>जो कुछ अक्सर नज़र आता है , हकीक़त उसके खिलाफ़ भी हुआ करती है The real situation

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एक टी. वी. सीरियल के सैट पर
आपका भाई अनवर जमाल

@ भाई हरीश जी ! आप मेरी बात को देखिये और बताइए कि सलीम भाई को जो उपदेश मैंने दिया है , वह सच्चा है या नहीं ?
अगर वह झूठा होगा तो मैं उसे अभी छोड़ दूंगा .
किसी आदमी के सच्चे या झूठे होने का फैसला इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि लोग उसके बारे में क्या कहते हैं बल्कि उसका आधार यह है कि उसकी बात कितनी सच है ?
अब आप अपने कहे के मुताबिक़ मेरे शिष्य बन चुके हैं और मैंने आपको  ज्ञान देना भी शुरू कर दिया है .
अब आप मुझ पर आरोप लगाना छोड़ कर मुझ से कुछ सीखना शुरू करें वरना आपकी मर्ज़ी .
http://ahsaskiparten.blogspot.com/2011/01/hungers-cry.html
खुद सलीम खान साहब से आप पूछियेगा कि मेरी सलाह उन्हें  ठीक लगी या ग़लत ?
आपमें संभावनाएं हैं , उन्हें काम में लायें .
मेरा एक मिशन है . मेरा प्यार , गुस्सा , झिड़की और धिक्कार , मेरा सोना-जागना , गर्ज़ यह कि एक एक गतिविधि सब कुछ  डिज़ाइण्ड है.
आप चाहे तो उसे सीख सकते हैं , मैंने आज तक किसी को उसे सिखाया नहीं है . मैंने आपसे कहा था कि जो कुछ अक्सर नज़र आता है , हकीक़त उसके खिलाफ़ भी हुआ करती  है , यह सच है .
ख़ैर जैसा आप चाहें .
बहस करनी है तो बहस करें .
सीखना है तो सीखें . हर तरह आपका स्वागत है .
अपने अहंकार के बारे में भी किसी दिन आपको ज्ञान दूंगा , तब आप जानेंगे कि भारत में ऐसे ज्ञानी भी हैं जो सांप के काटे की दवा सांप के ज़हर से ही बनाते हैं .  
http://hamarivani.com/blog_post.php?blog_id=173

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इस कमेन्ट की बैकग्राउंड जानने के लिए देखें –
http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2011/01/blog-post_29.html?showComment=1296316503459#c3042839187340538457

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