बीबियाँ ऐसे धमकाती होंगी ?

हमेशा उत्सुकता होती है कि किसी प्रोफ़ेशन को लेकर बीबियाँ कैसे अपने-अपने पतियों को धमकाती होंगी ?

पायलट को : उडा़कर रख दूँगी
मन्त्री को : बस बहुत हुए आश्वासन
शिक्षक को : मुझे मत सिखाओ
पेंटर को : चेहरा लाल कर दूँगी
कारपेंटर को : ठोक कर सीधा कर दूँगी
डेंटिस्ट को : दाँत निकालकर हाथ में दे दूँगी
अभिनेता को : बस बहुत हुआ तुम्हारा नाटक
किराने वाले को : मुझे पुडिया मत दो, मैं तुम्हें खूब समझती हूँ
कम्प्यूटर वाले को : खबरदार, सारी हार्ड डिस्क फ़ॉरमेट कर दूँगी
ठेकेदार को : क्या मैंने तुम्हारा ठेका लिया है
मैकेनिक को : सारे नट-बोल्ट कस के रख दूँगी
धोबी को : ज्यादा चूं-चपड की तो धोकर रख दूँगी

और अन्त में…
ब्लॉगर को : तुम्हारा कच्चा चिठ्ठा खोलकर रख दूँगी..

ब्लॉगर बन्धु अपने-अपने “अनुभवों” पर आधारित टिप्पणियाँ इसमें जोड़ सकते हैं…. 🙂

Advertisements

>बीबियाँ ऐसे धमकाती होंगी ?

>हमेशा उत्सुकता होती है कि किसी प्रोफ़ेशन को लेकर बीबियाँ कैसे अपने-अपने पतियों को धमकाती होंगी ?

पायलट को : उडा़कर रख दूँगी
मन्त्री को : बस बहुत हुए आश्वासन
शिक्षक को : मुझे मत सिखाओ
पेंटर को : चेहरा लाल कर दूँगी
कारपेंटर को : ठोक कर सीधा कर दूँगी
डेंटिस्ट को : दाँत निकालकर हाथ में दे दूँगी
अभिनेता को : बस बहुत हुआ तुम्हारा नाटक
किराने वाले को : मुझे पुडिया मत दो, मैं तुम्हें खूब समझती हूँ
कम्प्यूटर वाले को : खबरदार, सारी हार्ड डिस्क फ़ॉरमेट कर दूँगी
ठेकेदार को : क्या मैंने तुम्हारा ठेका लिया है
मैकेनिक को : सारे नट-बोल्ट कस के रख दूँगी
धोबी को : ज्यादा चूं-चपड की तो धोकर रख दूँगी

और अन्त में…
ब्लॉगर को : तुम्हारा कच्चा चिठ्ठा खोलकर रख दूँगी..

ब्लॉगर बन्धु अपने-अपने “अनुभवों” पर आधारित टिप्पणियाँ इसमें जोड़ सकते हैं…. 🙂

मैनेजमेंट के दो मजेदार किस्से….

