हिन्दुस्तान में ही जलिल किया गया। चर्च के द्वारा चलाये जा रहे स्कूल भी धार्मान्तरण का एक माध्यम है। जितनें भी चर्च के स्कूल हैं वहाँ खुले आम हिन्दु देवी – देवता का मजाक उडा़या जाता है और क्रिश्चीचीनि धर्म मनने को कहा जाता है। चर्च के द्वारा चलाये जा रहे अनाथालय का भी यही हाल है वहा जो भी अनाथ बच्चा जाता है उसके गले सबसे पहले क्रास लटकाया जाता है उसके बाद मिशनरी बाले अनाथालय के अन्दर लेकर जाते है। चर्च सिर्फ मिडीया के द्वारा ही साधु – संतो पर आक्रमण नही करवा रहा है चर्च के कार्य में जो भी रोडा अटकाता है ये उनका हत्या करने भी गुरेज नही करतें हैं इस काम में वामपंथी भी उनका साथ देते हैं केरल और कंधमाल में संत लक्ष्मणानन्द सरस्वती की हत्या जिस तरह से हुइ सभी को पता है।

हाल के घटना पर अगर नजर डाले तो कुछ बातें खुल कर सामने आ जायेगा कि किस तरह चर्च के पैसा से चलने बाला मिडीया चैनल इस देश के गरिमा को नुकसान पहुचा रहा है। मालेगांव धमाका में जिस तरह से एक के बाद एक साधु संतो के उपर में आरोप लगाया जा रहा है हम देख रहें है। हमें इस मामले में थोडा और गहराई से सोचना होगा आखिर मिडीया वाले के द्वारा किस तरह से गंदा खेल खेला जा रहा हैं। मालेगांव के पहले और बाद में भी हिन्दुस्तान में आतंकवादीयों के द्वारा कई धमाके किये गयें लेकिन इसके बारे में आज तक कभी भी चर्चा नही किया जा रहा है। समाचार चैनल वालों ने ये नही बताया है कि इन धमाकों के कौन कौन से आंतकवादी पकडें गये हैं तथा इनका कितना बार नार्को टेस्ट किया गया है और नार्को टेस्ट का क्या नतीजा निकता लेकिन मांलेगाव धमाके में पकडें गये सभी आरोपी को ये मिडीया वालों ने सिर्फ आरोप लगने पर ही जो अभी तक न्यायालय द्वारा सिद्ध भी नही हुआ है साध्वी प्रज्ञा सिंह को नया नाम विषकन्या दे दिया। जिस तरह से मालेगांव के धमाके के आरोपियों के बारें में मिडीया वाले अपने न्यूज में बताते हैं मुझे लगता है इन आरोपियों से पुछ-ताछ किसी ए.टी.स के कार्यालय में नही मिडीया चैनल के स्टुडियों में किया जाता है। नार्को टेस्ट होनें के साथ ही समाचार में ये दिखाया जाने लगता है कि किस आरोपी ने टेस्ट में आज क्या कहा जैसे प्रेस रिपोर्टर कैमरा लेकर नार्को टेस्ट के दैरान मौजुद था।
आखिर मिडीया के द्वारा हिन्दु समाज को बदनाम करने कि साजिश नई नही है। कुछ दिन पहले उडी़सा के बडीपदा नामक जगह पर एक नन का बलात्कार के घटना के बारे में समाचार चैनल बालों लगातार कई दिनों तक हल्ला मचाया लेकिन जब पुलिस के द्वारा जाँच किया गया तो पता चला कि नन का बलात्कार किया नही हुआ था सिर्फ हिन्दु संगठन को बदनाम करने के लिये हिन्दु के उपर आरोप लगाये गये थे। तो पुलिस के इस खुलासे को आज तक किसी भी समाचार चैनल वालों नें नही दिखाया।

आज हिन्दुस्तान में जितने भी समाचार के ज्यादा तर चैनल में क्रिश्चन मिशनरी का पैसा लगा है और वांमपथी सर्मथन के द्वारा इस चैनल को चलाया जा रहा है। ये वांमपथी वही हैं जो हिन्दु साधु – संत को गाली देते नही थकते, हिन्दु को भज-भज मंडली कह कर पिछडें मानसिकता वाला करार देतें है धर्म को अफिम कहतें हैं लेकिन क्रिश्चन धर्म में किसी को अगर को अगर संत सर्टीफिकेट मील जाये तो फुले नही समाते। वामंपथीयों को ये पता नही है कि हिन्दु कि तरह क्रिश्चन भी एक धर्म है और अगर धर्म अफिम है तो हिन्दु धर्म की तरहा क्रिश्चन धर्म भी एक अफिम है। अगर वामंपथीयों को ये सब पता है और जान बुझ कर हिन्दु धर्म को गाली देते हैं तो उन्हे अपना नारा बदल कर नया नारा रखना चाहिये हिन्दु धर्म अफिम है और सब धर्म अच्छा है। क्यों कि हिन्दु धर्म में हिंसा का कोई जगह नही है, हिन्दु स्वाथी नही होतें है सर्वे भन्तु सुखीना सर्वे भन्तु निर्माया के सिद्धान्त पर चलता है।

हमें जागरुक रह कर देखना होगा कि कौन है जो हिन्दु को इस तरह से प्रताडी़त कर रहा है। इसके पीछे किस तरह का मानसिकता काम कर रहा है। अखिर कौन है जो हिन्दु को निचा दिखा रहा है उसके पिछे आखिर क्या स्वार्थ छिपा है।