>गीत: देश पे जान लुटाएंगे…… —आचार्य संजीव ‘सलिल’

>

जियें देश के लिए हमेशा, देश पे जान लुटाएंगे……
*
गुरु अफजल हों या कसाब हो,अपराधी हत्यारे हैं.
द्रोही हैं ये राष्ट्र-धर्म के, ज़हर बुझे दोधारे हैं..
पालेंगे हम अगर इन्हें तो, निश्चय ही पछतायेंगे-
बोझ धरा का दें उतार, धरती पर स्वर्ग बसायेंगे.
पाक बना नापाक अगर, हम नामो-निशाँ मिटायेंगे.
जियें देश के लिए हमेशा, देश पे जान लुटायेंगे……
*
औरों के अधिकार मानता जो उसको अधिकार मिले.
जो औरों का जीवन छीने, उसे सिर्फ तलवार मिले..
षड्यंत्री गद्दारों के प्रति दया-रहम अपराध है-
चौराहे पर सूली देना, देशभक्त की साध है..
व्यर्थ अपीलों का मौका दे, गलती क्यों दोहरायेंगे?…
जियें देश के लिए हमेशा, देश पे जान लुटायेंगे……
*
Acharya Sanjiv Salil

http://divyanarmada.blogspot.com