दो वर्ष तक नौकरी करने के बाद एक व्यक्ति को समझ में आया कि इन दो सालों में ना कोई प्रमोशन, ना ट्रांसफ़र, ना कोई तनख्वाह वृद्धि, और कम्पनी इस बारे में कुछ नहीं कर रही है.. उसने फ़ैसला किया कि वह HR मैनेजर से मिलेगा और अपनी बात रखेगा… लंच टाईम में वह HR मैनेजर से मिला और उसने अपनी समस्या रखी.. HR मैनेजर बोला, मेरे बच्चे तुमने इस कम्पनी में एक दिन भी काम नहीं किया है… कर्मचारी भौंचक्का हो गया और बोला – ऐसा कैसे.. पिछले दो वर्ष से मैं यहाँ काम कर रहा हूँ.. HR मैनेजर बोला – देखो मैं समझाता हूँ…
मैनेजर – एक साल में कितने दिन होते हैं ?
कर्मचारी – 365 या 366
मैनेजर – एक दिन में कितने घंटे होते हैं ?
कर्मचारी – 24 घंटे
मैनेजर – तुम दिन में कितने घंटे काम करते हो ?
कर्मचारी – सुबह 8.00 से शाम 4.00 तक, मतलब आठ घंटे..
मैनेजर – मतलब दिन का कितना भाग तुम काम करते हो ?
कर्मचारी – (हिसाब लगाता है) 24/8 = 3 एक तिहाई भाग
मैनेजर – बहुत बढिया..अब साल भर के 366 दिनों का एक-तिहाई कितना होता है ?
कर्मचारी – (???) 366/3 = 122 दिन..
मैनेजर – तुम “वीक-एण्ड” पर काम करते हो ?
कर्मचारी – नहीं
मैनेजर – साल भर में कितने वीक-एण्ड के दिन होते हैं ?
कर्मचारी – 52 शनिवार और 52 रविवार, कुल 104
मैनेजर – बढिया, अब 122 में से 104 गये तो कितने बचे ?
कर्मचारी – 18 दिन
मैनेजर – एक साल में दो सप्ताह की “सिक लीव” मैं तुम्हें देता हूँ, ठीक ?
कर्मचारी – जी
मैनेजर – 18 में से 14 गये, तो बचे 4 दिन, ठीक ?
कर्मचारी – जी
मैनेजर – क्या तुम मई दिवस पर काम करते हो ?
कर्मचारी – नहीं..
मैनेजर – क्या तुम 15 अगस्त,26 जनवरी और 2 अक्टूबर को काम करते हो ?
कर्मचारी – नहीं..
मैनेजर – जब तुमने एक दिन भी काम नहीं किया, फ़िर किस बात की शिकायत कर रहे हो भाई ?
===============================

ऐसे ही एक बार एक कम्पनी में लालू, आडवाणी और जया अम्मा काम कर रही होती हैं… लालू को खयाल आता है कि मुझे तनख्वाह में वृद्धि नहीं मिली, वे शिकायत करते हैं.. HR मैनेजर कहता है कि इसमें पक्षपात की कोई बात नहीं है, इन दोनो ने परीक्षा पास की है तभी इन्हें प्रमोशन मिला है । लालू कहते हैं कि फ़िर से परीक्षा ली जाये, मैं भी परीक्षा दूँगा.. HR मैनेजर कहता है.. ठीक है, सही उत्तर दोगे तभी प्रमोशन मिलेगा… पहला सवाल अंग्रेजी भाषा से है –
आडवाणी, तुम बताओ “कैट” की स्पेलिंग क्या है ?
आडवाणी – CAT
जया अब तुम बताओ – “मैन” की स्पेलिंग क्या है ?
जया – MAN
ठीक है, लालू अब तुम बताओ – “चेकोस्लोवाकिया” की स्पेलिंग क्या है ?
लालू – ???????
लालू फ़िर पक्षपात की शिकायत करते हैं… HR मैनेजर कहता है कि इस बार जीव विज्ञान की परीक्षा ले लेते हैं, ठीक है लालू.. लालू सोचते हैं कि भैंसों के बारे में मुझे बहुत ज्ञान है, देख लेंगे…
HR मैनेजर पूछता है – आडवाणी, बताओ घोडे़ के कितने पैर होते हैं ?
आडवाणी – चार
जया तुम बताओ – मछली कहाँ रहती है ?
जया – पानी में…
HR मैनेजर, बढिया… अब लालू तुम “हिप्पोपोटेमस” की आवाज निकालकर बताओ…
लालू – ???????
लालूजी उच्चाधिकारियों से एक बार फ़िर शिकायत करते हैं, HR मैनेजर कहता है कि यह अन्तिम बार है इस बार का विषय होगा – इतिहास । लालू सहमत हो जाते हैं ।
HR मैनेजर पूछता है – आडवाणी, पानीपत का युद्ध कहाँ हुआ था ?
आडवाणी – पानीपत में
HR – जया, बताओ उस युद्ध में कितने सैनिक मारे गये थे ?
जया – लगभग दो लाख…
HR मैनेजर – लालू जी उन सैनिकों के नाम लिखो…
लालूजी बेहोश हो जाते हैं…

दोनो कहानियों का सबक – यदि मैनेजमेंट चाहे तो वह कुछ भी कर सकता है...

>मैनेजमेंट के दो मजेदार किस्से….

