>कम्युनिस्ट पार्टी के सेक्स क्रांति से दुखी वामपंथी ब्लोगर

>एगो गर्दाउड़ान  खबर लाये हैं गुरु ! आपहुं पढ़ लेयो ! ” चीन की कम्युनिस्ट पार्टी सेक्स क्रांति की ओर ”  . अरे इतना भड़क कहे रहे हैं भैया ? ई बात कौनो हम थोड़े कह रहे हैं ? ई तो श्रीमान जगदीश्‍वर चतुर्वेदी जी जेएनयु वाले कह रहे हैं . अबे , आप लोगन के  मजाक लगता है  ई सब … हई लो अ पढ़ ल्यो खुदहीं ……

चीन की कम्‍युनि‍स्‍ट पार्टी में रखैलों का जलवा

आज के टाइम्‍स ऑफ इण्‍डि‍या में एक बड़ी ही शर्मनाक  खबर है ,चीन की कम्‍युनि‍स्‍ट और चीन के प्रशासन के अधि‍कारि‍यों का एक बड़ा तबका भ्रष्‍टाचार से परेशान है। भ्रष्‍टाचार भी असामान्‍य कोटि‍ का है। पढ़कर वि‍श्‍वास नहीं हो रहा था बाद में मेरे चीनी कम्‍युनि‍स्‍ट दोस्‍तों ने फोन पर बताया कि‍ बात सही है। चीन की कम्‍युनि‍स्‍ट पार्टी में एक बड़ा तबका है जो रखैल रखता है। क्रांति‍कारी पार्टी का क्रांति‍ से सेक्‍स क्रांति‍ तक का यह रूपान्‍तरण कि‍सी भी तर्क से गले उतरने वाली बात नहीं है। चीनी प्रशासन ने सर्कुलर जारी कि‍या है कि‍ अधि‍कारी लोग रखैल रखना बंद कर दें और यदि‍ रखना ही चाहें तो अपने खर्चे से रखैलों को पालन पोषण करें। उल्‍लेखनीय है चीन में फि‍जूलखर्ची रोकने के लि‍ए जो सरकारी और पार्टी स्‍तर का अभि‍यान चल रहा है उसके दौरान यह नि‍र्देश जारी कि‍या गया है। एक अनुमान के अनुसार चीन की कम्‍युनि‍स्‍ट पार्टी के सक्रि‍य नेतृत्‍व का एक बड़ा तबका रखैल को रखता रहा है। यह वहां स्‍वीकृत परंपरा है। साथ ही मंहगी मदशालाओं में भी उनकी आवाजाही बढ़ गयी है जि‍से चीनी प्रशासन रोकना चाहता है। स्‍थि‍ति‍ की भयावहता का ही परि‍णाम है कि‍ पार्टी को खुलेआम सर्कुलर नि‍कालकर आपत्‍ति‍ प्रकट करनी पड़ रही है। सरकारी प्रसारण माध्‍यमों से इसे बार-बार प्रचारि‍त कि‍या जा रहा है। आम तौर पर अधि‍कारि‍यों को जो तनख्‍वाह मि‍लती है उससे वे रखैलों का खर्चा नहीं उठा पाते और पैसे की कमी को पूरा करने के लि‍ए घूस लेते हैं। घूसखोरी और व्‍यभि‍चार ये दो बड़ी बीमारि‍यां हैं जि‍नसे चीन की कम्‍युनि‍स्‍ट पार्टी जूझ रही है। सर्कुलर में कहा गया है कि‍ यदि‍ अधि‍कारी और पार्टी के सदस्‍य रखैलों से अपने को दूर कर लें तो भ्रष्‍टाचार स्‍वत: ही कम हो जाएगा। यह तो वैसे ही हुआ कि‍ आप चीनी खाना बंद कर दीजि‍ए दाम अपने आप कम हो जाएंगे। स्‍थि‍ति‍ की भयावहता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि‍ शंघाई पार्टी के महासचि‍व पर भ्रष्‍टाचार और यौन दुराचार के अनेक आरोप हैं। उनकी अनेक रखैलें भी हैं। रखैलों के पूरे कुनबे को संभालने के लि‍ए व्‍यापक पैमाने पर पैसा भी चाहि‍ए और जाहि‍र है पैसा सि‍र्फ घूसखोरी से ही मि‍लता है और पार्टी का नेतृत्‍व इससे बेहद परेशान है। आम पार्टी मेम्‍बर व्‍यभि‍चार  और भ्रष्‍टाचार के धंधे से बचकर रहे इसके लि‍ए मीडि‍या में बड़े नेताओं के सदवि‍चार भी सुनाए जा रहे हैं लेकि‍न इस सबका कोई असर नजर नहीं आ रहा।