प्रिय मित्रो,
सादर नमस्कार,
मैं तरुण जोशी नारद पुनः आप सभी की सेवा मैं उपस्थित हूँ, मित्रों मैं अपने समूह की एक web site बनाकर समर्पित करना चाहता हूँ. कृपया कर सभी मित्र गण अपने बारे में सुचनाये मुझे भिजवाने की कृपा करे,मेरा e mail id है ceo-operations@in.com , सभी पाठक भी अपने फीड बैक भेजे.
तरुण जोशी ” नारद”

Advertisements

भारत के वीर जवानों की सत्य कथाये

भारत के वीर जवानों की सत्य कथाये
जोकि भारत और चीन,पाकिस्तान के बीच सं १९६२ और सं १९६५ के युद्ध के समय की है ऐसे वीर भारत माता के बेटो की कहानी जिनने हंसते हंसते देश की रक्षा के लिए अपने प्राण निछावर कर दिए . भारत के वीर जवान पुस्तक से चार कहानी हिन्दी ब्लॉग सफलप्रहरी मे प्रकाशित की जा चुकी है . कृपया अवलोकन कर अभिव्यक्ति प्रदान करने का कष्ट करे और नेट पर यह जो पुस्तक प्रकाशित की जा रही है इसके बारे मे आपके क्या विचार है .

भारत और चीन युद्ध पुस्तक की कड़ी : मेजर सौदागर सिह
भारत के वीर जवान पुस्तक की कड़ी : लेफ्टिनेंट कर्नल दयाल
भारत के वीर जवान पुस्तक की कड़ी : बहादुर जसवीर सिह…
भारत के वीर जवान पुस्तक की कड़ी : सूबेदार जोगिन्दर…
कृपया देखे =
http://safalprahri.blogspot.com

पुत्र लालसा का मिथक तोड़ते 105 परिवार

बेटियों के लिए नकारात्मक नज़रिया रखने वालों के लिए जबलपुर जिले के १०५ परिवारों से सीख लेना चाहिए जिनने केवल २ बेटियों के बाद परिवार कल्याण को अपना लिया ये जानते हुए
कि इसके बाद उनको पुत्र प्राप्ति न हों सकेगी ,


[“बाल विवाह मत करना माँ”अपनी माँ को रक्षा सूत्र बांधती एक बेटी ]
ये खुलासा तब हुआ जब मैं अपने सहयोगी स्टाफ के साथ म० प्र० सरकार की लाडली लक्ष्मी योजना की उपलब्धि के बाद आंकडों का विश्लेषण कर रहा था । 500 लाडली लक्ष्मीयों में से 89 वो हैं जिनकी बड़ी बहन ही है और भाई अब नहीं आ सकेगा , 6 बालिकाओं के तो न तो बहन होगी न ही भाई , यानी 21 प्रतिशत परिवारों ने पुत्र की लालसा के मिथक तोड़ दिए, क्यों न सकारात्मक सोच को उभार के हम कुरीतियों से निज़ात पाएं ….!!
अब शायद म० प्र० सरकार के इस प्रयास की सराहना सभी को करनी ही होगी ।

हास्य कविता :प्रतियोगिता

हास्य कविता :प्रतियोगिता मित्रो,होली के अवसर पर आप सभी कलम उठाइए , लिखा भेजिए एक छोटी सी हास्य रचनामध्य-प्रदेश लेखक संघ, जबलपुर की और सेप्रथम तीन विजेता प्रतिभागीयों को क्रमश: 300/- , 200/- तथा 100/- की पुरूस्कार राशी एक एक प्रशस्ति पत्र भेजा जावेगा। 10 प्रतिभागी भी सम्मानित होंगे,नियम:रचना की मौलिकता ज़रूरी होगी,स्पष्ट पता -मेल आई डी , तथा मौलिकता की घोषणा पत्र , रचना के साथ संलग्न हों। कविता ए-फॉर आकार के पेज से अधिक लम्बी होने पर प्रतियोगिता से हटाने का अधिकार निर्णायक मंडल का होगा व्यक्तिगत आक्षेप न हों एक रचना कार एक रचना ही भेज सकते हैं,यूनीकोड पर टंकित कर ने इस लिंक का सहारा लीजिये => http://www.google.com/transliterate/indicतथा रचना/प्रविष्ठी girishbillore@gmail.com पर मेल करिए अन्तिम तिथि:- १०/०३/२००८ गिरीश बिल्लोरे “मुकुल “