>दो वर्ष तक नौकरी करने के बाद एक व्यक्ति को समझ में आया कि इन दो सालों में ना कोई प्रमोशन, ना ट्रांसफ़र, ना कोई तनख्वाह वृद्धि, और कम्पनी इस बारे में कुछ नहीं कर रही है.. उसने फ़ैसला किया कि वह HR मैनेजर से मिलेगा और अपनी बात रखेगा… लंच टाईम में वह HR मैनेजर से मिला और उसने अपनी समस्या रखी.. HR मैनेजर बोला, मेरे बच्चे तुमने इस कम्पनी में एक दिन भी काम नहीं किया है… कर्मचारी भौंचक्का हो गया और बोला – ऐसा कैसे.. पिछले दो वर्ष से मैं यहाँ काम कर रहा हूँ.. HR मैनेजर बोला – देखो मैं समझाता हूँ…
मैनेजर – एक साल में कितने दिन होते हैं ?
कर्मचारी – 365 या 366
मैनेजर – एक दिन में कितने घंटे होते हैं ?
कर्मचारी – 24 घंटे
मैनेजर – तुम दिन में कितने घंटे काम करते हो ?
कर्मचारी – सुबह 8.00 से शाम 4.00 तक, मतलब आठ घंटे..
मैनेजर – मतलब दिन का कितना भाग तुम काम करते हो ?
कर्मचारी – (हिसाब लगाता है) 24/8 = 3 एक तिहाई भाग
मैनेजर – बहुत बढिया..अब साल भर के 366 दिनों का एक-तिहाई कितना होता है ?
कर्मचारी – (???) 366/3 = 122 दिन..
मैनेजर – तुम “वीक-एण्ड” पर काम करते हो ?
कर्मचारी – नहीं
मैनेजर – साल भर में कितने वीक-एण्ड के दिन होते हैं ?
कर्मचारी – 52 शनिवार और 52 रविवार, कुल 104
मैनेजर – बढिया, अब 122 में से 104 गये तो कितने बचे ?
कर्मचारी – 18 दिन
मैनेजर – एक साल में दो सप्ताह की “सिक लीव” मैं तुम्हें देता हूँ, ठीक ?
कर्मचारी – जी
मैनेजर – 18 में से 14 गये, तो बचे 4 दिन, ठीक ?
कर्मचारी – जी
मैनेजर – क्या तुम मई दिवस पर काम करते हो ?
कर्मचारी – नहीं..
मैनेजर – क्या तुम 15 अगस्त,26 जनवरी और 2 अक्टूबर को काम करते हो ?
कर्मचारी – नहीं..
मैनेजर – जब तुमने एक दिन भी काम नहीं किया, फ़िर किस बात की शिकायत कर रहे हो भाई ?
===============================

ऐसे ही एक बार एक कम्पनी में लालू, आडवाणी और जया अम्मा काम कर रही होती हैं… लालू को खयाल आता है कि मुझे तनख्वाह में वृद्धि नहीं मिली, वे शिकायत करते हैं.. HR मैनेजर कहता है कि इसमें पक्षपात की कोई बात नहीं है, इन दोनो ने परीक्षा पास की है तभी इन्हें प्रमोशन मिला है । लालू कहते हैं कि फ़िर से परीक्षा ली जाये, मैं भी परीक्षा दूँगा.. HR मैनेजर कहता है.. ठीक है, सही उत्तर दोगे तभी प्रमोशन मिलेगा… पहला सवाल अंग्रेजी भाषा से है –
आडवाणी, तुम बताओ “कैट” की स्पेलिंग क्या है ?
आडवाणी – CAT
जया अब तुम बताओ – “मैन” की स्पेलिंग क्या है ?
जया – MAN
ठीक है, लालू अब तुम बताओ – “चेकोस्लोवाकिया” की स्पेलिंग क्या है ?
लालू – ???????
लालू फ़िर पक्षपात की शिकायत करते हैं… HR मैनेजर कहता है कि इस बार जीव विज्ञान की परीक्षा ले लेते हैं, ठीक है लालू.. लालू सोचते हैं कि भैंसों के बारे में मुझे बहुत ज्ञान है, देख लेंगे…
HR मैनेजर पूछता है – आडवाणी, बताओ घोडे़ के कितने पैर होते हैं ?
आडवाणी – चार
जया तुम बताओ – मछली कहाँ रहती है ?
जया – पानी में…
HR मैनेजर, बढिया… अब लालू तुम “हिप्पोपोटेमस” की आवाज निकालकर बताओ…
लालू – ???????
लालूजी उच्चाधिकारियों से एक बार फ़िर शिकायत करते हैं, HR मैनेजर कहता है कि यह अन्तिम बार है इस बार का विषय होगा – इतिहास । लालू सहमत हो जाते हैं ।
HR मैनेजर पूछता है – आडवाणी, पानीपत का युद्ध कहाँ हुआ था ?
आडवाणी – पानीपत में
HR – जया, बताओ उस युद्ध में कितने सैनिक मारे गये थे ?
जया – लगभग दो लाख…
HR मैनेजर – लालू जी उन सैनिकों के नाम लिखो…
लालूजी बेहोश हो जाते हैं…

