>देवा प्रेमल द्वारा गाया गया मूलमंत्र और गायत्री मंत्र

>क्या संगीत को धर्म और सीमाओं से बाँध कर  रखा जा सकता है ? कदापि नहीं । अब देवा प्रीमेल को ही लें ।  मूलत: जर्मनी की रहने वाली देवा और उनके पति मिटैन का झुकाव भारतीय संगीत और विशेषकर भक्ति संगीत की तरफ़ साफ़ देखा जा सकता है । देवा प्रेमल के अधिकतर ऐलबम वैदिक मंत्रोचारों पर केन्द्रित रहे हैं । हाल ही मे रिलीज हुआ उनका ऐलबम“ मूलमंत्र “ चेन्नई के Oneness University मे ध्यान प्रक्रियाओं के द्वारान मिटैन के साथ प्रस्तुत किया गया । “ गीतों की महफ़िल “ मे नववर्ष की बहुत सी शुभकामनायें और नववर्ष की सुबह  की शुरुआत में क्यों नही  मीडीटेशन संगीत का आनन्द “ देवा प्रीमेल “ के साथ ही लिया जाये । नीचे दिया गया  आडियो और वीडियो “ मूलमंत्र” से  लिया गया है ।
http://www.divshare.com/flash/playlist?myId=6089898-b3c
ॐ सच्चिदान्द पराब्रह्मा पुरुषोत्तम परमात्मा ।
श्री भगवती समेत:।
श्री भगवती नम: ॥
हरी ओम तत्सत।
हरि ओम तत्सत ॥

Oneness University मे ही मिटैन के साथ प्रस्तुत किया गया ” गायत्री मंत्र
ऒम भूर्भुव : स्व : ऒम
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि ।
धियो यो न : प्रचोदयात ||

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