दोनो कहानियों का सबक – यदि मैनेजमेंट चाहे तो वह कुछ भी कर सकता है...

दो मजेदार चुटकुले…

पहला –
शादी से पहले –

मर्द – आहा..अन्ततः.. कितना मुश्किल था इन्तजार करना…
औरत – क्या तुम मुझे छोड़ सकते हो ?
मर्द – नहीं..नहीं.. तुमने ऐसा सोचा भी कैसे ?
औरत – क्या तुम मुझे प्यार करते हो ?
मर्द – बिलकुल, बिलकुल
औरत – क्या तुमने कभी मुझे धोखा दिया है ?
मर्द – नहीं तो..ऐसा तुम क्यों पूछ रही हो ?
औरत – ठीक..क्या तुम मुझे किस करोगे ?
मर्द – हाँ, हाँ
औरत – क्या तुम मुझे पीटोगे ?
मर्द – नहीं, नहीं, मैं उस तरह का आदमी नहीं हूँ..
औरत – क्या मैं तुम पर विश्वास कर सकती हूँ ?
मर्द – हाँ..

और शादी के बाद –
कृपया पूरा मैटर दोबारा नीचे से ऊपर की ओर पढें…
=========================
दूसरा –
चार दोस्त अपनी-अपनी पालतू बिल्लियों के गुणगान बखान कर रहे थे । उनमें से एक इंजीनियर था, दूसरा अकाऊंटेण्ट, तीसरा केमिस्ट था और चौथा सरकारी कर्मचारी । उन लोगों ने अपनी बिल्लियों के नाम भी अपने पेशे के हिसाब से रखे थे.. तय हुआ कि किसकी बिल्ली अधिक प्रतिभाशाली है साबित किया जाये…
इंजीनियर ने अपनी बिल्ली को पुकारा – “टी-स्क्वेयर” यहाँ आओ..
बिल्ली आई, उसने टेबल पर एक कागज बिछाया, उस पर पेन से एक त्रिकोण और चतुर्भुज बनाया..
बाकी के तीनों मित्र बहुत प्रभावित हुए, उन्होंने माना कि वाकई बिल्ली प्रतिभाशाली है…
फ़िर अकाऊंटेण्ट ने पुकारा – “स्प्रेडशीट” अपना काम करो..
बिल्ली आई..किचन में जाकर १२ बिस्कुट लाई.. उन बिस्किटों के बराबर-बराबर चार हिस्से करके तीन-तीन बिस्कुट अलग-अलग रखे..
तीनों मित्र मान गये कि वाह.. क्या प्रतिभाशाली बिल्ली है..
केमिस्ट ने पुकारा – “मिक्स्चर” अपना काम बताओ..
बिल्ली किचन में गई, दराज से दूध की बोतल निकाली, ठीक एक पाव दूध गिलास में लिया फ़िर पानी लेकर बिलकुल ठीक सौ ग्राम पानी उसमें मिलाया… बगैर एक भी बूँद छलकाये… सभी दोस्त उस बिल्ली से बहुत प्रभावित हुए..
अब नम्बर आया सरकारी कर्मचारी का, उसने भी पुकारा – “कॉफ़ी-ब्रेक” अपना काम दिखाओ..
बिल्ली टेबल पर कूदी, सारे बिस्किट खा लिये, दूध एक झटके में पी लिया, त्रिभुज-चतुर्भुज वाले कागज से हाथ पोंछे… बाकी तीनों बिल्लियों को घूरकर देखा.. फ़िर उसने शिकायत की इस काम के दौरान वह घायल हो गई है और मालिक पर काम की स्थितियाँ ठीक न होने का आरोप लगाकर इस नुकसान की भरपाई की माँग की… और “कैजुअल लीव” लेकर आराम करने चली गई…
बताओ कौन सी बिल्ली अधिक प्रतिभाशाली है ?
==================

>दो मजेदार चुटकुले…

>पहला –
शादी से पहले –

मर्द – आहा..अन्ततः.. कितना मुश्किल था इन्तजार करना…
औरत – क्या तुम मुझे छोड़ सकते हो ?
मर्द – नहीं..नहीं.. तुमने ऐसा सोचा भी कैसे ?
औरत – क्या तुम मुझे प्यार करते हो ?
मर्द – बिलकुल, बिलकुल
औरत – क्या तुमने कभी मुझे धोखा दिया है ?
मर्द – नहीं तो..ऐसा तुम क्यों पूछ रही हो ?
औरत – ठीक..क्या तुम मुझे किस करोगे ?
मर्द – हाँ, हाँ
औरत – क्या तुम मुझे पीटोगे ?
मर्द – नहीं, नहीं, मैं उस तरह का आदमी नहीं हूँ..
औरत – क्या मैं तुम पर विश्वास कर सकती हूँ ?
मर्द – हाँ..

और शादी के बाद –
कृपया पूरा मैटर दोबारा नीचे से ऊपर की ओर पढें…
=========================
दूसरा –
चार दोस्त अपनी-अपनी पालतू बिल्लियों के गुणगान बखान कर रहे थे । उनमें से एक इंजीनियर था, दूसरा अकाऊंटेण्ट, तीसरा केमिस्ट था और चौथा सरकारी कर्मचारी । उन लोगों ने अपनी बिल्लियों के नाम भी अपने पेशे के हिसाब से रखे थे.. तय हुआ कि किसकी बिल्ली अधिक प्रतिभाशाली है साबित किया जाये…
इंजीनियर ने अपनी बिल्ली को पुकारा – “टी-स्क्वेयर” यहाँ आओ..
बिल्ली आई, उसने टेबल पर एक कागज बिछाया, उस पर पेन से एक त्रिकोण और चतुर्भुज बनाया..
बाकी के तीनों मित्र बहुत प्रभावित हुए, उन्होंने माना कि वाकई बिल्ली प्रतिभाशाली है…
फ़िर अकाऊंटेण्ट ने पुकारा – “स्प्रेडशीट” अपना काम करो..
बिल्ली आई..किचन में जाकर १२ बिस्कुट लाई.. उन बिस्किटों के बराबर-बराबर चार हिस्से करके तीन-तीन बिस्कुट अलग-अलग रखे..
तीनों मित्र मान गये कि वाह.. क्या प्रतिभाशाली बिल्ली है..
केमिस्ट ने पुकारा – “मिक्स्चर” अपना काम बताओ..
बिल्ली किचन में गई, दराज से दूध की बोतल निकाली, ठीक एक पाव दूध गिलास में लिया फ़िर पानी लेकर बिलकुल ठीक सौ ग्राम पानी उसमें मिलाया… बगैर एक भी बूँद छलकाये… सभी दोस्त उस बिल्ली से बहुत प्रभावित हुए..
अब नम्बर आया सरकारी कर्मचारी का, उसने भी पुकारा – “कॉफ़ी-ब्रेक” अपना काम दिखाओ..
बिल्ली टेबल पर कूदी, सारे बिस्किट खा लिये, दूध एक झटके में पी लिया, त्रिभुज-चतुर्भुज वाले कागज से हाथ पोंछे… बाकी तीनों बिल्लियों को घूरकर देखा.. फ़िर उसने शिकायत की इस काम के दौरान वह घायल हो गई है और मालिक पर काम की स्थितियाँ ठीक न होने का आरोप लगाकर इस नुकसान की भरपाई की माँग की… और “कैजुअल लीव” लेकर आराम करने चली गई…
बताओ कौन सी बिल्ली अधिक प्रतिभाशाली है ?
==================

>नई भरती कैसे की जाये ?

>यदि आपको अपनी कम्पनी में कुछ कर्मचारी नियुक्त करने हैं तो यह तरीका आजमाईये –
एक बडे़ कमरे में सौ ईंटें रख दीजिये और दो-तीन उम्मीदवारों को कमरे में भेजकर दरवाजा बन्द कर दीजिये…
छः घण्टे बाद वापस आकर देखिये कि उन्होंने क्या किया, नौकरी पर रखने हेतु परिणाम इस प्रकार हैं –
(१) यदि वे लोग ईंटें गिन रहे हैं तो उन्हें “अकाऊंट्स” विभाग में भेजिये ।
(२) यदि वे दोबारा ईंटें गिन रहे हैं तो उन्हें “ऑडिट” विभाग में नौकरी दीजिये ।
(३) यदि पूरा कमरा ईंटों से बेतरतीब भरा हुआ है, तो उन्हें “इंजिनियरिंग” विभाग में भेजिये ।
(४) यदि वे ईंटों को ना समझ में आने वाले तरीके से जमा रहे हैं, तो उन्हें “प्लानिंग” विभाग में भेजिये ।
(५) यदि वे एक दूसरे को ईंटें मार रहे हों, तो उन्हें “ऑपरेशन” विभाग में भेजिये ।
(६) यदि सभी लोग सो रहे हों, तो उन्हें “सिक्योरिटी” विभाग में भेजिये ।
(७) यदि वे लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हों, तो उन्हें “ह्यूमन रिसोर्स” विभाग में भेजिये ।
(८) यदि वे आपसे कहें कि उन्होंने बहुत कोशिश की लेकिन एक भी ईंट नहीं जमा सके, तो उनके लिये “सेल्स” विभाग ठीक रहेगा ।
(९) यदि उन्होंने कोई यूनियन बना ली हो, तो उन्हें पश्चिम बंगाल या केरल भेजना ही ठीक होगा ।
(१०) और सबसे अन्त में मुख्य बात, यदि वे आपस में छः घंटे से मीटिंग कर रहे हों कि शुरुआत कैसे करें, तो उन्हें बधाई देकर “मैनेजमेण्ट” विभाग में भेजिये ।

स्रोत : मेल-मण्डली

नई भरती कैसे की जाये ?

यदि आपको अपनी कम्पनी में कुछ कर्मचारी नियुक्त करने हैं तो यह तरीका आजमाईये –
एक बडे़ कमरे में सौ ईंटें रख दीजिये और दो-तीन उम्मीदवारों को कमरे में भेजकर दरवाजा बन्द कर दीजिये…
छः घण्टे बाद वापस आकर देखिये कि उन्होंने क्या किया, नौकरी पर रखने हेतु परिणाम इस प्रकार हैं –
(१) यदि वे लोग ईंटें गिन रहे हैं तो उन्हें “अकाऊंट्स” विभाग में भेजिये ।
(२) यदि वे दोबारा ईंटें गिन रहे हैं तो उन्हें “ऑडिट” विभाग में नौकरी दीजिये ।
(३) यदि पूरा कमरा ईंटों से बेतरतीब भरा हुआ है, तो उन्हें “इंजिनियरिंग” विभाग में भेजिये ।
(४) यदि वे ईंटों को ना समझ में आने वाले तरीके से जमा रहे हैं, तो उन्हें “प्लानिंग” विभाग में भेजिये ।
(५) यदि वे एक दूसरे को ईंटें मार रहे हों, तो उन्हें “ऑपरेशन” विभाग में भेजिये ।
(६) यदि सभी लोग सो रहे हों, तो उन्हें “सिक्योरिटी” विभाग में भेजिये ।
(७) यदि वे लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हों, तो उन्हें “ह्यूमन रिसोर्स” विभाग में भेजिये ।
(८) यदि वे आपसे कहें कि उन्होंने बहुत कोशिश की लेकिन एक भी ईंट नहीं जमा सके, तो उनके लिये “सेल्स” विभाग ठीक रहेगा ।
(९) यदि उन्होंने कोई यूनियन बना ली हो, तो उन्हें पश्चिम बंगाल या केरल भेजना ही ठीक होगा ।
(१०) और सबसे अन्त में मुख्य बात, यदि वे आपस में छः घंटे से मीटिंग कर रहे हों कि शुरुआत कैसे करें, तो उन्हें बधाई देकर “मैनेजमेण्ट” विभाग में भेजिये ।

स्रोत : मेल-मण्डली

>अपना गणित सुधार लें

>लोग कहते हैं कि गणित बहुत ही कठिन विषय होता है… सही भी होगा (मेरा तो है), जैसे कि जीवन का गणित भी उतना आसान नहीं होता, ना ही रिश्तों का, लेकिन जब हम आसपास नजर दौडाते हैं तो पाते हैं कि गणित कितना आसान है, लीजिये नमूना हाजिर है –
(१) रोनाधोना (x) बदले की आग (x) बेवफ़ाई (x) करोडों का झगडा = एकता कपूर सीरियल
(२) स्विटजरलैण्ड + लन्दन + न्यूजीलैण्ड + कनाडा में चार दिन = हिन्दी फ़िल्म का एक गाना
(३) एक सगाई + दो शादी गीत + बडी हवेली + चार सौ रिश्तेदार = सूरज बडजात्या
(४) एक व्यक्ति (-) शर्ट = सलमान खान
(५) सुष्मिता सेन (-) १.२ फ़ुट = आमिर खान
(६) सुषमा + जयललिता (-) ममता (x) मायावती = वाजपेयी का सिरदर्द
(७) पच्चीस दल + अस्सी मन्त्री + क्षेत्रीयतावाद (x) माँगें = वाजपेयी के घुटनों का दर्द
(८) भ्रष्टाचार + गुंडागर्दी + अनैतिकता + अपराध (-) इन्सानियत = नेता
(९) दसवीं + बारहवीं + बी.एससी. + एमबीए = बेरोजगारी
(१०) लालफ़ीताशाही + शिक्षा का मजाक + आरक्षण + भाई-भतीजावाद = विदेश जाता भारतीय युवा
(११) चीन का एक जिमनास्ट = ओलम्पिक के उदय से अब तक भारत के कुल पदक
(१२) कार्ल लुईस = सन 3000 तक एथलेटिक्स में भारत के कुल ओलम्पिक पदक
(१३) एक सचिन तेंडुलकर = ४ इयान चैपल + १२ माइकल एथरटन + …………………
ऐसे और भी आसान से दिखने वाले गणित हमारे चारों तरफ़ बिखरे पडे हैं, जरा नजर तो दौडाईये… खुद भी मजा लीजिये और मुझे भी बताईये…

अपना गणित सुधार लें

लोग कहते हैं कि गणित बहुत ही कठिन विषय होता है… सही भी होगा (मेरा तो है), जैसे कि जीवन का गणित भी उतना आसान नहीं होता, ना ही रिश्तों का, लेकिन जब हम आसपास नजर दौडाते हैं तो पाते हैं कि गणित कितना आसान है, लीजिये नमूना हाजिर है –
(१) रोनाधोना (x) बदले की आग (x) बेवफ़ाई (x) करोडों का झगडा = एकता कपूर सीरियल
(२) स्विटजरलैण्ड + लन्दन + न्यूजीलैण्ड + कनाडा में चार दिन = हिन्दी फ़िल्म का एक गाना
(३) एक सगाई + दो शादी गीत + बडी हवेली + चार सौ रिश्तेदार = सूरज बडजात्या
(४) एक व्यक्ति (-) शर्ट = सलमान खान
(५) सुष्मिता सेन (-) १.२ फ़ुट = आमिर खान
(६) सुषमा + जयललिता (-) ममता (x) मायावती = वाजपेयी का सिरदर्द
(७) पच्चीस दल + अस्सी मन्त्री + क्षेत्रीयतावाद (x) माँगें = वाजपेयी के घुटनों का दर्द
(८) भ्रष्टाचार + गुंडागर्दी + अनैतिकता + अपराध (-) इन्सानियत = नेता
(९) दसवीं + बारहवीं + बी.एससी. + एमबीए = बेरोजगारी
(१०) लालफ़ीताशाही + शिक्षा का मजाक + आरक्षण + भाई-भतीजावाद = विदेश जाता भारतीय युवा
(११) चीन का एक जिमनास्ट = ओलम्पिक के उदय से अब तक भारत के कुल पदक
(१२) कार्ल लुईस = सन 3000 तक एथलेटिक्स में भारत के कुल ओलम्पिक पदक
(१३) एक सचिन तेंडुलकर = ४ इयान चैपल + १२ माइकल एथरटन + …………………
ऐसे और भी आसान से दिखने वाले गणित हमारे चारों तरफ़ बिखरे पडे हैं, जरा नजर तो दौडाईये… खुद भी मजा लीजिये और मुझे भी बताईये…

« Older entries